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@MMsingh1250

Scorpion eyes 👁️

Katılım Ocak 2019
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@RajatSharmaLive दलाली करके ,, यही बताने चाहते होना
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Rajat Sharma
Rajat Sharma@RajatSharmaLive·
जीवन का बस एक लक्ष्य रखो, खुश कैसे रहना है.
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@NekadiGanesh @hanumanbeniwal क्या बात है,, पड़ोसियों से बैर , दूसरों से यारी ,,,
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Ganesh Nayagaon 🇮🇳
Ganesh Nayagaon 🇮🇳@NekadiGanesh·
आज हनुमान जी बेनीवाल के #भेराणा_बचाओ आंदोलन का सपोर्ट रहेगा ✊ @hanumanbeniwal
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@tribalvoice99 इस बार बीजेपी रिपीट होनी चाहिए
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The Tribal Voice 🇮🇳
The Tribal Voice 🇮🇳@tribalvoice99·
केरल और कर्नाटक के बाद इतना तो लगभग लगभग क्लियर दिखने लगा है की राजस्थान में सरकार बनी तो गेहलोत का नंबर तो नहीं लगेगा #ClearCut #NoDoubt #Rajasthan
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@JatinTweets_ Govt. Exam सरकारी नौकर बनाने के लिए लिए जाते हैं, ना कि मालिक बनाने के लिए,, अब नौकर को नौकर की तरह ट्रीट किया जाएगा ना ,,,, जिनको दिक्कत है वो नौकरी छोड़ के घर बैठे
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v. Jatin
v. Jatin@JatinTweets_·
Imagine clearing the toughest exam like UPSC and then ended up like this 💯
v. Jatin tweet media
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@tribalvoice99 वर्तमान में पैसा ही आखिरी सत्य है,,,
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The Tribal Voice 🇮🇳
The Tribal Voice 🇮🇳@tribalvoice99·
आपने बहुत सुना होगा कि अमेरिकन ज़्यादा स्मार्ट नहीं होते। उनसे जियोग्राफी पूछो तो अधिकतर यह नहीं बता पाएंगे कि कौन सा देश कहाँ है। कई लोगों को इंग्लिश ग्रामर भी ढंग से नहीं आती लेकिन जब बात पैसे और इकॉनमी की आती है, तो गधे से गधे अमेरिकन को भी पता होता है कि पैसा क्या चीज है, कैसे आता है और कैसे जाता है। अपने पॉलिटिशियंस से उन्हें पैसे और इकॉनमी के अलावा दूसरी कोई खास उम्मीद नहीं होती। अगर उनकी जेब में पैसा आ रहा हो और इकॉनमी अच्छी चल रही हो, तो वे बाकी बहुत-सी चीजें इग्नोर कर देते हैं #USPolitics #Americans
The Tribal Voice 🇮🇳 tweet media
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@NekadiGanesh @VijaySBainsla @jawaharbedam क्या करेगा नौकरी का ,, पांचना में पाणी भरा हुआ है,, खेती कर लेना,, वैसे भी उधर डेरा डाल के बैठे हो,,, पांचना का बैकलॉग तो पूरा है
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Ganesh Nayagaon 🇮🇳
Ganesh Nayagaon 🇮🇳@NekadiGanesh·
कम्प्यूटर अनुदेशक भर्ती में 383+ बैकलॉग पद होने के बावजूद केवल 55 पदो पर वैकेंसी निकालना पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। अब MBC युवा चुप नहीं बैठेंगे 🔥 कृपया मामले में उचित कार्यवाही कर तुरंत प्रभाव से पूरे पदो पर नोटिफिकेशन निकाला जाए @VijaySBainsla @jawaharbedam #बीसीआई_भर्ती_घोटाला #MBC_बैकलॉग_पूरा_करो #MBC_को_न्याय_दो #383_पद_कहाँ_गए #MBC_बैकलॉग_पूरा_करो
Ganesh Nayagaon 🇮🇳 tweet media
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@spvaid Ek IPS Se jyada powerful hota hai SHO ,, kabhi aajma ke dekh lena
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Shesh Paul Vaid
Shesh Paul Vaid@spvaid·
Modi government brought down the level of Secretary of State of USA, the number three most powerful man of only Super Power of the world to the level of SHO. Atleast I have not seen such a shabby treatment to the USA's External Affairs Minister. What a response to Trump's Shithole comment!
Ganesh@me_ganesh14

