Social Welfare Crime Control Bureau Trust

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Katılım Ekim 2025
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Garima
Garima@Garima315797·
pratham pahel foundation@PahelFoundation

विषय: केवल संपत्ति दर्ज करना पर्याप्त नहीं — अवैध निर्माण पर पूर्ण ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जाए माननीय @DCSOUTHZONE @MCD_Delhi @LtGovDelhi आपकी ओर से यह बताया गया कि संबंधित संपत्ति को दर्ज कर लिया गया है। यह जानकारी ठीक है, लेकिन जनता यह जानना चाहती है कि संपत्ति दर्ज करने के बाद अब तक वास्तविक कार्रवाई क्या की गई है? यदि निर्माण पूरी तरह अवैध और अनधिकृत है, तो अभी तक उसका पूर्ण ध्वस्तीकरण क्यों नहीं किया गया? केवल फाइल संख्या बताकर और संपत्ति दर्ज कर देने से समस्या का समाधान नहीं होता। यह केवल कागजी कार्यवाही और दिखावटी कार्रवाई प्रतीत होती है, जबकि अवैध निर्माण अभी भी जस का तस खड़ा है। इससे यह गंभीर प्रश्न उठता है कि क्या ऐसे अवैध निर्माणों को अवैध तरीकों, मिलीभगत या पैसों के प्रभाव से संरक्षण दिया जा रहा है। यदि कानून स्पष्ट है, तो कठोर कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई? जनता निम्न प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर चाहती है: 1. संपत्ति दर्ज होने के बाद ध्वस्तीकरण का नोटिस कब जारी किया गया? 2. अब तक वास्तविक ध्वस्तीकरण कार्रवाई क्यों नहीं हुई? 3. जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई? 4. क्या इस अवैध निर्माण को संरक्षण दिया जा रहा है? हम दक्षिण क्षेत्र एमसीडी से स्पष्ट मांग करते हैं कि: ✅ इस अवैध निर्माण को पूर्ण रूप से ध्वस्त किया जाए। ✅ केवल दिखावटी या आंशिक ध्वस्तीकरण बंद किया जाए। ✅ अवैध संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई हो। ✅ पूरी कार्रवाई के प्रमाण स्वरूप नवीनतम चित्र और विवरण सार्वजनिक किए जाएं। केवल संपत्ति दर्ज करना कार्रवाई नहीं है। वास्तविक कार्रवाई अवैध निर्माण को पूरी तरह हटाना है। जनता को केवल कागजी जवाब नहीं, बल्कि ज़मीन पर कठोर कार्रवाई चाहिए। @LtGovDelhi @CMODelhi @MCD_Delhi @CPCB_OFFICIAL @CVCIndia @HMOIndia @ashishsood_bjp @mssirsa @bha17233 @bsesdelhi @hqrevenue_ @official_dda @DPCC_Pollution @DelhiComplaint @parivartan54164 @DirectorPI_MCD @WelfareCrime #अवैध_निर्माण #अतिक्रमण #दक्षिण_क्षेत्र_एमसीडी #तत्काल_ध्वस्तीकरण #जवाबदेही

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parivartan foundation A change
parivartan foundation A change@parivartan54164·
Inquiry should be conducted on junior engineer sh. Sachin Chaudhary as soon as possible
pratham pahel foundation@PahelFoundation

🚨 भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा – South Zone MCD के JE पर गंभीर आरोप 🚨 क्या South Zone MCD में बैठे कुछ अधिकारी अवैध निर्माण माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं? श्री Sachin Choudhary, जो वर्तमान में Devli / Mehrauli क्षेत्र में Junior Engineer के पद पर तैनात हैं, उन पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इससे पहले इनकी पोस्टिंग Sainik Farm में थी, जहाँ कथित तौर पर करोड़ों रुपये की रिश्वत लेकर अवैध निर्माणों को संरक्षण देने के आरोप लगे। अब नया मामला Devli 136 का सामने आया है, जहाँ कृषि भूमि पर अवैध रूप से 5-6-7 मंज़िला इमारतें खड़ी कर दी गईं, जबकि वहाँ निर्माण पूरी तरह गैरकानूनी है। आरोप है कि: • अवैध निर्माणकर्ताओं से भारी रिश्वत ली गई • शिकायतें आने पर केवल दिखावटी नोटिस दिए गए • सेटिंग के तहत सिर्फ ऊपर-ऊपर से तोड़फोड़ कर खानापूर्ति की गई • पूरी इमारतों को बचाने का प्रयास हुआ सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब demolition की कार्रवाई हुई तो स्थानीय लोगों ने खुलेआम आरोप लगाए कि: “कई करोड़ खा गया…” “Hisar में plotting कर रहा है…” यदि यह आरोप सही हैं तो यह सिर्फ departmental negligence नहीं बल्कि बड़े स्तर का भ्रष्टाचार है। अब बड़ा सवाल: ❓ क्या Municipal Corporation of Delhi इसकी निष्पक्ष जांच कराएगा? ❓ क्या Central Bureau of Investigation (CBI) इस पूरे मामले की जांच करेगी? ❓ क्या Sainik Farm और Devli में हुए कथित करोड़ों के खेल की financial trail खंगाली जाएगी? हमारी मांग: ✅ तत्काल suspension ✅ Vigilance/CBI inquiry ✅ संपत्तियों और आय के स्रोत की जांच ✅ Sainik Farm और Devli के सभी संदिग्ध निर्माणों की पुनः जांच यदि वीडियो और जनता के आरोप सही हैं तो यह दिल्ली में अवैध निर्माण माफिया और विभागीय मिलीभगत का बड़ा उदाहरण है। अब जवाब चाहिए। #MCDCorruption #SouthZoneMCD #Devli #Mehrauli #SainikFarm #DelhiCorruption #CBIInquiry #IllegalConstruction Tag: @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @LtGovDelhi @CMODelhi @mssirsa @ashishsood_bjp @hqrevenue_ @official_dda @DPCC_Pollution @HMOIndia @CBIHeadquarters @CVCIndia @parivartan54164 @CPCB_OFFICIAL @PMOIndia @gupta_rekha @DMSouthDelhi @AcbHeadDelhi @p_sahibsingh @DirectorPI_MCD @satya_office @RajaiqbalSingh3 @AdditionalMcd @BhallaAjay26 @PIBHomeAffairs

