
Karan Kapadia
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अरविंद केजरीवाल एक बार फिर झूठ और डर फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। अगर E20 से सचमुच गाड़ियाँ बड़े पैमाने पर खराब हो रही होतीं, तो पिछले पाँच वर्षों में देशभर की सड़कें बंद पड़ी कारों और दोपहिया वाहनों से भर जातीं। सच्चाई यह है कि 2021 में E15, 2024 में E19 और अप्रैल 2025 से E20 उपलब्ध है। आज लगभग 2.5 करोड़ पेट्रोल कारें और 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन E15+ मिश्रित ईंधन पर चल रहे हैं। अगर केजरीवाल का दावा सही होता, तो बीमा कंपनियाँ प्रीमियम बढ़ा देतीं और सेकेंड-हैंड पेट्रोल गाड़ियों का बाज़ार ध्वस्त हो जाता। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। भारत का सेकेंड-हैंड कार बाज़ार आज सालाना लगभग 60 लाख वाहनों का है, जिसकी कीमत 40 अरब डॉलर से अधिक है और FY2031 तक इसके 70–82 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। कुछ चुनिंदा वीडियो दिखाकर झूठ फैलाया जा सकता है, लेकिन सच्चाई नहीं बदली जा सकती। अरविंद केजरीवाल एक बार फिर तथ्यों की जगह भ्रम और झूठ बेच रहे हैं।
















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