Shekhar Ghosh

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@GhShekhar

Special Correspondent & Bureau Chief, Dainik Bhaskar l Neither Left nor Right or Centre l Here for short but serious comment on contemporary issues

Delhi Katılım Ekim 2013
162 Takip Edilen288 Takipçiler
Shekhar Ghosh
Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@PMOIndia,@AmitShah,@LtGovDelhi,@gupta_rekha,@MCD_Delhi,@CPDelhi,@DelhiAirport,@rashim_s दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से कद्दू मिल गई पर ब्राउनी की तलाश जारी है। डायल इस बारे में जो कहे पर कोर्ट के मांगने पर आईजीआई एयरपोर्ट के एक्शन टेकन रिपोर्ट से साफ हो रहा है कद्दू और ब्राउन को गायब करने में डायल का हाथ था, कोर्ट उसी दिशा में बढ़ रही है। इस मामले में डायल पुलिस सब जांच को प्रभावित कर रहे है। मजबूरन कलन्दरा दिया गया है। पशु प्रेमी कुत्तों को 6बजे सुबह ही भोजन देते है तो भूख लगने के बाद कुत्तों को भोजन के तलाश में शाम को फिर निकल पड़ते है। उनका सामना उस समय में एयरपोर्ट पर पर भाड़ी भीड़, क्रूमेंबर, यात्री से होता है। सेनिटेशन के कर्मचारियों ने बताया कि लेटे या कोई भोजन के कियोस्क पर इंतजार कर रहे कुत्तों के पैर पूंछ पर रखने से कुत्ता के द्वारा खुद के बचाव में चिल्लाने , यात्री के किए गए गुस्से के कॉल को एमसीडी को डॉग बाइट का केस बना देते है। एयरपोर्ट पर कुत्तों को भोजन उपलब्ध करवाने वाले पशुप्रेमियों का कहना है कि जानवर को दिन में एक बार भोजन मिलना ठीक नही है। पशु प्रेमियों के अनुसार सारा परेशानी तब शुरू हुई है जब डायल के द्वारा सीएसआर फंड से कुत्तों कैब शाम को दी जाने वाली भोजन को बंद कर दिया है।
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@rashim_s पुलिस का कार्य बेहद निंदनीय है। यह पुलिस का क्रूर चेहरा है
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rashim s
rashim s@rashim_s·
हरियाणा में एक अजीब घटना सामने आई — पुलिस की वैन में dogs को relocate किया जा रहा था। जब caregiver ने रोकने की कोशिश की, तो PCR van द्वारा उनकी गाड़ी को block किया गया। जब dogs का sterilisation और vaccination MCD/नगर निकाय द्वारा किया जाता है, तो फिर यह relocation किस कानून के तहत हो रहा है? कौन-सा नियम follow किया जा रहा है? @cmohry @NayabSainiBJP @HissarPolice @police_haryana @RajatSharmaLive @ajitanjum @JagranNews @DainikBhaskar @Manekagandhibjp @RahulGandhi @AmbikaShukla15 @fpjindia @GhShekhar
rashim s@rashim_s

Just a day after the inclusion in NCRB is announced, here is a reality that makes one question.... everything MCD follow ho rahi hai...they say.... @cmohry @Manekagandhibjp @DrMohanBhagwat @rashtrapatibhvn @RahulGandhi @AmbikaShukla15 @law_ninja @GhShekhar

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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@rashim_s बहुत ही निंदनीय है, पुलिस के क्रूर चेहरे है
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