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parivartan foundation A change
parivartan foundation A change@parivartan54164·
Adchini Delhi खसरा नं. 159 में वक्फ बोर्ड की जमीन पर दिन-दहाड़े अवैध कब्जा और मल्टी-स्टोरी अनधिकृत निर्माण खुलेआम चल रहा है! MCD, DDA, LG Office, CVC को बार-बार शिकायतें दीं, लेकिन सब बेकार। MCD का जवाब — "UC लिस्ट में डाल दिया, मुद्दा सॉल्व"! शर्मनाक! 5 बिस्वा रास्ता भी बिल्डरों ने हड़प लिया, कब्जा क्यों नहीं हटाया? demolition क्यों नहीं हो रहा? सड़क पर मल्टी-स्टोरी बना दो तो भी MCD सिर्फ लिस्ट में डाल देगी? MCD अधिकारियों और बिल्डरों की सांठ-गांठ खुलेआम! भ्रष्टाचार चरम पर! तुरंत एक्शन लो, कब्जा हटाओ, निर्माण ढहाओ! @MCDDelhi @LtGovDelhi @CMODelhi @DelhiPolice @CVC_India @DMSouthDelhi @hqrevenue_ @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @DPCC_Pollution @PMOIndia @HMOIndia @official_dda stf #AdchiniScam #IllegalConstruction #WaqfLandEncroachment #MCDCorruption
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🚨 भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा – South Zone MCD के JE पर गंभीर आरोप 🚨 क्या South Zone MCD में बैठे कुछ अधिकारी अवैध निर्माण माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं? श्री Sachin Choudhary, जो वर्तमान में Devli / Mehrauli क्षेत्र में Junior Engineer के पद पर तैनात हैं, उन पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इससे पहले इनकी पोस्टिंग Sainik Farm में थी, जहाँ कथित तौर पर करोड़ों रुपये की रिश्वत लेकर अवैध निर्माणों को संरक्षण देने के आरोप लगे। अब नया मामला Devli 136 का सामने आया है, जहाँ कृषि भूमि पर अवैध रूप से 5-6-7 मंज़िला इमारतें खड़ी कर दी गईं, जबकि वहाँ निर्माण पूरी तरह गैरकानूनी है। आरोप है कि: • अवैध निर्माणकर्ताओं से भारी रिश्वत ली गई • शिकायतें आने पर केवल दिखावटी नोटिस दिए गए • सेटिंग के तहत सिर्फ ऊपर-ऊपर से तोड़फोड़ कर खानापूर्ति की गई • पूरी इमारतों को बचाने का प्रयास हुआ सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब demolition की कार्रवाई हुई तो स्थानीय लोगों ने खुलेआम आरोप लगाए कि: “कई करोड़ खा गया…” “Hisar में plotting कर रहा है…” यदि यह आरोप सही हैं तो यह सिर्फ departmental negligence नहीं बल्कि बड़े स्तर का भ्रष्टाचार है। अब बड़ा सवाल: ❓ क्या Municipal Corporation of Delhi इसकी निष्पक्ष जांच कराएगा? ❓ क्या Central Bureau of Investigation (CBI) इस पूरे मामले की जांच करेगी? ❓ क्या Sainik Farm और Devli में हुए कथित करोड़ों के खेल की financial trail खंगाली जाएगी? हमारी मांग: ✅ तत्काल suspension ✅ Vigilance/CBI inquiry ✅ संपत्तियों और आय के स्रोत की जांच ✅ Sainik Farm और Devli के सभी संदिग्ध निर्माणों की पुनः जांच यदि वीडियो और जनता के आरोप सही हैं तो यह दिल्ली में अवैध निर्माण माफिया और विभागीय मिलीभगत का बड़ा उदाहरण है। अब जवाब चाहिए। #MCDCorruption #SouthZoneMCD #Devli #Mehrauli #SainikFarm #DelhiCorruption #CBIInquiry #IllegalConstruction Tag: @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @LtGovDelhi @CMODelhi @mssirsa @ashishsood_bjp @hqrevenue_ @official_dda @DPCC_Pollution @HMOIndia @CBIHeadquarters @CVCIndia @parivartan54164 @CPCB_OFFICIAL @PMOIndia @gupta_rekha @DMSouthDelhi @AcbHeadDelhi @p_sahibsingh @DirectorPI_MCD @satya_office @RajaiqbalSingh3 @AdditionalMcd @BhallaAjay26 @PIBHomeAffairs

