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जब दो लोग साथ चलने का फैसला करते हैं, हम उनके जीवनसाथी जैसे बनकर साथ निभाते हैं। एलआईसी की जीवन उत्सव योजना हर पड़ाव के लिए, एक भरोसेमंद वादा।
#JeevanUtsav#LIC
धनबाद जिले के तोपचांची प्रखंड के गणेशपुर निवासी मासूम विराट कुमार महतो के आंखों के ऊपर मांस के बढ़ जाने के कारण उसे अत्यधिक पीड़ा होती है बच्चों को देखने और पढ़ने लिखने में भी इस वजह से समस्या आ रही है..
परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि बच्चे का बेहतर इलाज कर सके..
आदरणीय @HemantSorenJMM जी मामले पर संज्ञान लेकर बच्चों की हर संभव सहायता करने की कृपा करें.. @IrfanAnsariMLA@deepaksir@JmmJharkhand@dc_dhanbad@Rabindranathji
इंडियन गैस के सिलेंडरों में गैस कम और पानी ज़्यादा निकल रहा है 😱
लोग पैसे गैस के दे रहे हैं, लेकिन सिलेंडर से पानी निकलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी तुरंत जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
@Safexpress@jainrubal@SafexpressB2C Safexpress services looks like an ordinary transport company, who aren't concerned about customer issues / problems.
बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर: शिक्षा विभाग ने जारी की नई लीव पॉलिसी, छुट्टी मिलते ही नहीं रुकेगा वेतन, जानें आकस्मिक से लेकर मातृत्व अवकाश के नए नियम
पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों, नियमित शिक्षकों, विशिष्ट शिक्षकों और विद्यालय अध्यापकों (BPSC) के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और राहत देने वाला आदेश जारी किया है। विभाग के उप सचिव अमित कुमार पुष्पक के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र के जरिए शिक्षकों की छुट्टियों (Leave Rules) की प्रक्रिया को बेहद सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना दिया गया है।
अब किसी भी शिक्षक को छुट्टी की स्वीकृति के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सबसे बड़ी राहत यह है कि लंबी छुट्टियों के दौरान अब शिक्षकों का वेतन नहीं रुकेगा।
नए नियमों की बड़ी बातें: छुट्टी मंजूर तो वेतन चालू
अक्सर देखा जाता था कि मातृत्व या चिकित्सा अवकाश पर जाने के बाद शिक्षकों का वेतन तब तक रुक जाता था, जब तक वे ड्यूटी पर वापस लौटकर योगदान नहीं कर लेते थे। नए आदेश ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है:
वेतन भुगतान नियमित रहेगा: मातृत्व (Maternity), पितृत्व (Paternity), शिशु देखभाल (Child Care) और उपार्जित अवकाश स्वीकृत होने के बाद, कर्मी के छुट्टी पर रहने के दौरान भी उनके मासिक वेतन का भुगतान नियमित रूप से होता रहेगा। छुट्टी से लौटने का इंतजार नहीं किया जाएगा।
ई-शिक्षाकोष पोर्टल से आवेदन: विशेष परिस्थितियों को छोड़कर सभी प्रकार के अवकाश के लिए आवेदन 'ई-शिक्षाकोष पोर्टल' के माध्यम से ऑनलाइन ही देना होगा। 23 जून 2025 के बाद ऑफलाइन आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
📋 किस छुट्टी के लिए क्या हैं नए नियम?
शिक्षा विभाग ने अलग-अलग छुट्टियों के लिए सक्षम प्राधिकार और समय-सीमा तय कर दी है:
1. आकस्मिक अवकाश (CL):
एक कैलेंडर वर्ष में कुल 16 दिन देय होगा। नई नियुक्ति के मामले में यह आनुपातिक (Pro-rata) आधार पर मिलेगा।
किसी भी हाल में सार्वजनिक अवकाश मिलाकर लगातार 12 दिनों से अधिक का आकस्मिक अवकाश नहीं मिलेगा।
सक्षम प्राधिकार: सहायक/विशिष्ट/BPSC शिक्षकों के लिए 'विद्यालय प्रधान' और विद्यालय प्रधानों के लिए संबंधित प्रखंड के 'प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी' (BEO)। आवेदन के दिन ही फैसला होगा।
2. विशेष आकस्मिक अवकाश (महिला शिक्षकों के लिए):
महिला शिक्षिकाओं को प्रति माह 02 दिन का विशेष अवकाश मिलेगा। यह भी लगातार 12 दिनों से अधिक नहीं हो सकता।
सक्षम प्राधिकार: स्कूल के प्रधानाध्यापक/प्रभारी।
3. मातृत्व अवकाश (Maternity Leave):
दो जीवित संतान वाली महिला सरकारी सेवकों को 160 दिनों का सवेतन मातृत्व अवकाश मिलेगा।
सक्षम प्राधिकार: जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) आवेदन प्राप्ति के 07 कार्य दिवसों के भीतर इस पर निर्णय लेंगे।
4. शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave - CCL):
महिला कर्मियों को उनकी पूरी सेवा अवधि में बच्चों के पालन-पोषण या बीमारी की स्थिति में अधिकतम 2 वर्ष (730 दिन) की छुट्टी मिल सकेगी। यह दो संतानों तक ही सीमित है।
एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम तीन बार ही टुकड़ों में यह छुट्टी ली जा सकती है।
सक्षम प्राधिकार: DEO को 7 दिनों के भीतर इस पर निर्णय लेना होगा।
5. पितृत्व अवकाश (Paternity Leave):