पशुप्रेमियों की बहुत बड़ी जीत है कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो एनसीआरबी ने पहली बार क्रीम इन इंडिया 2024 के रिपोर्ट में प्रिवेंशन ऑफ़ क्रुएलिटी एनिमल्स एक्ट 1960 के तहत दर्ज अपराधों को शामिल किया है। देश में पशुओं के प्रति होने वाली 2024 में कुल 9039 एफआईआर की संख्या बेहद नगण्य है पर यह खुशी की बात है कि इसकी शुरुआत हो गई है। नई दिल्ली के दैनिक भास्कर के 08-05-2026 एडिशन की यह खबर जरूर पढ़ें। दैनिक भास्कर ई-पेपर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करके ऐप इंस्टॉल करें - dainik.bhaskar.com/DJbkvGRrX2b
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
जिस दिन झूठे मुकदमे पर पुलिस को, झूठे मुकदमे पर वकील को, गलत फैसले देने पर जज को, झूठे बयान देने पर नेता को और झूठी खबर छापने वाले पत्रकारों को कड़ी सजा मिलने लगेगी उस दिन से देश का उत्थान शुरू हो जाएगा...।
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@myogiadityanath जी इन्हें पहचानिए यह हैं हरदोई के 52 वर्षीय मोहम्मद शफीक । इसका कुकृत्य है कि इस कमीने ने एक फीमेल डाग के साथ ही कुकृत्य कर डाला। अब पुलिस के शिकंजे में हैं। इसकी खातिरदारी के साथ यह भी पता लगवाइए की इसने कितने मां बहनों,बेटियों के साथ कुकृत्य किया।ऐसे भेड़िए के साथ कठोर कारवाई होनी चाहिए।
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@PMOIndia,@AmitShah,@LtGovDelhi,@gupta_rekha,@MCD_Delhi दवा कंपनियों के साथ मिलकर आयुर्वेद विभाग के अधिकारी न केवल एमसीडी को चूना लगा रही है, बल्कि मरीजो के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। दवा कंपनियों के द्वारा एमसीडी के साथ बिना कॉन्टैक्ट किए दवा का लॉट उठा लेना। दवाओं के सेल्फ लाइफ और एक्सपायरी के शर्तो को नजरअंदाज कर दवाओं की खरीद बड़ी भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। पर अब कमिश्नर संजीव ख़िरबार जी जिस तरह से एमसीडी में भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों कर्मचारियों पर कारवाई शुरू की है इससे लोगों की उम्मीद काफी बढ़ गई है। उत्तरी शाहदरा में एएसआई राजकुमार सोलंकी के सुसाइड मामले में एमसीडी के सेनेटरी एसएस हरेंद्र कुमार और इंस्पेक्टर शीश कुमार को सस्पेंड करना है।
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@PMOIndia,@AmitShah,@dprdhanbjp,@ncert माननीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी मैं 2दिसंबर 25 से ही एनसीईआरटी की कारगुजारियों की जानकारी देश के छात्रों के भविष्य को देखते हुए इस संवेदनशील विषय को आपके संज्ञान में लाने की कोशिश की थी,मेरा मकसद उसी समय आपसे मिलकर देश के छात्रों को समय पर किताब उपलब्ध करवाना था।पर साहब आप तो देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री है, प्रयास के बाद भी आपके ओएसडी, पीए के होते हुए आप तक नहीं पहुंच चुका। इसके बाद 15 दिसंबर को एनसीईआरटी के माननीय प्रोफेसर श्री निवासन के कारनामों को प्रकाशित किया था।एनसीईआरटी के प्रो श्री निवासन ने किस तरह जिस वेंडर का टर्न ओवर ही 10 करोड़ रुपए की थी, उसे 121.84 करोड़ रुपए का टेंडर दे दिया। माननीय धर्मेंद्र प्रधानजी आप अगर उस समय भी इस पर ध्यान देते तो आज देश भर के छात्र किताबों के लिए नही भटकते। आप सोचे हैं की मार्च में छात्रों की पढ़ाई शुरू हो गई किताबें उनके हाथ में नहीं है। आज भी किताबों को छापना शुरू किया तो कब छपेगी,कब बाइंडिंग होगी। छात्र कब पढ़ेंगे, बताइए कैसे पेपर देंगे। माननीय प्रधानजी आप अब भी वेंडर और टेंडर देने वाले प्रो श्री निवासनजी को निलंबित कर देश के छात्रों को न्याय देंगे या उन्हें इसी तरह का घपला करने के लिए और मौका देंगे... नई दिल्ली के दैनिक भास्कर के 05-05-2026 एडिशन की यह खबर जरूर पढ़ें।दैनिक भास्कर ई-पेपर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करके ऐप इंस्टॉल करें - dainik.bhaskar.com/dZtWqR3tS2b