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अत्यंत गंभीर सार्वजनिक सूचना एवं कानूनी चेतावनी 🚨 “बधाई हो दिल्ली वालों” — अब लगता है कि वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्ज़ा करना आसान हो गया है। 500 गज, 100 गज, 200 गज की अवैध बिल्डिंगें बन रही हैं और लाखों-करोड़ों की कमाई खुलेआम हो रही है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि संबंधित विभाग या तो सो रहे हैं या फिर सब कुछ देखकर भी आंखें बंद किए बैठे हैं। अदिच्छिनी, दक्षिण दिल्ली में वक्फ कब्रिस्तान की संरक्षित भूमि पर बने अवैध बहुमंजिला निर्माण आज भी लगभग वैसे ही खड़े हैं। जो कार्रवाई दिखाई गई, वह सिर्फ Cosmetic Eyewash लग रही है। सबसे बड़ा सवाल: MCD पूरी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही? SDM, DDA और Waqf Board आखिर चुप क्यों हैं? अगर कब्रिस्तान की जमीन पर भी खुलेआम अवैध निर्माण जारी रह सकता है, तो फिर कानून का डर आखिर बचा कहाँ है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों की अवैध प्रॉपर्टी बनाई जा रही है और बाद में सिर्फ दिखावे की तोड़फोड़ कर मामला दबा दिया जाता है। प्रशासन से सीधा सवाल: अगर मंदिर या श्मशान घाट की जमीन पर अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं होगा, तो फिर कब्रिस्तान की जमीन पर यह सब क्यों? ✔ जड़ से पूरा ध्वस्तीकरण हो ✔ कब्रिस्तान भूमि पूरी तरह खाली कराई जाए ✔ बिल्डरों और जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR हो ✔ STF/Vigilance जांच कराई जाए जागो दिल्ली वालों जागो। आज कब्रिस्तान की जमीन जा रही है, कल सार्वजनिक जमीनें भी सुरक्षित नहीं रहेंगी। अब चुप्पी को मिलीभगत माना जाएगा। जनता सब देख रही है। @PMOIndia @HMOIndia @LtGovDelhi @CMODelhi @MCD_Delhi @official_dda @OfficialWaqf @DelhiPolice @CVCIndia @rashtrapatibhvn @gupta_rekha @DCSOUTHZONE @CPDelhi @DelhiComplaint @parivartan54164 @upadhyaysbjp @DirectorPI_MCD @bha17233 @bsesdelhi @DelhiJalBoard @ASIGoI @WelfareCrime @mssirsa @ashishsood_bjp @DMSouthDelhi

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URGENT PUBLIC NOTICE & LEGAL WARNING 🚨 The so-called “demolition action” in Adchini, South Delhi appears to be nothing more than cosmetic eyewash. Illegal multi-storey buildings on protected Waqf graveyard land are still standing almost untouched. Big question: Why is MCD not taking full action? Why are SDM, DDA & Waqf Board remaining silent while encroachment continues openly? It feels like a well-organized nexus where builders first complete illegal construction worth crores, and later symbolic demolition is done only to calm public outrage. Locals are questioning whether money and influence have completely weakened enforcement agencies. If illegal builders can openly continue construction on graveyard land, then what message is being sent about the rule of law? Another serious allegation is that flats worth ₹75–80 lakh are allegedly being sold selectively on religious lines. If true, this is not only unconstitutional but extremely dangerous for social harmony. Important question for authorities: If illegal construction on cremation grounds or temples would never be tolerated, then why is illegal construction on graveyard land being protected? This is no longer just an encroachment issue. This is about: - Abuse of protected religious land - Administrative failure - Possible corruption nexus - Selective enforcement of law We demand: ✔ Complete demolition from the root level ✔ Full restoration of graveyard land ✔ FIR against builders & responsible officials ✔ Independent STF/Vigilance inquiry ✔ Accountability of MCD officials for inaction If authorities continue to ignore this issue, the matter will be escalated before higher authorities, courts, vigilance bodies, and national public platforms. Silence will now be seen as complicity. The public is watching. @LtGovDelhi @MCD_Delhi @OfficialWaqf @official_dda @DelhiPolice @gupta_rekha @CVCIndia @DCSOUTHZONE @DMSouthDelhi @bsesdelhi @DelhiJalBoard @mssirsa @RajaiqbalSingh3 @parivartan54164 @DelhiComplaint @HMOIndia @hqrevenue_ @DirectorPI_MCD @DPCC_Pollution @upadhyaysbjp @ashishsood_bjp

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pratham pahel foundation
pratham pahel foundation@PahelFoundation·