पुरुष शिक्षकों को बच्चे के जन्म की संभावित तिथि से 15 दिन पहले या जन्म के 06 महीने के भीतर लगातार 15 दिनों का अवकाश मिलेगा।
सक्षम प्राधिकार: DEO (7 दिनों के भीतर निष्पादन)।
लेटलतीफी करने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज
शिक्षा विभाग ने इस पत्र में साफ कर दिया है कि आवेदनों को लटकाने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा:
3 दिन में फॉरवर्ड करना होगा: स्कूल प्रधान या BEO के स्तर पर अगर कोई आवेदन आता है, तो उसे अधिकतम तीन दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकार को अग्रसारित (Forward) करना होगा। यदि तीन दिन में निर्णय या फॉरवर्ड नहीं किया गया, तो आवेदन स्वतः आगे बढ़ जाएगा।
अधिकारियों पर कार्रवाई: तय समय-सीमा के भीतर छुट्टी की स्वीकृति या अस्वीकृति पर निर्णय नहीं लेने वाले दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
महत्वपूर्ण नोट: बिहार सेवा संहिता के नियम-152 के तहत छुट्टी को अधिकार मानकर दावा नहीं किया जा सकता। लोक सेवा के हित में सक्षम प्राधिकार अपने विवेक से छुट्टी को अस्वीकृत या रद्द भी कर सकता है, लेकिन इसके लिए स्कूल में कुल शिक्षकों के अनुपात और शैक्षणिक गतिविधियों का ध्यान रखना होगा।
करीब 20 वर्षो की लंबी प्रतीक्षा के बाद नरकटियागंज से दरभंगा की सीधी ट्रेन की शुरुवात पुनः बहाल हुई, अब गंडक एक्सप्रेस को दोबारा पटरी पर दौड़ाने का समय आ गया है। धन्यवाद @spjdivn
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🚨 ये नज़ारा बिहार के एक गांव का है…
जहाँ सरकार ने करोड़ों खर्च करके नया पुल बनाया ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा हो, हादसे कम हों और विकास गांव तक पहुंचे।
लेकिन कुछ लोगों ने पूरे पुल को अपनी “निजी संपत्ति” समझ लिया है।
पुल पर रास्ता जाम करके मक्के सुखाए जा रहे हैं और आम लोग जान जोखिम में डालकर नीचे के टूटे हुए पुल से गुजरने को मजबूर हैं।
यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे समाज और सरकारी व्यवस्था के साथ मज़ाक है।
जिस पुल पर एम्बुलेंस, स्कूली बच्चे और रोज़मर्रा के लोग चलने चाहिए थे, वहाँ खेती का गोदाम बना दिया गया है।
सवाल सरकार से भी है
क्या करोड़ों का विकास इसलिए होता है कि कुछ लोग उस पर कब्जा कर लें?
अगर आज कार्रवाई नहीं हुई तो कल सड़कें, पुल और सरकारी जमीन सब “प्राइवेट प्रॉपर्टी” बन जाएंगी।
ऐसे लोगों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सरकारी संपत्ति पर कब्जा और रास्ता जाम करना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं होना चाहिए।
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📍 मुजफ्फरपुर (बिहार)
मृतक बच्चियों की उम्र 7 वर्ष और 12 वर्ष!
बच्ची के परिवार पार्ट में खून, 03 उंगलियां काटी हुई, पसलियां टूटी हुई, जबड़ा तोड़ा हुआ...रेप के बाद मर्डर की आशंका!
बिहार पुलिस की थ्योरी: डूबने से मौत हुई है
निष्पक्ष जांच करे @bihar_police#JanSuraaj@samrat4bjpdainik.bhaskar.com/6ezB6vtE72b
सुना BJP के एक जोकर ने आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर प्रेस कांफ्रेंस की
अरे भाई राहुल गांधी को दुनिया जानती है, किसी से छिप कर तो कहीं जाते नहीं हैं
दुनिया के तमाम देशों की बड़ी बड़ी यूनिवर्सिटी और संस्थान उन्हें लेक्चर के लिए, वार्ता के लिए आमंत्रित करते हैं
अब मोदी जी विदेश जाकर झप्पी पप्पी गलबहैया करते रहते हैं, हीही खीखी से फुर्सत नहीं
कोई बड़ा संस्थान या प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अगर उन्हें लेक्चर या व्याख्यान के लायक़ नहीं समझता तो इसमें हम क्या करें भाई
वैसे भी मोदी जी की विदेश यात्रा तो मित्र अडानी को हर देश में धंधा दिलाने के लिए होती है - chief salesman जो ठहरे अडानी के
तो कुंठित मत होइए, राहुल जी विदेश जाते हैं - डंके की चोट पर जाते हैं. दुनिया उन्हें सुनना चाहती है
और अगर वे छुट्टी पर भी जाते हैं तो आप लोग लुकछिप कर उनका फोटो खींच कर हम लोगों तक फोटो पहुँचा ही देते हैं!
राहुल गांधी के ऊपर अनर्गल आरोप लगा कर ना तो BJP नेताओं ने जिस तरह से NEET का पेपर लीक किया है उससे ध्यान बंटेगा, ना पेट्रोल डीजल गैस की किल्लत से - जो असल में अमेरिका द्वारा ब्लैकमेल किए जाने के कारण नरेंद्र मोदी की ही देन है
और वैसे भी पिछले 11 सालों में मोदी जी ने 815 करोड़ रुपए जो फूंके हैं, उससे देश को आख़िर फ़ायदा क्या हुआ है - इस सवाल का जवाब है निल बटा सन्नाटा
सम्राट चौधरी की पुलिस सदैव आपकी सेवा में हाजिर.....
रिश्वत दो और ट्रक में कुछ भी अवैध सामान भरकर ले जाओ कोई नहीं करेगा चेक....
भले ही इन ट्रकों में हथि*"यार" हो आ*"तंकी" हो कोई नहीं चेक कर रहा बस 500 रुपए लेकर ट्रकों को जाने दे रही है पुलिस