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दिव्यांशु रंजन 🇮🇳
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दिव्यांशु रंजन 🇮🇳
@DivyanshuX
*दम शख्सियत में होनी चाहिए जनाब* *तभी तो पिंजरे में बन्द शेर से भी लोग ख़ौफ़ खाते है* ‼🔱 *जय श्री राम* 🔱!! * जय महाकाल*
झारखण्ड, भारत Katılım Mart 2020
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सही उत्तर देकर बनें इनाम पाने का हकदार
अमृत भारत एक्सप्रेस क्विज
कमेंट बॉक्स में कृपया सही उत्तर लिखें, प्रतिदिन लकी ड्रा के माध्यम से चयनित दो विजेताओं को @IRCTCofficial की ओर से प्रायोजित गिफ्ट दिया जाएगा।

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ब्राह्मण में ऐसा क्या है कि सारी
दुनिया ब्राह्मण के पीछे पड़ी है।
इसका उत्तर इस प्रकार है।
#Thread 🧵

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3 ) अगर आप का जन्म 3,12,21 या 30 तारीख को हुआ है तो उनका मूलांक 3 है। मूलांक 3 का स्वामी ग्रह बृहस्पति है, जो सभी ग्रहों के गुरु हैं। मूलांक 3 वाले व्यक्ति बड़े स्वाभिमानी होते हैं। किसी के आगे झुकना इन्हें पसंद नहीं होता। 3 मूलांक वाले बड़े संघर्षशील, श्रमजीवी तथा कष्टों से हार न मानने वाले होते हैं। 3 मूलांक वाले शिक्षा से जुड़े और ज्ञान देने वाले होते है दिल के बहुत साफ और बुद्धि से बहुत समझदार होते है साथ ही ये अच्छे विचारक, दूरदर्शी, संभावित घटनाओ घटनाओं ओ को को भांप लेने वाले होते हैं। 3 मूलांक वालो को गुरु को धारण जरूर करना चाहिए या गुरु समान लौंगो का आदर करना चाहिए। इन के लिए विष्णु भगवान की पूजा करना बहुत लाभकारी है।
स्वामी ग्रह: बृहस्पति (गुरु)
मंत्र: “ॐ बृं बृहस्पतये नमः”

