




Manish kumar
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@Mk67944Manish
social worker









@parivartan54164 @PahelFoundation @Mk67944Manish We’re pleased to inform you that the issue has been resolved. MCD remains committed to enhancing the quality of life for Delhi’s citizens and was happy to assist. Warm regards, Team South Zone, MCD @CPCB_OFFICIAL @MCD_Delhi @LtGovDelhi










विषय: खसरा नं. 159 (वक्फ भूमि) पर अवैध अतिक्रमण, अनधिकृत निर्माण और 5 बीसवा आम रास्ते पर कब्जा - तत्काल कार्रवाई की मांग मैं , नई दिल्ली का निवासी हूं। सूचित करना चाहता हूं कि adchini खसरा नंबर 159 राजस्व रिकॉर्ड में वक्फ भूमि है, जिसमें दरगाह और मस्जिद दर्ज है। इस खसरा नंबर 159, जIमा मस्जिद मदरसा के सामने) पर बिल्डरों द्वारा अवैध निर्माण किया जा रहा है। इन निर्माणों में 5 बीसवा आम रास्ता (आम रास्ता) भी पूरी तरह से हड़प लिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। इस मामले में पहले ही निम्नलिखित स्थानों पर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है: मुख्यमंत्री दिल्ली कार्यालय MCD कमिश्नर डिप्टी कमिश्नर, MCD साउथ जोन एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, बिल्डिंग-I, साउथ जोन CVC, CVO-MCD दिल्ली वक्फ बोर्ड, दरियागंज फिर भी आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उल्टा बिल्डर सरकारी विभागों का मजाक उड़ा रहे हैं और कह रहे हैं कि “कोई कुछ नहीं कर सकता”। यह स्थिति बेहद शर्मनाक है। वक्फ संपत्ति की सुरक्षा और आम रास्ते को खाली कराने के लिए तुरंत निम्न कार्रवाई की जाए: अवैध निर्माण पर तुरंत रोक लगाई जाए। हड़पे गए 5 बीसवा आम रास्ते को खाली कराया जाए। दोषी बिल्डरों/अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार वक्फ भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संलग्न: स्थल की तस्वीरें, GPS लोकेशन कृपया इस शिकायत को गंभीरता से लें @OfficialWaqf @CMODelhi @MCD_Delhi @hqrevenue_ @DMSouthDelhi @DPCC_Pollution @DCSOUTHZONE @MCD_Delhi @WahiPravesh @MoHUA_India @PMOIndia @LtGovDelhi



URGENT PUBLIC NOTICE & LEGAL WARNING 🚨 The so-called “demolition action” in Adchini, South Delhi appears to be nothing more than cosmetic eyewash. Illegal multi-storey buildings on protected Waqf graveyard land are still standing almost untouched. Big question: Why is MCD not taking full action? Why are SDM, DDA & Waqf Board remaining silent while encroachment continues openly? It feels like a well-organized nexus where builders first complete illegal construction worth crores, and later symbolic demolition is done only to calm public outrage. Locals are questioning whether money and influence have completely weakened enforcement agencies. If illegal builders can openly continue construction on graveyard land, then what message is being sent about the rule of law? Another serious allegation is that flats worth ₹75–80 lakh are allegedly being sold selectively on religious lines. If true, this is not only unconstitutional but extremely dangerous for social harmony. Important question for authorities: If illegal construction on cremation grounds or temples would never be tolerated, then why is illegal construction on graveyard land being protected? This is no longer just an encroachment issue. This is about: - Abuse of protected religious land - Administrative failure - Possible corruption nexus - Selective enforcement of law We demand: ✔ Complete demolition from the root level ✔ Full restoration of graveyard land ✔ FIR against builders & responsible officials ✔ Independent STF/Vigilance inquiry ✔ Accountability of MCD officials for inaction If authorities continue to ignore this issue, the matter will be escalated before higher authorities, courts, vigilance bodies, and national public platforms. Silence will now be seen as complicity. The public is watching. @LtGovDelhi @MCD_Delhi @OfficialWaqf @official_dda @DelhiPolice @gupta_rekha @CVCIndia @DCSOUTHZONE @DMSouthDelhi @bsesdelhi @DelhiJalBoard @mssirsa @RajaiqbalSingh3 @parivartan54164 @DelhiComplaint @HMOIndia @hqrevenue_ @DirectorPI_MCD @DPCC_Pollution @upadhyaysbjp @ashishsood_bjp






Roads built the nation, but farmers built the heart. @nitin_gadkari ji proves true leadership is not just about highways, but about empowering every family. From ethanol growth to rural prosperity, this is development with soul.