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@PMOIndia,@AmitShah,@LtGovDelhi,@gupta_rekha,@MCD_Delhi इलेक्ट्रिक स्वीपिंग मशीन दिल्ली में प्रदूषण से बचाव के लिए क्रांतिकारी कदम साबित होगा। झाड़ू से सफाई के दौरान काफी धूल वायुमंडल में मिल कर प्रदूषण पैदा करती है।इलेक्ट्रिक स्वीपिंग मशीन से धूल को शक कर जगह को विदेशों के तरह प्रदूषण रहित सफाई होगी
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@narendramodi,@AmitShah,@LtGovDelhi,@gupta_rekha,@MCD_Delhi,@DelhiAirport,@delhipolice यात्रियों, डॉयल, एमसीडी से पूछताछ के बाद सामने आया है कि डॉयल एयरपोर्ट पर मौजूद करीब 250 कुत्तों के साथ यात्री को काटने आड़ में लगातार उत्पीड़न कर रहा है। ये कुत्ते सुरक्षित नहीं है। इस मामले में एयरपोर्ट पुलिस भी चुप है डॉयल का साथ दे रही है। एमसीडी के अधिकारियों ने नाम नही उजागर के शर्त पर बताया कि डॉयल डॉग बाइट की सूचना देती रहती थी,पर जब शिकायत पर पहुंचा तो शिकायत गलत थी। कर्मचारियों का कहना है कि डॉयल झूठी शिकायत कर कुत्तों को वहां से हटाने के लिए दबाब बनाता है जो डॉग बर्थ रूल का उल्लंघन है। जब एमसीडी ने डॉयल के इस दबाव को मानने से मना कर दिया तो अपने ही कांट्रेक्टरों के माध्यम से वहां पर मौजूद कुत्तों को पकड़कर हटाने की कोशिश की है। एमसीडी ने बताया कि हमें इस बात की शिकायत नहीं मिली है। डॉयल के अधिकारी का साफ 2 साफ अमानवीय रूप से कहना है कि कुत्ते यात्रियों को काटते है। पशु प्रेमियों का आरोप है कि यह समस्या करीब ढाई साल से आई है जब स्टेट मैनेजमेंट की हेड डॉयल में नीरज शर्मा आई है। वो कुत्ते को एयरपोर्ट पर देखना ही नही चाहती है। एक 12साल के उम्रदराज कुत्ते जिसके दांत ही झड़ गए उस कुत्ते पर काटने का आरोप लगाकर लगातार जेके कोंट्रेक्टर आनंद सोलंकी के माध्यम से न केवल उत्‍पीड़न करती थी,वहां मौजूद कुत्तों को भोजन भी नही देने देती है। पशु प्रेमियों का कहना है कि भूखे कुत्तों के व्यवहार में चिड़चिड़ापन हो सकता है। डॉयल ढाई साल पहले के डॉग बाइट का प्रूफ दे। यह समस्या नई स्टेटहेड मैनेजमेंट के कारण है। जिस तरह से कुत्तो को एक प्राइवेट कर्मचारियों के द्वारा पकड़ते,फोटो,वीडियो सामने आई है इसके लिए डॉयल एनिमल बर्थ कंट्रोल का उल्लंघन का दोषी है। कुत्तो को पकड़ने रेस्क्यू का अधिकार केवल एमसीडी के वेटरनरी विभाग के पास है। अगर डॉग बाइट की शिकायत थी तो एमसीडी को बुलाना चाहिए। नही आने पर अधिकारियों के पास शिकायत करनी चाहिए ,कोर्ट में जाना चाहिए पर यह सब नही किया और खुद कानून हाथ मे लेकर कुत्तो का उत्पीड़न कर रेस्क्यू शुरू कर दिया,यह कानून को चुनोती देना है दैनिक भास्कर ई-पेपर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करके ऐप इंस्टॉल करें - dainik.bhaskar.com/dUpPSRHcP2b
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rashim s
rashim s@rashim_s·