भारत सरकार, Ministry of Home Affairs, राज्य सरकारों और संबंधित प्रशासन से मेरी सख्त अपील है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, लाइसेंसी गन के साथ रील बनाना, धमकी भरे गाने लगाना और अपराधी जैसी छवि दिखाने वाले ट्रेंड पर तुरंत कड़ा एक्शन लिया जाए। आजकल Instagram, Facebook, YouTube जैसे प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग लाइसेंसी हथियारों को स्टेटस सिंबल और डर फैलाने के साधन की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। यह केवल कानून का मजाक नहीं बल्कि युवाओं को गलत दिशा में धकेलने वाला बेहद खतरनाक ट्रेंड बन चुका है। सरकार ने हथियार आत्मरक्षा और कानूनी सुरक्षा के लिए दिए हैं, न कि सोशल मीडिया पर “डॉन” बनने या लोगों में डर पैदा करने के लिए। ऐसे वीडियो समाज में हिंसा, गुंडागर्दी और अपराधी मानसिकता को बढ़ावा देते हैं। हम उच्च अधिकारियों और लाइसेंस जारी करने वाली एजेंसियों से मांग करते हैं कि: • सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वालों की तुरंत पहचान कर FIR दर्ज की जाए। • हथियारों का दुरुपयोग और दिखावा करने वालों के Arms Licence तत्काल रद्द किए जाएं। • ऐसे लोगों की लाइसेंस वेरिफिकेशन दोबारा की जाए कि क्या वे वास्तव में हथियार रखने योग्य हैं। • सोशल मीडिया कंपनियों को हथियारों के महिमामंडन वाले कंटेंट हटाने के निर्देश दिए जाएं। • युवाओं को अपराधी संस्कृति से बचाने के लिए सख्त डिजिटल मॉनिटरिंग की जाए। कानून सुरक्षा के लिए होता है, दहशत और शोऑफ के लिए नहीं। अगर आज इस ट्रेंड पर सख्ती नहीं हुई तो कल यही “रील कल्चर” अपराध को बढ़ावा देगा। @HMOIndia @MIB_India @DelhiPolice @Uppolice @CPDelhi @DGPUP @mygovindia @PIB_India @CyberDost @NCWIndia @NIA_India #StopGunGlorification #BanWeaponReels #CancelGunLicence #PublicSafety #ActionAgainstGunShowoff
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अत्यंत गंभीर कानूनी शिकायत एवं सार्वजनिक चेतावनी वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर संगठित कब्ज़ा, दिखावटी तोड़फोड़, और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप सेवा में, माननीय संबंधित अधिकारीगण, विषय: अदिच्छिनी गांव, दक्षिण दिल्ली में वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध बहुमंजिला निर्माण, अधूरी ध्वस्तीकरण कार्रवाई, प्रशासनिक मिलीभगत, तथा तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग। महोदय, अब यह मामला केवल अवैध निर्माण का नहीं रह गया है। यह एक संगठित भूमि घोटाला प्रतीत हो रहा है, जिसमें भूमाफिया, भ्रष्ट अधिकारी और जिम्मेदार संस्थाओं की चुप्पी मिलकर वक्फ कब्रिस्तान की पूरी जमीन को धीरे-धीरे खत्म कर रही है। जो “डिमोलिशन” किया गया, वह वास्तविक कार्रवाई कम और सिर्फ खानापूर्ति (Cosmetic Demolition) ज्यादा लग रहा है। बाहर से देखने पर इमारतें लगभग वैसी की वैसी खड़ी हैं। मूल ढांचा सुरक्षित है। अतिक्रमण जड़ से खत्म नहीं किया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि: - पहले अवैध निर्माण होने दिया गया, - फिर शिकायतों के दबाव में हल्की कार्रवाई दिखाई गई, - और अब पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल: DM कार्यालय कब पूरी कार्रवाई करेगा? MCD, DDA और Waqf Board आखिर कब जागेंगे? या फिर सच यही है कि “सेटिंग” के कारण सब कुछ जानबूझकर रोका जा रहा है? स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा आम है कि करोड़ों रुपये का खेल चल रहा है और इसी कारण पूरी कार्रवाई नहीं हो रही। बताया जा रहा है कि इन अवैध फ्लैटों की कीमत लगभग ₹75 लाख से ₹80 लाख प्रति फ्लैट तक रखी जा रही है — जबकि जमीन खुद वक्फ कब्रिस्तान की बताई जा रही है। यदि यह सत्य है, तो यह केवल अतिक्रमण नहीं बल्कि: - धार्मिक संपत्ति की लूट, - सरकारी तंत्र का दुरुपयोग, - और कानून का खुला मजाक है। अत्यंत चिंताजनक आरोप: यह भी आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ बिल्डर कह रहे हैं: “फ्लैट केवल मुसलमानों को दिए जाएंगे, हिंदुओं को नहीं।” यदि ऐसा है, तो यह: - संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन, - धर्म आधारित भेदभाव, - और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला मामला है। एक सीधा प्रश्न: क्या कोई हिंदू श्मशान घाट की जमीन पर अवैध बिल्डिंग बना सकता है? यदि नहीं, तो कब्रिस्तान की जमीन पर यह सब कैसे हो रहा है? कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। चाहे श्मशान हो या कब्रिस्तान — धार्मिक भूमि पर अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन से सवाल: - अधूरी कार्रवाई किसके आदेश पर हुई? - पूरा ध्वस्तीकरण क्यों नहीं किया गया? - वक्फ बोर्ड अब तक चुप क्यों है? - क्या अधिकारियों पर राजनीतिक या आर्थिक दबाव है? यदि जिम्मेदार संस्थाएं अपनी ही जमीन नहीं बचा पा रहीं, तो यह उनकी सीधी प्रशासनिक विफलता है। हमारी सख्त मांगें: 1. सभी अवैध निर्माणों का पूर्ण ध्वस्तीकरण किया जाए। 