अत्यंत गंभीर कानूनी शिकायत एवं सार्वजनिक चेतावनी वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर संगठित कब्ज़ा, दिखावटी तोड़फोड़, और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप सेवा में, माननीय संबंधित अधिकारीगण, विषय: अदिच्छिनी गांव, दक्षिण दिल्ली में वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध बहुमंजिला निर्माण, अधूरी ध्वस्तीकरण कार्रवाई, प्रशासनिक मिलीभगत, तथा तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग। महोदय, अब यह मामला केवल अवैध निर्माण का नहीं रह गया है। यह एक संगठित भूमि घोटाला प्रतीत हो रहा है, जिसमें भूमाफिया, भ्रष्ट अधिकारी और जिम्मेदार संस्थाओं की चुप्पी मिलकर वक्फ कब्रिस्तान की पूरी जमीन को धीरे-धीरे खत्म कर रही है। जो “डिमोलिशन” किया गया, वह वास्तविक कार्रवाई कम और सिर्फ खानापूर्ति (Cosmetic Demolition) ज्यादा लग रहा है। बाहर से देखने पर इमारतें लगभग वैसी की वैसी खड़ी हैं। मूल ढांचा सुरक्षित है। अतिक्रमण जड़ से खत्म नहीं किया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि: - पहले अवैध निर्माण होने दिया गया, - फिर शिकायतों के दबाव में हल्की कार्रवाई दिखाई गई, - और अब पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल: DM कार्यालय कब पूरी कार्रवाई करेगा? MCD, DDA और Waqf Board आखिर कब जागेंगे? या फिर सच यही है कि “सेटिंग” के कारण सब कुछ जानबूझकर रोका जा रहा है? स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा आम है कि करोड़ों रुपये का खेल चल रहा है और इसी कारण पूरी कार्रवाई नहीं हो रही। बताया जा रहा है कि इन अवैध फ्लैटों की कीमत लगभग ₹75 लाख से ₹80 लाख प्रति फ्लैट तक रखी जा रही है — जबकि जमीन खुद वक्फ कब्रिस्तान की बताई जा रही है। यदि यह सत्य है, तो यह केवल अतिक्रमण नहीं बल्कि: - धार्मिक संपत्ति की लूट, - सरकारी तंत्र का दुरुपयोग, - और कानून का खुला मजाक है। अत्यंत चिंताजनक आरोप: यह भी आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ बिल्डर कह रहे हैं: “फ्लैट केवल मुसलमानों को दिए जाएंगे, हिंदुओं को नहीं।” यदि ऐसा है, तो यह: - संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन, - धर्म आधारित भेदभाव, - और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला मामला है। एक सीधा प्रश्न: क्या कोई हिंदू श्मशान घाट की जमीन पर अवैध बिल्डिंग बना सकता है? यदि नहीं, तो कब्रिस्तान की जमीन पर यह सब कैसे हो रहा है? कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। चाहे श्मशान हो या कब्रिस्तान — धार्मिक भूमि पर अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन से सवाल: - अधूरी कार्रवाई किसके आदेश पर हुई? - पूरा ध्वस्तीकरण क्यों नहीं किया गया? - वक्फ बोर्ड अब तक चुप क्यों है? - क्या अधिकारियों पर राजनीतिक या आर्थिक दबाव है? यदि जिम्मेदार संस्थाएं अपनी ही जमीन नहीं बचा पा रहीं, तो यह उनकी सीधी प्रशासनिक विफलता है। हमारी सख्त मांगें: 1. सभी अवैध निर्माणों का पूर्ण ध्वस्तीकरण किया जाए। 2. वक्फ कब्रिस्तान भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। 3. बिल्डरों, कब्जाधारियों और संबंधित अधिकारियों पर FIR दर्ज हो। 4. SDM, MCD, DDA और Waqf Board की भूमिका की जांच हो। 5. STF/Vigilance द्वारा स्वतंत्र जांच कराई जाए। 6. धर्म आधारित फ्लैट बिक्री के आरोपों की जांच हो। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से विशेष निवेदन @gupta_rekha जी, यदि आपकी सरकार सच में अवैध कब्जों के खिलाफ है, तो इस मामले में केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि जड़ से सफाई होनी चाहिए। कब्रिस्तान की जमीन को पूरी तरह मुक्त कराया जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। जनता अब सिर्फ नोटिस और दिखावे नहीं, बल्कि वास्तविक न्याय चाहती है। अंतिम चेतावनी: यदि इस मामले में अब भी केवल खानापूर्ति की गई, तो यह मुद्दा: - उच्च न्यायालय - लोकायुक्त - केंद्रीय सतर्कता आयोग - और राष्ट्रीय स्तर पर जनहित मामले के रूप में उठाया जाएगा। यह सिर्फ जमीन नहीं — कानून, आस्था, प्रशासनिक ईमानदारी और जनता के विश्वास का मामला है। अब चुप्पी नहीं चलेगी। जनता सब देख रही है। @LtGovDelhi @MCD_Delhi @OfficialWaqf @official_dda @DelhiPolice @gupta_rekha @DCSOUTHZONE @HMOIndia @mssirsa @ashishsood_bjp @CVCIndia @DirectorPI_MCD @DelhiPwd @DPCC_Pollution @CAQM_Official @parivartan54164 @BJP4Delhi @PIBHomeAffairs @bsesdelhi @DelhiJalBoard @DoWRRDGR_MoJS @bha17233 @DelhiComplaint @hqrevenue_ @gupta_rekha @DMSouthDelhi @KumaarSaagar @NBTDilli