Kaddu is 98 years in human years, ( 14 dog years) , imagine being thrown out of your home when you are that old and you have not know any other way of life.... Delhi Airport are you listening..... #bringbackkaddu @narendramodi @DrMohanBhagwat @DelhiAirport @DelhiPolice @gupta_rekha @RenukaCCongress @SulataDeoMP @priyankac19 @sundeepshawarma
rashim s@rashim_s

Airport has thousands of CCTV cameras, yet Kaddu & Brownie vanished in broad daylight from IGI Airport. Imagine what else can disappear when systems choose silence. #bringbackkaddu #stoprelocation

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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@AshwiniVaishnaw,@RailMinIndia,@GM_NRly आदरणीय रेल मंत्री जी अब रेलवे में रेल दुर्घटनाएं नहीं रूक सकती। रेलवे के अधिकारी दुर्घटनाओं को रोकते नहीं बल्कि न्योता देते है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि रेलवे में अधिकारियों को उनके कार्य करने की क्षमताओं, उनके पिछले अनुभव, ईमानदारी, व्यवहार देखकर नहीं बल्कि पीसीसीएम, पीसीई अपने चापलूसों, करीबियों, पुराने कार्यकाल के दौरान अधिकारी अनुभव, गलतियों को नहीं बल्कि उसके द्वारा किए सेवा, उपकार, कमीशन को सही तरीके से पहुंचाने की केमेस्ट्री को देखकर तैनात करते हैं। पूर्व स्टेशन डायरेक्टर एनडीएलएस महेश यादव को मुरादाबाद में सीनियर डीसीएम तैनात करना बड़ा उदाहरण है। इससे भी बड़ा उदाहरण दिल्ली मंडल में तैनात सीनियर डीईएन 1,रोहित कुमार है। जिन्हें एनआर के पूर्व पीसीई बीबीएस तोमर ने सितंबर 25 में रोहित कुमार के पिछले कार्यकाल में खतौली में हुए भीषण रेल दुर्घटना में 40 पैसेंजरों के हताहत होने के रिकार्ड को नजरअंदाज कर देश के सबसे जोन उत्तर रेलवे के प्रमुख लाइन पानीपत तैनात कर दिया था। रोहित कुमार उस समय मेरठ में एडीईएन थे। इस हादसे में उस समय के दिल्ली मंडल के डीआरएम आरएन सिंह को भी ट्रांसफर कर दिया गया था और रोहित कुमार को हटाकर बड़ौदा हाउस बिठा दिया गया था। मान्यवर मंत्री जी आपको याद होगा कि दिसंबर में आप पानीपत रेलवे लाइन का दौरा किए थे। पानीपत के मोहरी स्टेशन ब्रिज संख्या 230 के पास ट्रेन को झटका लगा था और इंजन में ट्रायल के लिए रखी पानी का ग्लास गिर गई थी। आप उसी समय संबंधित दोषी अधिकारी को हटाने के आदेश दिए थे। इस हादसे का जिम्मेदार पीसीई को बीबीएस तोमर को हटा दिया गया। आप उत्तर रेलवे के द्वारा किए कई ऐतिहासिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रगति के बाद भी सभी नमित मेडल छीन लिए थे। आप इतना नाराज थे कि जीएम अशोक कुमार वर्मा को भी हटा दिया, कारण इन्होंने दोषी अधिकारियों को हटाने के लिए सीआरबी के द्वारा तैयार किए गए ट्रांसफर आदेश को आग्रह कर रूकवाया था कि सब अधिकारी का ट्रांसफर होगा मेरा काम ठप हो जाएगा। मैं इस संदर्भ में 30दिसंबर को ‘ट्रेन परिचालन क्षमता बढ़ाने की योजना को पलीता लगा रहे हैं दिल्ली मंडल के अधिकारी’ शीर्षक से समाचार भी प्रकाशित कर सच्चाई का खुलासा भी किया था। इस हादसे के जिम्मेदार सीनियर डीईएन1 और एडीईएन पानीपत था,पर इनके रिश्तेदार जज और पॉलिटिकल फैमिली के कारण उन्हें रखा गया कि पानीपत लाइन पर कोई नया हादसा हो। मेरे बातों पर यकीन नहीं करें। सीनियर डीईएन 1 के पिछले 6माह का आईडी चेक करवाए ये 15-15 दिन आईडी नहीं देखते, कॉन्ट्रेक्टरों का