2. वक्फ कब्रिस्तान भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। 3. बिल्डरों, कब्जाधारियों और संबंधित अधिकारियों पर FIR दर्ज हो। 4. SDM, MCD, DDA और Waqf Board की भूमिका की जांच हो। 5. STF/Vigilance द्वारा स्वतंत्र जांच कराई जाए। 6. धर्म आधारित फ्लैट बिक्री के आरोपों की जांच हो। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से विशेष निवेदन @gupta_rekha जी, यदि आपकी सरकार सच में अवैध कब्जों के खिलाफ है, तो इस मामले में केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि जड़ से सफाई होनी चाहिए। कब्रिस्तान की जमीन को पूरी तरह मुक्त कराया जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। जनता अब सिर्फ नोटिस और दिखावे नहीं, बल्कि वास्तविक न्याय चाहती है। अंतिम चेतावनी: यदि इस मामले में अब भी केवल खानापूर्ति की गई, तो यह मुद्दा: - उच्च न्यायालय - लोकायुक्त - केंद्रीय सतर्कता आयोग - और राष्ट्रीय स्तर पर जनहित मामले के रूप में उठाया जाएगा। यह सिर्फ जमीन नहीं — कानून, आस्था, प्रशासनिक ईमानदारी और जनता के विश्वास का मामला है। अब चुप्पी नहीं चलेगी। जनता सब देख रही है। @LtGovDelhi @MCD_Delhi @OfficialWaqf @official_dda @DelhiPolice @gupta_rekha @DCSOUTHZONE @HMOIndia @mssirsa @ashishsood_bjp @CVCIndia @DirectorPI_MCD @DelhiPwd @DPCC_Pollution @CAQM_Official @parivartan54164 @BJP4Delhi @PIBHomeAffairs @bsesdelhi @DelhiJalBoard @DoWRRDGR_MoJS @bha17233 @DelhiComplaint @hqrevenue_ @gupta_rekha @DMSouthDelhi @KumaarSaagar @NBTDilli

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Reminder 🎗️ विषय: मालवीय नगर मार्केट में दोबारा अवैध अतिक्रमण, कथित उगाही नेटवर्क और प्रशासनिक संरक्षण — क्या फुटपाथ बिक चुके हैं? शिवारिक, मालवीय नगर मार्केट, एयरटेल स्टोर के पास स्थित “श्री राम चाट” द्वारा एक बार फिर फुटपाथ और सड़क पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। कुछ दिन पहले MCD की टीम आई थी, लेकिन कार्रवाई से पहले ही दुकान वाले को सूचना मिल गई। स्थानीय लोगों में खुलकर चर्चा है कि कुछ विभागीय लोग समय-समय पर पहले से खबर पहुंचाते हैं, ताकि केवल दिखावटी कार्रवाई हो और 1–2 दिन बाद फिर वही अवैध कब्जा शुरू हो जाए। सबसे बड़ा सवाल — जब MCD आने से पहले ही अतिक्रमण करने वालों को सूचना मिल जाती है, तो सूचना देने वाला कौन है? क्या यही कारण है कि फुटपाथ कभी स्थायी रूप से खाली नहीं होते? स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित “मंथली” वसूली के कारण ऐसे कब्जे दोबारा खड़े हो जाते हैं। कई ग्राहकों के सामने यह तक कहा गया कि “फुटपाथ हमारा है, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” अगर यह बात झूठ है तो MCD और PWD सार्वजनिक रूप से जवाब दें कि बार-बार वही अवैध कब्जा वापस कैसे आ जाता है? स्थिति बेहद शर्मनाक है: • फुटपाथ पर अवैध दुकान • जनता सड़क पर चलने को मजबूर • रोज ट्रैफिक जाम • अवैध पार्किंग • आपातकालीन सेवाओं तक बाधा • प्रशासन केवल खानापूर्ति में व्यस्त सवाल सिर्फ एक दुकान का नहीं है — सवाल यह है कि क्या दिल्ली में सरकारी फुटपाथ अब “मंथली सिस्टम” पर चल रहे हैं? कथित रूप से कुछ लोग ग्रीन पार्क ऑफिस स्तर तक संरक्षण देने की बात करते हैं। यदि इसमें सच्चाई नहीं है, तो तत्काल स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। और यदि सच्चाई है, तो यह सीधा भ्रष्टाचार, कर्तव्यहीनता और जनता के साथ विश्वासघात है। दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट बार-बार साफ कर चुके हैं कि फुटपाथ जनता के चलने के लिए हैं, निजी दुकानों के लिए नहीं। फिर भी मालवीय नगर में खुलेआम कानून का मजाक उड़ाया जा रहा है। @DelhiPolice से मांग है कि: • अवैध अतिक्रमण करवाने वाले व्यक्तियों पर FIR दर्ज हो • सड़क और फुटपाथ घेरने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो • कथित उगाही नेटवर्क की जांच हो • संबंधित विभागीय कर्मचारियों की भूमिका की जांच हो @MCD_Delhi @DelhiPwd @DCSOUTHZONE जनता अब जवाब चाहती है, सिर्फ दिखावटी कार्रवाई नहीं। यदि तुरंत स्थायी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला Vigilance, Lokayukta और न्यायिक मंचों तक ले जाया जाएगा। @LtGovDelhi @CMODelhi @DirectorPI_MCD @mssirsa @ashishsood_bjp @upadhyaysbjp @dtptraffic @SBM_MCD @DelhiComplaint @CVCIndia @FHatao @DirectorPI_MCD @satya_office @mssirsa @AdditionalMcd @PIBHomeAffairs @swachhbharat @SwachhBharatGov @parivartan54164 @SakshamF10412 नवीनतम फोटो संलग्न — अवैध कब्जे का स्पष्ट प्रमाण)