One of the most powerful people of World Marco Rubio is being sent off from Jaipur by SHO, Constable, SI, Few low level Babus and not even some MoS level minister present. This is one of the coldest reception ever for a US Administrator. 😂

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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@MeerutPradesh तुम्हारे घासलेट के थोबड़े पर टेप लगीं हुआ क्या ? ,, पूरी NUSI इतनी गर्मी में सड़कों पर सरकार खिलाफ आंदोलन कर रही है, घासलेट को ac में पड़े पड़े सिर्फ बयान देगा क्या ,, ऐसे बनेगा छीम 🖕
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@VivekGa54515036 एग्जाम भी AI से दिलवा देते,, इंसानों को पेपर लेने के लिए क्यों बुलाया
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कोचिंग संस्थान का काला चिट्ठा
अजय सर ने पहले ही आभास कराया था कि पेपर AI जेनरेटेड होंगे! जिसतरह से इनकी दिलचस्पी दिख रहीं थी एआई जागरूकता को लेकर ❣️ बढ़िया है आगे से आपलोग एआई से पढ़िए कोचिंग संस्थान को बाय बाय कीजिए ❣️
कोचिंग संस्थान का काला चिट्ठा tweet mediaकोचिंग संस्थान का काला चिट्ठा tweet mediaकोचिंग संस्थान का काला चिट्ठा tweet mediaकोचिंग संस्थान का काला चिट्ठा tweet media
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@omiigothwal_01 कॉपी करने की कोशिश कर रहे हैं,,बाकी अच्छा है
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Om Prakash Gothwal
Om Prakash Gothwal@omiigothwal_01·
गुर्जर सबसू ज़्यादा राख ध्यान लुगाई म माली बनगा गायक… मीणा राख ध्यान पढ़ाई म… वा गुर्जर बाबाओ क्या गीत गाया है 👌
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M M singh@MMsingh1250·
@ZeeNews इनकी ढंग से तोड़नी चाहिए सरकार को ,, सरकारी जमीन पर दादागिरी चला रहे हैं
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Zee News
Zee News@ZeeNews·
Delhi Gymkhana Club ने केंद्र सरकार के उस आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें क्लब को लुटियंस दिल्ली स्थित अपनी 27.3 एकड़ की जमीन 5 जून तक खाली करने का निर्देश दिया गया है। मामले का उल्लेख सोमवार को अभिषेक मनु सिंघवी ने जस्टिस अवनीश झिंगन के समक्ष किया और तत्काल सुनवाई की मांग की। अदालत ने मामले को मंगलवार, 26 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। #Delhi #GymkhanaClub #Govt #HighCourt | #ZeeNews
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@TheTribhuvan गावो का भी अपना एक इतिहास होता है लेकिन सरकार पुलिस को आगे करके सब को लट्ठ मार के भगा देती है,, अगर ये दिल्ली वाले नहीं मानते तो किसी राजस्थानी ips को कमान सौंप देना जैसे जानवरों को हांकते है वैसे इनको हाल देगे, इनके मुंह से चू तक की आवाज नहीं निकलेगी
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Tribhuvan_Official
Tribhuvan_Official@TheTribhuvan·
Gymkhana प्रकरण: इतिहास को खाली कराने से बेहतर है उसे जनता के लिए खोलना दिल्ली जिमखाना क्लब का प्रकरण केवल एक क्लब की ज़मीन, एक नोटिस और एक तारीख; 5 जून 2026 का मामला नहीं है। यह उस बड़े सवाल का मामला है कि आजाद भारत अपने औपनिवेशिक अतीत से कैसे पेश आता है: क्या वह उसे बुलडोज़र की तरह हटाता है, संग्रहालय की तरह जमा देता है या लोकतंत्र की रोशनी में खोलकर उसे बदलता है? केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब को 27.3 एकड़ परिसर खाली करने का निर्देश दिया है। वजह बताई गई है कि यह जमीन राजधानी के अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र में है और रक्षा-संबंधी ढांचे तथा सार्वजनिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है। क्लब