पेमेंट नहीं करते। कॉन्ट्रेक्टरों को तीन-3घंटे बिठाकर बिना मिले वापिस भेज देते हैं। मोटा कमीशन नहीं देने पर टेंडर ही रद्द कर देते हैं। टेंडर एल1 के बजाय पैसे लेकर एल2 को दे देते हैं, ये एडीआरएम, डीआरएम की नहीं सुनते हैं। इनका सारा फोकस पैसा कमाना है। ट्रैक के सारे कॉन्ट्रेक्टर इनके व्यवहार से घर बैठ गए हैं। डीईएन 1 के क्षेत्र में हाहाकार है। ट्रैक वैसा ही है जैसा आपको मिला था। ट्रेन ट्रैक पर कांपती है। बड़ा हादसा हो सकता है, इसमें कोई हादसा हो इससे पहले ही सीनियर डीसीएम महेश यादब मुरादाबाद और सीनियर डीईएन 1 रोहित कुमार दिल्ली मंडल तुंरत सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@PMOIndia,@AmitShah,@LtGovDelhi,@gupta_rekha, @MCD_Delhiएमसीडी भले ही 15592 करोड़ रुपए आर्थिक घाटे में चल रही हो। अधिकारियों, कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा हो। पर भ एमसीडी में पर्दे के पीछे अवैध निर्माण, सफाई, लाइसेंस,स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग में टेंडर,ट्रांसफर पोस्टिंग में प्रति वर्ष 1000 करोड़ से अधिक के काली कमाई का भ्रष्टाचार होता है। नेता और अधिकारी इसी पर्दे के पीछे टेंडर,ट्रांसफर पोस्टिंग में प्रति वर्ष 1000 करोड़ की कमाई के लिए एमसीडी में घुसे रहते हैं जबकि वो विधानसभा से जित कर विधायक बन मंत्री बन चुके हैं। निगम पार्षद से विधायक बने 99.9 फीसदी विधायक आज भी अवैध निर्माण, आरपी सेल, लाइसेंसिंग, एमसीडी में घुसे हुए हैं। रेहड़ी पटरी वालों को भी नहीं छोड़ रहें हैं। कई विधायक रेहड़ी पटरी वालों से 2किलो सेव, अनार, पपीता, अंगूर ले जाते हैं। एक रीलबाज विधायक इस काम में मशहूर है। उसके इलाके में जनता गंदा पानी, टूटी सड़कों से परेशान है। पर निगम पार्षद से बने विधायक सारा दिन अवैध निर्माण, कोई नया रेहड़ी, पटरी वाले से उगाही करते है। जो बिल्डर उन्हें रिश्वत दे दे उसका बिल्डिंग टूटने से बचाने के लिए जेई का ट्रांसफर के लिए कमिश्नर तक पहुंच जाते है। सीएम से लेकर, मंत्री, विधायकों का आत्मा एमसीडी में बसी हुई है। दिल्ली सरकार की बुरी हाल है। टेंडर पास करवाने, इंजीनियरो, इंस्पेक्टर, टीचर, डॉक्टर का ट्रांसफर करवाकर लाखो की रिस्वत खाने,अवैध निर्माण करवाने के लिए एमसीडी के कमिश्नर से लेकर डीसी अपने कब्जे में करने के जुगाड़ में लगे रहते है। सीएम,मंत्री से लेकर विधायक अधिकारी जिस तरह निगम पार्षद का काम नहीं कर रहे है इस हालत में 100% 2027 में भाजपा निगम में चुनाव हारने जा रही है। किस्मत से सीएम बनना और चुनाव लड़ना ,लड़वाना और जितवाना सभी के बूते की बात नहीं है। याद रखें पार्टी से लड़कर 2टिकट लेने के बाद उपचुनाव में दोनों उम्मीदवार हार गए थे।दैनिक भास्कर ई-पेपर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करके ऐप इंस्टॉल करें - dainik.bhaskar.com/07PwViOtt2b
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Shekhar Ghosh
Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@PMOIndia,@AmitShah,@JPNaddaoffice,@LtGovDelhi,@gupta_rekha,@drpankajbjp आयुष्मान आरोग्य केंद की हालत बदतर हो गई है। यहां बच्चों से बड़ो तक के लिए दवाई नहीं है। कमियों को छिपाने के लिए यंहा तैनात डॉक्टरों को सख्त आदेश है कि बाहर की दवा लिखकर नहीं देंगे। पर्ची के बजाय सादे पेपर पर बाहर की दवा लिखवाकर कैमिस्ट से खाने से मजबूर है। कोर्ट से स्थगन आदेश के बाद मोहल्ला क्लिनिक को बन्द कर आरोग्य आयुष्मान केंद्र में नाम मात्र कर्मचारियों को जगह दी गई। बांकी कर्मचारियों से आरोग्य आयुष्मान केंद्र में भर्ती के लिए लाखों रुपए रिश्वत या सिफारिश ली गई। मैं दिल्ली सरकार के संबंधित नेताओं और अधिकारियों को चैलेंज कर रहा हूं आरोग्य आयुष्मान केंद्र में कर्मचारियों की भर्ती में हुई घोटाले की हिम्मत है तो सीबीआई जांच की आदेश दे। फोरेंसिक लैब में इतनी बड़ी2 नार्को टेस्ट की मशीन क्यों रखे हो। भर्ती कर्मचारियों और भर्ती करने वाले अधिकारियों की टेस्ट करवाओ। आप नहीं करवाओगे। आपकी नियत साफ होती तो पहले दिन मोहल्ला क्लीनिकों में कार्यरत कर्मचारियों, डॉक्टरों को आरोग्य आयुष्मान केंद्र में समाहित करने के आदेश दिए होते। सरकारी खजाने से उन्हें रोकने के लिए हाईकोर्ट, कैट में वकील रखे क्यों, हर भर्ती में रिश्वत ली गई है। ऊपर तक पहुंचाए गए है।आप नहीं लिए आज ही अपना नार्को टेस्ट करवाकर वीडियो जारी करिए,पाक साफ है। नई दिल्ली के दैनिक भास्कर के 18-04-2026 एडिशन की यह खबर जरूर पढ़ें।दैनिक भास्कर ई-पेपर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करके ऐप इंस्टॉल करें - dainik.bhaskar.com/KdALKyccq2b
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
संजीव ख़िरबार केवल पैसे कमाने आए है। सीएम का वरदान पाकर कमाने खाने में जुट गए है। सूत्रों का कहना है कि 20करोड़ का सौदा हुआ है। कुर्सी पाने और बचाने वाले दोनों जेब भरा है।मैं ब्यूरोचीफ बनने के बाद 2020 में एमसीडी की रिपोर्टिंग छोड़ कर गंगा स्नान कर आया था,बीट सहयोगी को दे दिया था।
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SUBODH JAIN@PressSubodhJain·
निगम मुख्यालय यानी #Civic_Centre में हुए तबादलों का #Shalimar_Bagh से क्या कनेक्शन है? सवाल बहुत अटपटा है, मगर चर्चा है कि #Shalimar_Ke_Bansal नामक एक एजेंट के जरिए भवन विभाग में #EE_Building लगाए गए है! सूत्रों की मानें तो खास जगह हुई नियुक्ति के बदले एक आदमी 80 पेटी के हिसाब से सौदा हुआ है, जिसमे कुछ पेटी एडवांस ली गई है और बची हुई बतौर क़िस्त EMI के तौर पर चुकानी होंगी ! बात हकीकत भी लग रही है और रिकॉर्ड इशारा कर रहा है कि निगम में दुकान सज गई है और वसूली के लिए बदनाम रहा कलाकार अपने असली रुप में आ गया है ! निगमायुक्त #Sanjeev_Khirwar ने #Civil_Lines_Zone में जिस #JB_Meena को #EE_Bldg लगाया है वह साल 2015 में बतौर #AE अवैध निर्माण से वसूली के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। क्या खिरवार साहब ने हुनर को देखकर इसे यह काम सौंपा है? वसूलीबाज उपायुक्त और हिस्सेदार आयुक्त की अवैध निर्माण से मोटी कमाई ठिकाना माने जाने वाले #SouthZone में #EE_Bldg_I के पद पर तैनात हुए #Lalit_Goel ने अपनी लगभग पूरी नौकरी भवन विभाग में की है और खिरवार इस पर भी मेहरबान हो गए कि यह पहले वाले से ज्यादा #बेहतर_रिजल्ट देगा ? #SE_Bldg_HQ_I में तैनात किए गए #Ajay_Kumar_Jain ने भी #JE_AE के तौर पर अपनी लगभग पूरी नौकरी भवन विभाग में की है। #RohiniZone में तैनात हुआ #Brajesh_Kumar_Sah और @KeshavPuramZone में तैनात #Praveen_Kumar_Jain भी भवन विभाग के पुराने #Expert हैं। खास बात तबादले की एवज में ही सौदे नहीं हुए हैं, कुर्सी बरकरार रखने के लिए भी बात बनी है! #WestZone में #EE_Bldg #Sunny_Chaudhary ने अपनी ज्यादातर नौकरी भवन विभाग में ही की है, लेकिन उसे नहीं बदला गया। जानकारों का कहना है कि #Shalimar_Ke_Bansal के चाहने वालों को तादाद बढ़ती जा रही है और #JE_AE बनने की आस में बैठे मासूम उस तक पहुँचने का रास्ता तलाश रहे हैं ! @PMOIndia @HMOIndia @DoPTGoI @CVCIndia @LtGovDelhi @MCD_Delhi @BJP4India @BJP4Delhi