श्रीमती @gupta_rekha ji, आपकी सरकार से जनता को बहुत उम्मीदें हैं कि आप आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेंगी। लेकिन T-34-C, Khirki Extension, Malviya Nagar, New Delhi 110017 की स्थिति बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। यहाँ कूड़ा दिन-रात सड़कों पर फैला रहता है। बदबू इतनी ज्यादा है कि आसपास रहना मुश्किल हो गया है। छोटे-छोटे बच्चे इसी गंदगी के बीच रहते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है। लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है, और हालात ऐसे हैं कि किसी मेहमान को बुलाना भी अपमान जैसा लगता है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि कई शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। सफाई कर्मचारी या तो आते नहीं, और यदि आते भी हैं तो काम अधूरा छोड़ देते हैं। जिम्मेदार अधिकारी केवल यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि “यह हमारे अंडर नहीं है।” आखिर जनता जाए तो जाए कहाँ? क्या केवल हाई-फाई कॉलोनियों को ही साफ-सुथरा रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है? छोटे वार्ड, गलियां और आम बस्तियां क्या इस शहर का हिस्सा नहीं हैं? अगर MCD / SDMC और संबंधित विभाग ने इस समस्या का तत्काल समाधान नहीं किया, तो स्थानीय निवासी सामूहिक रूप से उच्च अधिकारियों, मीडिया और जनहित मंचों तक यह मामला पहुंचाने के लिए मजबूर होंगे। यह सिर्फ सफाई का मुद्दा नहीं है — यह प्रशासनिक लापरवाही, जवाबदेही की कमी और आम नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का मामला है। तुरंत सफाई करवाई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो, और इस क्षेत्र के लिए नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। #KhirkiExtension #MalviyaNagar #DelhiCivicIssues #MCD #SDMC #PublicHealth #CleanDelhi #AccountabilityNowTag: @MCD_Delhi @officialSDMC @LtGovDelhi @CMODelhi @DelhiGovDigital @DCSOUTHZONE @DirectorPI_MCD @jakhar470 @upadhyaysbjp @SwachSurvekshan @SBM_MCD @SwatiJaiHind @MoHUA_India @swachhbharat @parivartan54164 @bha17233 @DelhiComplaint @DPCC_Pollution @mssirsa @KhanAli553178