प्रधानमंत्री आवास और सत्ता-प्रतिष्ठानों के निकट, लुटियंस दिल्ली के सबसे संवेदनशील भूगोल में स्थित है। सरकार की बात को हल्के में नहीं लिया जा सकता। राष्ट्रीय सुरक्षा कोई साधारण बहाना नहीं होनी चाहिए, लेकिन यदि सचमुच सुरक्षा की आवश्यकता है तो उसे साफ, विस्तृत और सार्वजनिक रूप से विश्वसनीय ढंग से रखा जाना चाहिए। लोकतंत्र में “सुरक्षा” शब्द अंतिम तर्क नहीं हो सकता; वह सबसे गंभीर तर्क है, इसलिए सबसे अधिक पारदर्शिता भी उसी में चाहिए। पर इस पूरे प्रकरण में इतिहासकार स्वप्ना लिडल की बात सबसे संतुलित और दूरदर्शी लगती है। उनका कहना है कि सांस्कृतिक संस्थानों का सिकुड़ना दुखद है; उन्हें जड़ नहीं होना चाहिए, विकसित होना चाहिए। यही इस विवाद का असली नैतिक केंद्र है। जिमखाना को बचाने की मांग अगर सिर्फ कुछ पुराने विशेषाधिकारों को बचाने की मांग है तो वह लोकतांत्रिक नहीं है। लेकिन उसे खत्म करने की मांग अगर इतिहास को मिटाने की हड़बड़ी है तो वह भी विवेकपूर्ण नहीं है। दिल्ली जिमखाना क्लब की जड़ें औपनिवेशिक सत्ता में हैं। क्लब ने अपनी आधिकारिक जानकारी में भी माना है कि वह 3 जुलाई 1913 को अपने वर्तमान स्वरूप में आया था और तब उसका नाम “इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब” था; आज़ादी के बाद “इम्पीरियल” शब्द हट गया। लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल नाम से “इम्पीरियल” हट जाने से संस्थान लोकतांत्रिक हो जाता है? बिल्कुल नहीं। यदि उसकी सदस्यता, पहुंच, सामाजिक संस्कृति और संसाधनों पर कब्जा अब भी एक बंद अभिजात मंडली के हाथ में है, तो वह आजाद भारत में भी साम्राज्य की छाया ही है। इसीलिए जिमखाना की आलोचना जरूरी है। वर्षों से उस पर अभिजात्य, बंद सदस्यता, लंबे वेटिंग पीरियड, परिवार-आधारित सुविधा और सार्वजनिक जमीन पर निजी-से क्लब-संस्कृति के आरोप लगते रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार क्लब की सदस्यता को लेकर दशकों लंबे इंतजार और “ग्रीन कार्ड” जैसी व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में जनता पूछेगी ही कि राजधानी की सबसे कीमती जमीन का उपयोग कितने लोगों के लिए है और किस सामाजिक तर्क से है? लेकिन यही प्रश्न सरकार से भी पूछा जाना चाहिए। यदि समस्या अभिजात्य है तो समाधान लोकतंत्रीकरण होना चाहिए, विस्थापन नहीं। यदि समस्या बंद दरवाजे हैं तो समाधान दरवाजे खोलना होना चाहिए, इमारत गिराना नहीं। यदि समस्या सार्वजनिक जमीन पर निजी विशेषाधिकार है तो उपाय यह होना चाहिए कि उस जगह को खेल, इतिहास, पुस्तकालय, सार्वजनिक व्याख्यान, युवा कार्यक्रम, शहरी विरासत, संगीत, कला और नागरिक संवाद के लिए व्यापक रूप से उपलब्ध कराया जाए। सांस्कृतिक संस्थानों का दोष यह नहीं कि वे पुराने हैं; दोष यह है कि वे पुराने होकर भी सीखना बंद कर दें। एक पुराना पेड़ अगर फल और छाया दे रहा है तो उसे काटना मूर्खता है; लेकिन यदि उसने चारों ओर की जमीन घेर ली है और किसी को पास नहीं आने देता तो उसकी छँटाई, देखभाल और सार्वजनिक उपयोग जरूरी है। जिमखाना भी ऐसा ही पेड़ है; औपनिवेशिक बीज से निकला, सत्ता की धूप में पला, अभिजात्य की बाड़ से घिरा; पर अब प्रश्न यह है कि उसे जनता की खुली छाँव बनाया जा सकता है या नहीं। इस विवाद का मानवीय पक्ष भी है। रिपोर्टों में क्लब के लगभग 600 कर्मचारियों की रोज़ी-रोटी को लेकर चिंता जताई गई है। किसी भी बड़े प्रशासनिक निर्णय में यह सवाल आखिरी पंक्ति में नहीं आना चाहिए। सत्ता और अभिजात्य के संघर्ष में अक्सर सबसे पहले वही लोग कुचले जाते हैं जिनके नाम कहीं नहीं होते—माली, रसोइए, वेटर, सुरक्षा-कर्मी, सफाईकर्मी, पुराने कर्मचारी। जिमखाना का भविष्य तय करते समय उनकी नौकरी, मुआवजा, पुनर्वास और गरिमा को केंद्र में रखना होगा। #Gymkhana @PTI_News
Press Trust of India@PTI_News