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अत्यंत गंभीर कानूनी शिकायत एवं सार्वजनिक चेतावनी आंशिक (Cosmetic) तोड़फोड़, वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध कब्ज़ा, और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप सेवा में, माननीय संबंधित अधिकारीगण, विषय: अधूरी तोड़फोड़ कार्रवाई, वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध निर्माण, भेदभावपूर्ण बिक्री के आरोप, तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग – अदिच्छिनी गांव, दक्षिण दिल्ली। महोदय, आज जो कार्रवाई की गई, वह वास्तविक कार्रवाई कम और सिर्फ दिखावटी (Cosmetic) तोड़फोड़ ज्यादा प्रतीत होती है। अवैध बहुमंजिला इमारतों का मूल ढांचा अब भी खड़ा है, और वक्फ कब्रिस्तान की भूमि से अतिक्रमण पूरी तरह साफ नहीं किया गया है। यह स्पष्ट संकेत देता है कि या तो प्रशासन गंभीर नहीं है, या फिर मिलीभगत के तहत जानबूझकर आधी-अधूरी कार्रवाई की जा रही है। प्रमुख चिंताएं: - अवैध निर्माण अब भी जस का तस खड़े हैं - तोड़फोड़ केवल ऊपर-ऊपर से की गई है - भूमि पूरी तरह खाली नहीं कराई गई - बिल्डरों का मनोबल ऊंचा है, जिससे संरक्षण की आशंका - “पैसे के दम” पर कार्रवाई रोकने के गंभीर आरोप अत्यंत चिंताजनक आरोप: स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आ रहा है कि कुछ बिल्डर खुले तौर पर कह रहे हैं कि: “फ्लैट केवल मुसलमानों को ही दिए जाएंगे, हिंदुओं को नहीं” यदि यह सत्य है, तो यह न केवल सामाजिक रूप से गलत है, बल्कि: - संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन - अनुच्छेद 15 (धर्म के आधार पर भेदभाव निषिद्ध) का उल्लंघन - और कानूनन दंडनीय अपराध है एक महत्वपूर्ण प्रश्न: क्या यही नियम अन्य धार्मिक स्थलों पर भी लागू होगा? क्या हिंदू भी अपने श्मशान घाटों पर अवैध निर्माण कर सकते हैं? यदि नहीं, तो फिर कब्रिस्तान की भूमि पर इस प्रकार का निर्माण कैसे और क्यों सहन किया जा रहा है? कानून सभी के लिए समान होना चाहिए — चाहे वह कब्रिस्तान हो या श्मशान घाट, अवैध निर्माण हर स्थिति में अपराध है। लागू कानूनों का उल्लंघन: - वक्फ अधिनियम, 1995 - दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 - भारतीय दंड संहिता (IPC) – धोखाधड़ी, साजिश, पद का दुरुपयोग - भारतीय संविधान के मूल अधिकार प्रशासन से सीधे सवाल: - पूरी तोड़फोड़ क्यों नहीं की गई? - किसके आदेश पर अधूरी कार्रवाई हुई? - वक्फ बोर्ड अब तक चुप क्यों है? - क्या यह सब दबाव या लेन-देन के कारण हो रहा है? वक्फ बोर्ड की चुप्पी बेहद संदिग्ध और निराशाजनक है। जब उनकी अपनी कब्रिस्तान भूमि पर कब्ज़ा हो रहा है, तो उनका निष्क्रिय रहना सीधी जिम्मेदारी से बचना है। हमारी सख्त मांगें: 1. पूरी तरह ध्वस्तीकरण (Complete Demolition) सभी अवैध निर्माणों को जड़ से हटाया जाए, सिर्फ दिखावा नहीं। 2. भूमि की पुनः बहाली वक्फ कब्रिस्तान की जमीन को पूरी तरह खाली कराकर सुरक्षित किया जाए। 3. FIR और गिरफ्तारी बिल्डर, कब्जाधारी और संबंधित अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज हो। 4. भेदभाव की जांच धर्म के आधार पर फ्लैट बेचने के आरोपों की जांच कर कार्रवाई हो। 5. अधिकारियों की जवाबदेही तय हो SDM, MCD, DDA और वक्फ बोर्ड के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। 6. स्वतंत्र जांच (STF/Vigilance) पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर असली दोषियों को सामने लाया जाए। अंतिम चेतावनी: यदि इस बार भी केवल दिखावटी कार्रवाई की गई और अवैध कब्ज़ा नहीं हटाया गया, तो यह मामला आगे बढ़ाया जाएगा: - उच्च न्यायालय - लोकायुक्त - केंद्रीय सतर्कता आयोग - राष्ट्रीय स्तर पर जनहित मुद्दे के रूप में यह केवल जमीन का मामला नहीं है — यह कानून, आस्था, और जनता के विश्वास का सवाल है। अब आधी-अधूरी कार्रवाई स्वीकार नहीं होगी। जवाबदेही तय होकर रहेगी। जनता सब देख रही है। चुप्पी अब सहन नहीं की जाएगी। @LtGovDelhi @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @HMOIndia @OfficialWaqf @DelhiPolice @DelhiComplaint @addlcomm @gupta_rekha @official_dda @DPCC_Pollution @dofwgnctd @NBTDilli @mssirsa @ashishsood_bjp @official_dda @OfficialWaqf @AmitShahOffice @shashvat_IAS @SandhuTaranjitS @saravanakr_n @VPIndia @tokhansahu_bjp @mlkhattar @PTI_News @ani_digital @MLJ_GoI @swachhbharat @mygovindia @CVCIndia @PIB_India @moefcc @CPCB_OFFICIAL @tweetndmc @MoHUA_India @DMSouthDelhi @DirectorPI_MCD @newmedia89 @satya_office @p_sahibsingh @Secretary_MoHUA @parivartan54164 @KhanAli553178 @SakshamF10412 @Garima315797 @BJP4Delhi @gupta_rekha @bsesdelhi @DelhiJalBoard