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@SunilKrSahu भगवान माता जी को अपने चरणों में स्थान प्रदान करें और पूरे परिवार को इस अपार दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें।🙏
ऊँ शांति 🙏
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श्लोक :-
जलेन वृष्टिमाप्नोति व्याधिशांत्यै कुशोदकै।
दध्ना च पशुकामाय श्रिया इक्षुरसेन वै।।
मध्वाज्येन धनार्थी स्यान्मुमुक्षुस्तीर्थ वारिणा।
पुत्रार्थी पुत्रमाप्नोति पयसा चाभिषेचनात।।
बन्ध्या वा काकबंध्या वा मृतवत्सा यांगना।
जवरप्रकोपशांत्यर्थम् जलधारा शिवप्रिया।।
घृतधारा शिवे कार्या यावन्मन्त्रसहस्त्रकम्।
तदा वंशस्यविस्तारो जायते नात्र संशय:।।
प्रमेह रोग शांत्यर्थम् प्राप्नुयात मान्सेप्सितम।
केवलं दुग्धधारा च वदा कार्या विशेषत:।।
शर्करा मिश्रिता तत्र यदा बुद्धिर्जडा भवेत्।
श्रेष्ठा बुद्धिर्भवेत्तस्य कृपया शङ्करस्य च!!
सार्षपेनैव तैलेन शत्रुनाशो भवेदिह!
पापक्षयार्थी मधुना निर्व्याधि: सर्पिषा तथा।।
जीवनार्थी तू पयसा श्रीकामीक्षुरसेन वै।
पुत्रार्थी शर्करायास्तु रसेनार्चेतिछवं तथा।।
महलिंगाभिषेकेन सुप्रीत: शंकरो मुदा।
कुर्याद्विधानं रुद्राणां यजुर्वेद्विनिर्मितम्।
👉भावार्थ👈
- जल से रुद्राभिषेक करने पर वृष्टि होती है।
- कुशा जल से अभिषेक करने पर रोग व दु:ख से छुटकारा मिलता है।
- दही से अभिषेक करने पर पशु, भवन तथा वाहन की प्राप्ति होती है।
- गन्ने के रस से अभिषेक करने पर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
- मधुयुक्त जल से अभिषेक करने पर धनवृद्धि होती है।
- तीर्थ जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- इत्र मिले जल से अभिषेक करने से रोग नष्ट होते हैं।
- दूध से अभिषेक करने से पुत्र प्राप्ति होगी। प्रमेह रोग की शांति तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
- गंगा जल से अभिषेक करने से ज्वर ठीक हो जाता है।
- दूध-शर्करा मिश्रित अभिषेक करने से सद्बुद्धि की प्राप्ति होती है।
- घी से अभिषेक करने से वंश विस्तार होता है।
- सरसों के तेल से अभिषेक करने से रोग तथा शत्रुओं का नाश होता है।
- शुद्ध शहद से रुद्राभिषेक करने से पाप क्षय होतm
1. शिवलिंग पर कच्चे चावल चढ़ाने से धन-संपत्ति की प्राप्ति होती है।
2. शिवलिंग पर जौ चढ़ाने से लंबे समय से चली रही परेशानी दूर होती है।
3. शिवलिंग पर शमी के पेड़ के पत्तों को चढ़ाने से सभी तरह के दु:खों से मुक्ति प्राप्त होती है।
4. शिवलिंग पर गेहूं चढ़ाने से सुयोग्य पुत्र की प्राप्ति होती है।
5. शिवलिंग पर जल चढ़ाने से परिवार के किसी सदस्य का तेज बुखार कम हो जाने की मान्यता है।
6. शिवलिंग पर दूध में चीनी मिलाकर चढ़ाने से बच्चों का मस्तिष्क तेज होता है।
7. शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से सभी सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है।
8. शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाने से मनुष्य को भौतिक सुखों के साथ-साथ मोक्ष की प्राप्ति भी होती है।
9. शिवलिंग पर शहद अर्पित करना करने से टीबी या मधुमेह की समस्या में राहत मिलती है।
10. शिवलिंग पर गाय के दूध से बना शुद्ध देसी घी चढ़ाने से शारीरिक दुर्बलता से मुक्ति मिलती है।
11 तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।
🙏🙏शिवपुराण की रुद्र संहिता में भगवान शिव का विभिन्न पुष्पों से पूजन करने तथा उनसे प्राप्त होने वाले फलों का विस्तृत वर्णन मिलता है जो इस प्रकार है-🙏🙏
- लाल व सफेद आंकड़े के फूल से शिव का पूजन करने पर भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है।
- अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने से मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है।
- शमी पत्रों से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है।
- बेला के फूल से पूजन करने पर शुभ लक्षणों से युक्त पत्नी मिलती है।
- जूही के फूल से शिव का पूजन करें तो घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।
- कनेर के फूलों से शिव पूजन करने से नवीन वस्त्रों की प्राप्ति होती है।
- हरसिंगार के पुष्पों से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है।
- धतूरे के पुष्प से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशन करता है।
- लाल डंठलवाला धतूरा पूजन में शुभ माना गया है।
- दूर्वा से पूजन करने पर आयु बढ़ती है
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@drmrnc @RailwaySeva @drmdhnecr Both the problems of the coach have been solved. Thank you to Indian Railways for taking quick action.
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@RailwaySeva @DivyanshuX @drmdhnecr Dear Passenger, we sincerely apologize for any inconvenience caused, According to the passenger , your's complaint regarding no water , Message has been given to next watering point for watering in coach .
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प्रत्येक राशि के जातकों का वैवाहिक जीवन तथा उनके जीवन साथी के साथ संबंध -
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1 . मेष - ऐसे जातक / जातिका को निडर, आत्म विश्वास से परिपूर्ण, स्वतंत्र विचार के जीवनसाथी होते हैं, इनके स्वभाव झलकता है, दोस्ती हो या स्नेह लगाव, अगर ये प्यार करेंगे तो पूरे विश्वास एवं जुनून के साथ, ये जैसे लगाव रखेंगे ठीक उसी प्रकार की उम्मीद भी जीवनसाथी से करते हैं। इन्हें स्वतंत्रता बेहद प्रिय है, शादी बाद मेष राशि के जातक / जातिका को अपने के आधीन रखने की कोशिश करेंगे, तो ऐसा रिश्ता संभल पाना मुश्किल होता है। इन्हें जो सही लगेगा वही करेंगे, दूसरों की बातों पर आंख बंद कर विश्वास नहीं करते।

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@akhileshsi1 Kal bahut logo ne status lgaya tha ye video 😂
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