VIDEO | Delhi: “It is pity that cultural institutions are shrinking; they must evolve, not ossify”, says Historian Swapna Liddle on Centre ordering to vacate Gymkhana by June 5. (Full video available on PTI Videos - ptivideos.com)

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𝐆𝐮𝐫𝐣𝐚𝐫 𝐂𝐨𝐧𝐧𝐞𝐜𝐭 🌐​
"पहली से भी पहली बात — 25 सितंबर 2022 को अगर गहलोत-वफादार विधायक, कांग्रेस द्वारा आधिकारिक रूप से बुलाई गई विधायक दल की बैठक में शामिल होने की बजाय, तत्कालीन मंत्री शांति धारीवाल के सरकारी आवास पर 'समानांतर बैठक' करके पार्टी-विरोधी गतिविधि न चलाते — और @GovindDotasra अगर @ashokgehlot51 के साथ मिलकर तनोट में बैठकर पार्टी के साथ खुली गद्दारी न करता — तो आज राजस्थान में @INCIndia की सरकार न केवल दोबारा बनी होती, बल्कि पूरी स्थिरता के साथ चल भी रही होती। जिस गद्दार मुख्यमंत्री-सह-प्रदेश अध्यक्ष की गद्दारी के प्रत्यक्ष परिणामस्वरूप पार्टी का चुनाव में 'सूपड़ा साफ' हो गया — वो आज भी बेशर्मी से 'सब कुछ मुझे ही मिले' वाली महत्वाकांक्षा की आग में जल रहा है। ऐसे गद्दारी के पुरोधा का किसी भी स्तर पर होना — कांग्रेस के असली वफादारों का घोर अपमान है। इसलिए @SachinPilot पर उंगली उठाने से पहले — अपना गिरेबान देखो! @RahulGandhi @priyankagandhi @SachinPilot @AadeshRawal #तनोट_कांड #तनोटिये #राजस्थान_कांग्रेस
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali@Khalbaali

पहली बात कांग्रेस कभी मुख्यमंत्री चेहरे पर चुनाव में जाती ही नहीं है, कर्नाटक में भी पिछले सारे चुनाव में कांग्रेस सिंबल के निशान पर चुनाव लड़ी है। दूसरी बात कि कर्नाटक में विवाद होता तो आज सरकार स्थिरता से चल नहीं रही होती और विधायक मानेसर आकर बैठ गए होते। आदेश रावल का सचिन पायलट से काफी गहरा रिश्ता है तो पायलट जी को कर्नाटक में डीके शिवकुमार से सीखना चाहिए कि पार्टी से वफादारी और "सब मुझे ही चाहिए" वाली भूख की महत्वाकांक्षा में गद्दारी में से क्या चुनना चाहिए।