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अत्यंत गंभीर कानूनी शिकायत एवं सार्वजनिक चेतावनी आंशिक (Cosmetic) तोड़फोड़, वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध कब्ज़ा, और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप सेवा में, माननीय संबंधित अधिकारीगण, विषय: अधूरी तोड़फोड़ कार्रवाई, वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध निर्माण, भेदभावपूर्ण बिक्री के आरोप, तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग – अदिच्छिनी गांव, दक्षिण दिल्ली। महोदय, आज जो कार्रवाई की गई, वह वास्तविक कार्रवाई कम और सिर्फ दिखावटी (Cosmetic) तोड़फोड़ ज्यादा प्रतीत होती है। अवैध बहुमंजिला इमारतों का मूल ढांचा अब भी खड़ा है, और वक्फ कब्रिस्तान की भूमि से अतिक्रमण पूरी तरह साफ नहीं किया गया है। यह स्पष्ट संकेत देता है कि या तो प्रशासन गंभीर नहीं है, या फिर मिलीभगत के तहत जानबूझकर आधी-अधूरी कार्रवाई की जा रही है। प्रमुख चिंताएं: - अवैध निर्माण अब भी जस का तस खड़े हैं - तोड़फोड़ केवल ऊपर-ऊपर से की गई है - भूमि पूरी तरह खाली नहीं कराई गई - बिल्डरों का मनोबल ऊंचा है, जिससे संरक्षण की आशंका - “पैसे के दम” पर कार्रवाई रोकने के गंभीर आरोप अत्यंत चिंताजनक आरोप: स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आ रहा है कि कुछ बिल्डर खुले तौर पर कह रहे हैं कि: “फ्लैट केवल मुसलमानों को ही दिए जाएंगे, हिंदुओं को नहीं” यदि यह सत्य है, तो यह न केवल सामाजिक रूप से गलत है, बल्कि: - संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन - अनुच्छेद 15 (धर्म के आधार पर भेदभाव निषिद्ध) का उल्लंघन - और कानूनन दंडनीय अपराध है एक महत्वपूर्ण प्रश्न: क्या यही नियम अन्य धार्मिक स्थलों पर भी लागू होगा? क्या हिंदू भी अपने श्मशान घाटों पर अवैध निर्माण कर सकते हैं? यदि नहीं, तो फिर कब्रिस्तान की भूमि पर इस प्रकार का निर्माण कैसे और क्यों सहन किया जा रहा है? कानून सभी के लिए समान होना चाहिए — चाहे वह कब्रिस्तान हो या श्मशान घाट, अवैध निर्माण हर स्थिति में अपराध है। लागू कानूनों का उल्लंघन: - वक्फ अधिनियम, 1995 - दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 - भारतीय दंड संहिता (IPC) – धोखाधड़ी, साजिश, पद का दुरुपयोग - भारतीय संविधान के मूल अधिकार प्रशासन से सीधे सवाल: - पूरी तोड़फोड़ क्यों नहीं की गई? - किसके आदेश पर अधूरी कार्रवाई हुई? - वक्फ बोर्ड अब तक चुप क्यों है? - क्या यह सब दबाव या लेन-देन के कारण हो रहा है? वक्फ बोर्ड की चुप्पी बेहद संदिग्ध और निराशाजनक है। जब उनकी अपनी कब्रिस्तान भूमि पर कब्ज़ा हो रहा है, तो उनका निष्क्रिय रहना सीधी जिम्मेदारी से बचना है। हमारी सख्त मांगें: 1. पूरी तरह ध्वस्तीकरण (Complete Demolition) सभी अवैध निर्माणों को जड़ से हटाया जाए, सिर्फ दिखावा नहीं। 2. भूमि की पुनः बहाली वक्फ कब्रिस्तान की जमीन को पूरी तरह खाली कराकर सुरक्षित किया जाए। 3. FIR और गिरफ्तारी बिल्डर, कब्जाधारी और संबंधित अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज हो। 4. भेदभाव की जांच धर्म के आधार पर फ्लैट बेचने के आरोपों की जांच कर कार्रवाई हो। 5. अधिकारियों की जवाबदेही तय हो SDM, MCD, DDA और वक्फ बोर्ड के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। 6. स्वतंत्र जांच (STF/Vigilance) पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर असली दोषियों को सामने लाया जाए। अंतिम चेतावनी: यदि इस बार भी केवल दिखावटी कार्रवाई की गई और अवैध कब्ज़ा नहीं हटाया गया, तो यह मामला आगे बढ़ाया जाएगा: - उच्च न्यायालय - लोकायुक्त - केंद्रीय सतर्कता आयोग - राष्ट्रीय स्तर पर जनहित मुद्दे के रूप में यह केवल जमीन का मामला नहीं है — यह कानून, आस्था, और जनता के विश्वास का सवाल है। अब आधी-अधूरी कार्रवाई स्वीकार नहीं होगी। जवाबदेही तय होकर रहेगी। जनता सब देख रही है। चुप्पी अब सहन नहीं की जाएगी। @LtGovDelhi @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @HMOIndia @OfficialWaqf @DelhiPolice @DelhiComplaint @addlcomm @gupta_rekha @official_dda @DPCC_Pollution @dofwgnctd @NBTDilli @mssirsa @ashishsood_bjp @official_dda @OfficialWaqf @AmitShahOffice @shashvat_IAS @SandhuTaranjitS @saravanakr_n @VPIndia @tokhansahu_bjp @mlkhattar @PTI_News @ani_digital @MLJ_GoI @swachhbharat @mygovindia @CVCIndia @PIB_India @moefcc @CPCB_OFFICIAL @tweetndmc @MoHUA_India @DMSouthDelhi @DirectorPI_MCD @newmedia89 @satya_office @p_sahibsingh @Secretary_MoHUA @parivartan54164 @KhanAli553178 @SakshamF10412 @Garima315797 @BJP4Delhi @gupta_rekha @bsesdelhi @DelhiJalBoard