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@PMOIndia,@AmitShah,@LtGovDelhi,@gupta_rekha,@MCD_Delhi dainik.bhaskar.com/U5qGKuSyo2b सीएम से मिले अभय वरदान से नए कमिश्नर संजीव खिरवार ने दो माह में ही एमसीडी को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है। एमसीडी के केवल इंजीनियरिंग ही नहीं हर विभाग में मंथली थोपी जा रही है।जिससे हर विभाग के अधिकारी परेशान है।ट्रांसफर पोस्टिंग में भारी कमाई को देखते हुए कमिश्नर मोखिक आदेश से ट्रांसफर पोस्टिंग की अधिकार विभाग के अधिकारी से छीनकर खुद अपने पास रख लिया है। एमसीडी के अधिकारियों का ही कहना है कि कागजों पर ईई के निकाले गए ट्रांसफर के आदेश के तरह विभागीय दिखते है लेकिन सच यह है कि ट्रांसफर पोस्टिंग बिना कमिश्नर के आदेश के एमसीडी में चपरासी की भी ट्रांसफर अधिकारी नहीं कर सकते। इस ईई के ट्रांसफर में जिस ईई का ट्रांसफर किया गया है कोई रिश्वतखोरी में बन्द है, तो कई सालों से बिल्डिंग में ही जीवन काटी है। कमिश्नर को ट्रांसफ़र ही करना था कोई साफ सुथरे रिकार्ड वाले अधिकारी नहीं मिले। साफ है जो कमा रखा है कमा कर बंसल जी से संपर्क काटा और पोस्टिंग पा ली। ट्रांसफर के लिए विभागों में अपने खास लोगों को दलाली के लिए छोड़ दिया गया है।लिस्ट तैयार कर राजनैतिक आकाओं के पास भेजा जाता है।वह सूची कमिश्नर तक पहुंचा दी जाती है।कमिश्नर दलालों के अलावा किसी से नहीं मिलते। कमिश्नर से मिलने के लिए एडिशनल कमिश्नर, डीसी को भी घंटों इंतजार करना पड़ता है। पुराने कमिश्नर अश्वनी कुमार के द्वारा प्रदेश संगठन के साथ मिलकर पटरी पर लाए गए एमसीडी को दो माह में ही राजनैतिक और प्रशासनिक रूप से पंगु बना दिया है। अश्वनी कुमार के संघठन के साथ काम करने से बिना चुनाव एमसीडी सत्ता में आ गई थी तो गृह मंत्री, उपराज्यपाल इस पोस्ट पर अभी ध्यान दे यही हाल रहा तो 2027 में एनसीडी चुनाव हारने जा रही है।
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Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@PMOIndia,@AmitShah,@LtGovDelhi,@gupta_rekha,@MCD_Delhi dainik.bhaskar.com/U5qGKuSyo2bसीएम से मिले अभय वरदान से नए कमिश्नर संजीव खिरवार ने दो माह में ही एमसीडी को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है। एमसीडी के केवल इंजीनियरिंग ही नहीं हर विभाग में मंथली थोपी जा रही है।जिससे हर विभाग के अधिकारी परेशान है।ट्रांसफर पोस्टिंग में भारी कमाई को देखते हुए कमिश्नर मोखिक आदेश से ट्रांसफर पोस्टिंग की अधिकार विभाग के अधिकारी से छीनकर खुद अपने पास रख लिया है। एमसीडी के अधिकारियों का ही कहना है कि कागजों पर ईई के निकाले गए ट्रांसफर के आदेश के तरह विभागीय दिखते है लेकिन सच यह है कि ट्रांसफर पोस्टिंग बिना कमिश्नर के आदेश के एमसीडी में चपरासी की भी ट्रांसफर अधिकारी नहीं कर सकते। ट्रांसफर के लिए विभागों में अपने खास लोगों को दलाली के लिए छोड़ दिया गया है।