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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@KankarwadKaran @Pratihar_Vansh अब ये ऐसे थोड़ी बोलेगी सारे कुकर्म हमारे गुज्जरों ने किए थे,, खुद की लाज बचाने के लिए इल्जाम हमेशा बचाने वाले ओर लगा दिए जाते हैं,, इनका भी यही है,, ये लोग ST में शामिल होना चाहते थे मीणा कैसे इनको st शामिल हो जाने देते,,, मणिपुर में भी st में शामिल करने की लड़ाई चल रही है 😂
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🏹Kankarwad Karan
🏹Kankarwad Karan@KankarwadKaran·
@Pratihar_Vansh अरे भैंस बुद्धि ऐसा करने वाले तुम्हारे आंदोलनकारी ही थे मीणा नहीं थे शायद सूरोठ के पास की घटना है
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Om Prakash Gothwal
Om Prakash Gothwal@omiigothwal_01·
भरतपुर में राजेश कुमार मीणा IPS और टोंक में रोशन मीणा IPS ने कल 23.05.2026 को जिला पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार ग्रहण किया। हर तरफ़ हर जगह मीणा ही मीणा हो रखा हैं ✌️
Om Prakash Gothwal tweet mediaOm Prakash Gothwal tweet media
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@47__Lambardarr @Arjun_Mehar इसी चक्कर में तुम लोग सरकारी गोली से मरे थे,, अब हाथ नहीं आए तो अंगूर खट्टे गए
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LAMBARDAR M 🐎
LAMBARDAR M 🐎@47__Lambardarr·
क्या आपको पता है मीणा समुदाय की कुल आबादी 50 लाख है , जो कि देश की 140 करोड़ आबादी का 0.35% है लेकिन आरक्षण ले रहे हैं 7.5% अपनी आबादी का 25 गुना, आप केंद्र की नौकरी, राजस्थान की नौकरी, दिल्ली विश्वविद्यालय का डाटा देख सकते हैं शुद्ध आदिवासी भीलों का हक यह जमींदार लोग खा रहे है
LAMBARDAR M 🐎 tweet mediaLAMBARDAR M 🐎 tweet mediaLAMBARDAR M 🐎 tweet mediaLAMBARDAR M 🐎 tweet media
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@TheTribhuvan जनजातीय UGC से बाहर रहेगी, वर्तमान में भी ओर भविष्य में भी
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Tribhuvan_Official
Tribhuvan_Official@TheTribhuvan·
क्या कोई इस प्रकाश डालेगा कि अगर समान नागरिक संहिता कानून लागू हुआ तो फिर जनजातियों को दूसरी शादी पर अपराधी माना जाएगा या नहीं? उनकी स्थानीय प्रथाओं को छूट रहेगी या नहीं? यह इसलिए पूछा कि कई राज्यों में समान नागरिक संहिता की बात चल रही है। असम तो इस तरह का बिल ला ही रहा है।
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M M singh
M M singh@MMsingh1250·
@aajtak जब किसानों के जमीन जाती है तब एक ही डायलॉग दिया जाता है,, विकास के लिए ये जरूरी है, वैसे ही इसकी भी देश को जरूरत है
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AajTak
AajTak@aajtak·
दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने के आदेश पर सदस्यों का विरोध, कोर्ट जाने की तैयारी लुटियंस दिल्ली के ऐतिहासिक दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने के सरकारी आदेश पर विवाद बढ़ गया है. केंद्र ने क्लब को 5 जून तक पूरी 27.3 एकड़ जमीन खाली करने का नोटिस दिया है. इसके खिलाफ अब क्लब के सदस्य सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं. इसी सिलसिले में रविवार को सदस्यों की एक अहम बैठक हुई. इसमें कानूनी कार्रवाई के लिए सहमति बनी और सिग्नेचर कैंपेन भी शुरू किया गया. पढ़ें पूरी ख़बर: intdy.in/rdev0h #delhi #gymkhanaclub #court #GovernmentOrder
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Ajay Gurjar
Ajay Gurjar@MeerutPradesh·
ऐतिहासिक महापंचायत में 500-700 लोग बमुश्किल है और पाचना बांध में 36 कौम ने बंद कर रखा है क्योंकि पानी पर अधिकार है उनका, कमांड क्षेत्र रामकेश ने बनवा दिया किंतु वो उस लेवल पर खरा नहीं उतर रहा था अब भाई जा और खोल पानी तू
🏹 Arjun Mehar | अर्जुन महर ☭@Arjun_Mehar

अगर ये लोग हमें डराना चाहते है तो सुन लो ना हम पहले डरे थे और ना अब डरेंगे.!

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