विषय: मालवीय नगर मार्केट में दोबारा अवैध अतिक्रमण, कथित मासिक उगाही एवं विभागीय मिलीभगत — तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग महोदय/महोदया, शिवारिक, मालवीय नगर मार्केट, एयरटेल स्टोर के पास, नई दिल्ली स्थित “श्री राम चाट” नामक ठेला/दुकान द्वारा एक बार फिर सार्वजनिक फुटपाथ और सड़क पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। हाल ही में दिखावटी कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन अब यह दोबारा पहले से भी अधिक निर्भीकता के साथ स्थापित हो चुका है। यह केवल एक अवैध दुकान का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता, कथित भ्रष्टाचार और विभागीय संरक्षण का खुला उदाहरण है। स्थानीय स्तर पर लगातार यह चर्चा रही है कि इस प्रकार के अतिक्रमण बिना MCD और PWD के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के संभव नहीं। कई ग्राहकों के सामने स्वयं दुकान संचालक द्वारा यह कहा गया है कि वह हर महीने “मंथली” देता है, इसलिए उसे फुटपाथ पर दुकान लगाने से कोई नहीं रोक सकता। उसका खुला दावा है कि “फुटपाथ मेरा है, किसी की औकात नहीं जो मुझे हटा दे।” यदि यह बयान सत्य है, तो यह सीधा-सीधा सरकारी तंत्र की साख पर प्रश्नचिह्न है। और यदि यह असत्य है, तो संबंधित विभागों को तत्काल सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर यह अवैध कब्जा बार-बार कैसे बहाल हो जाता है? यह भी गंभीर आरोप सामने आए हैं कि दक्षिण क्षेत्र में अवैध उगाही के लिए बाहरी/अन्य ज़ोन के कर्मचारियों का उपयोग किया जाता है, ताकि स्थानीय स्तर पर पहचान और जवाबदेही से बचा जा सके। यदि इसमें तनिक भी सच्चाई है, तो यह केवल प्रशासनिक अनियमितता नहीं, बल्कि संगठित भ्रष्टाचार का मामला है। जमीनी स्थिति अत्यंत गंभीर है: • फुटपाथ पूरी तरह अवरुद्ध • पैदल यात्रियों को सड़क पर चलने की मजबूरी • सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग • रोजाना ट्रैफिक जाम • आपातकालीन सेवाओं के लिए बाधा • सार्वजनिक सुरक्षा पर सीधा खतरा सबसे शर्मनाक तथ्य यह है कि विभागीय कार्रवाई केवल 1–2 दिन की औपचारिकता बनकर रह जाती है, जिसके बाद वही कब्जा दोबारा स्थापित हो जाता है। इससे जनता के बीच यह संदेश जाता है कि कानून बिकाऊ है और मासिक उगाही के सामने प्रशासन मौन है। MCD और PWD से सीधा प्रश्न है — क्या आपकी जिम्मेदारी केवल नोटिस जारी करना है या अवैध कब्जा स्थायी रूप से हटाना भी? क्या आपकी प्राथमिकता जनता की सुरक्षा है या कथित “मंथली” वसूली? क्या सरकारी फुटपाथ अब निजी किराये पर दिए जा रहे हैं? यदि किसी कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध तत्काल निलंबन, विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई की जाए। मेरी मांगें: 1. अवैध अतिक्रमण का तत्काल और स्थायी निष्कासन 2. फुटपाथ को आम नागरिकों के लिए पूर्ण रूप से मुक्त कराया जाए 3. कथित मासिक उगाही और विभागीय मिलीभगत की स्वतंत्र जांच 4. जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों पर कठोर अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई 5. भविष्य में पुनः कब्जा रोकने हेतु स्थायी निगरानी व्यवस्था यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला उच्च प्रशासन, सतर्कता विभाग, लोकायुक्त एवं न्यायिक मंचों तक ले जाया जाएगा। धन्यवाद। @MCD_Delhi @LtGovDelhi @CMODelhi @DelhiPolice @DelhiPwd @DirectorPI_MCD @DCSOUTHZONE @mssirsa @ashishsood_bjp @upadhyaysbjp @parivartan54164 (नवीनतम फोटो संलग्न — अवैध अतिक्रमण का स्पष्ट प्रमाण)