लिस्ट तैयार कर राजनैतिक आकाओं के पास भेजा जाता है।वह सूची कमिश्नर तक पहुंचा दी जाती है।कमिश्नर दलालों के अलावा किसी से नहीं मिलते। कमिश्नर से मिलने के लिए एडिशनल कमिश्नर, डीसी को भी घंटों इंतजार करना पड़ता है। पुराने कमिश्नर अश्वनी कुमार के द्वारा प्रदेश संगठन के साथ मिलकर पटरी पर लाए गए एमसीडी को दो माह में ही राजनैतिक और प्रशासनिक रूप से पंगु बना दिया है। अश्वनी कुमार के संघठन के साथ काम करने से बिना चुनाव एमसीडी सत्ता में आ गई थी तो गृह मंत्री, उपराज्यपाल इस पोस्ट पर अभी ध्यान दे यही हाल रहा तो 2027 में एनसीडी चुनाव हारने जा रही है।
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Shekhar Ghosh
Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@PMOIndia,@AmitShah,@LtGovDelhi, @gupta_rekha ,@KapilMishra_IND dainik.bhaskar.com/SWYTENuTm2bआदरणीय कानून मंत्री श्री कपिल मिश्रा जी पड़ताल में सामने आया है कि 2008 से दिल्ली सरकार ने सरकारी पैनल के वकीलों का फीस नहीं बढ़ाया है। केंद्र सरकार हाल में इन कमियों को दूर करते हुए सरकारी पैनल के वकीलों के फीस में बढ़ोतरी कर दी है,पर दिल्ली सरकार के वकीलों को पुरानी फीस मिल रही है। इसके साथ ही एक नियम यह भी गलत है जज नहीं आते, सुनवाई नहीं हुई तो वकीलों को कोई पैसे नहीं मिलता। आज कोर्ट में तारीख पर तारीख की परंपरा है, फैसले जल्दी नहीं मिलते। नियम यह है कि 5 तारीख में मामले का निपटारा नहीं हुआ तो आगे की फीस नहीं मिलती। आपसे उम्मीद है कि आप पैनल के वकीलों की फीस और समस्याओं का समाधान करेंगे।
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Shekhar Ghosh
Shekhar Ghosh@GhShekhar·
@PMOIndia,@AmitShah ,@LtGovDelhi,@gupta_rekha,@MCD_Delhiएमसीडी में नया कमिश्नर के अाने के आने के दो माह बाद ही एमसीडी में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गई है। रोजाना किसी न किसी विभाग में भ्रष्टाचार की नई कहानी सामने आ रही है। अब नया मामला शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ट्रांसफर घोटाले से जुड़ा हुआ है। नियमों को ताक पर रखकर 2-3लाख की वसूली कर 250 से अधिक शिक्षकों को उनके मुंह मांगी जगहो पर ट्रांसफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सीएम रेखा गुप्ता के गुट से संबंध रखने वाले कमिश्नर श्री श्री संजीव खिरबार उनका आर्शीवाद प्राप्त कर भ्रष्टाचार शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस ट्रांसफर पोस्टिंग में केवल सीएम रेखा गुप्ता के यहां से भेजे जाने वाले सूची पर विचार होता है। कमिश्नर आते ही सबसे पहले बिल्डिंग डिपार्टमेंट में तैनात इंजीनियरों को 15-25 लाख रुपए लेकर नया इंजीनियर तैनात करने या वहां तैनात इंजीनियरों से शुल्क लेकर वहीं रहने देने की नीति पर सूची तैयार किया गया था। बताया जा रहा है कि जब इसकी भनक इंजीनियरों को लगी तो वे सीएम के पास पहुंच गए। इसके बाद सीएम के तरफ से सूची कमिश्नर को भेजा गया। कमिश्नर ने वो सूची इंजीनियर इन चीफ के पास भेज दिया। इसके बाद वह सूची इतनी लंबी हो गई कि उस ट्रांसफर की सूची को होल्ड पर रख दी गई थी, पर अब बताया जा रहा है कि कमिश्नर के छोडे एक एसई, दो ईई, एक सेक्शन ऑफिसर ने सूची तैयार कर ली वह सूची कभी भी जारी होने वाला है। dainik.bhaskar.com/aDRoy3eel2b
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