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अत्यंत गंभीर कानूनी शिकायत एवं सार्वजनिक चेतावनी आंशिक (Cosmetic) तोड़फोड़, वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध कब्ज़ा, और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप सेवा में, माननीय संबंधित अधिकारीगण, विषय: अधूरी तोड़फोड़ कार्रवाई, वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध निर्माण, भेदभावपूर्ण बिक्री के आरोप, तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग – अदिच्छिनी गांव, दक्षिण दिल्ली। महोदय, आज जो कार्रवाई की गई, वह वास्तविक कार्रवाई कम और सिर्फ दिखावटी (Cosmetic) तोड़फोड़ ज्यादा प्रतीत होती है। अवैध बहुमंजिला इमारतों का मूल ढांचा अब भी खड़ा है, और वक्फ कब्रिस्तान की भूमि से अतिक्रमण पूरी तरह साफ नहीं किया गया है। यह स्पष्ट संकेत देता है कि या तो प्रशासन गंभीर नहीं है, या फिर मिलीभगत के तहत जानबूझकर आधी-अधूरी कार्रवाई की जा रही है। प्रमुख चिंताएं: - अवैध निर्माण अब भी जस का तस खड़े हैं - तोड़फोड़ केवल ऊपर-ऊपर से की गई है - भूमि पूरी तरह खाली नहीं कराई गई - बिल्डरों का मनोबल ऊंचा है, जिससे संरक्षण की आशंका - “पैसे के दम” पर कार्रवाई रोकने के गंभीर आरोप अत्यंत चिंताजनक आरोप: स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आ रहा है कि कुछ बिल्डर खुले तौर पर कह रहे हैं कि: “फ्लैट केवल मुसलमानों को ही दिए जाएंगे, हिंदुओं को नहीं” यदि यह सत्य है, तो यह न केवल सामाजिक रूप से गलत है, बल्कि: - संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन - अनुच्छेद 15 (धर्म के आधार पर भेदभाव निषिद्ध) का उल्लंघन - और कानूनन दंडनीय अपराध है एक महत्वपूर्ण प्रश्न: क्या यही नियम अन्य धार्मिक स्थलों पर भी लागू होगा? क्या हिंदू भी अपने श्मशान घाटों पर अवैध निर्माण कर सकते हैं? यदि नहीं, तो फिर कब्रिस्तान की भूमि पर इस प्रकार का निर्माण कैसे और क्यों सहन किया जा रहा है? कानून सभी के लिए समान होना चाहिए — चाहे वह कब्रिस्तान हो या श्मशान घाट, अवैध निर्माण हर स्थिति में अपराध है। लागू कानूनों का उल्लंघन: - वक्फ अधिनियम, 1995 - दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 - भारतीय दंड संहिता (IPC) – धोखाधड़ी, साजिश, पद का दुरुपयोग - भारतीय संविधान के मूल अधिकार प्रशासन से सीधे सवाल: - पूरी तोड़फोड़ क्यों नहीं की गई? - किसके आदेश पर अधूरी कार्रवाई हुई? - वक्फ बोर्ड अब तक चुप क्यों है? - क्या यह सब दबाव या लेन-देन के कारण हो रहा है? वक्फ बोर्ड की चुप्पी बेहद संदिग्ध और निराशाजनक है। जब उनकी अपनी कब्रिस्तान भूमि पर कब्ज़ा हो रहा है, तो उनका निष्क्रिय रहना सीधी जिम्मेदारी से बचना है। हमारी सख्त मांगें: 1. पूरी तरह ध्वस्तीकरण (Complete Demolition) सभी अवैध निर्माणों को जड़ से हटाया जाए, सिर्फ दिखावा नहीं। 2. भूमि की पुनः बहाली वक्फ कब्रिस्तान की जमीन को पूरी तरह खाली कराकर सुरक्षित किया जाए। 3. FIR और गिरफ्तारी बिल्डर, कब्जाधारी और संबंधित अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज हो। 4. भेदभाव की जांच धर्म के आधार पर फ्लैट बेचने के आरोपों की जांच कर कार्रवाई हो। 5. अधिकारियों की जवाबदेही तय हो SDM, MCD, DDA और वक्फ बोर्ड के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। 6. स्वतंत्र जांच (STF/Vigilance) पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर असली दोषियों को सामने लाया जाए। अंतिम चेतावनी: यदि इस बार भी केवल दिखावटी कार्रवाई की गई और अवैध कब्ज़ा नहीं हटाया गया, तो यह मामला आगे बढ़ाया जाएगा: - उच्च न्यायालय - लोकायुक्त - केंद्रीय सतर्कता आयोग - राष्ट्रीय स्तर पर जनहित मुद्दे के रूप में यह केवल जमीन का मामला नहीं है — यह कानून, आस्था, और जनता के विश्वास का सवाल है। अब आधी-अधूरी कार्रवाई स्वीकार नहीं होगी। जवाबदेही तय होकर रहेगी। जनता सब देख रही है। चुप्पी अब सहन नहीं की जाएगी। @LtGovDelhi @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @HMOIndia @OfficialWaqf @DelhiPolice @DelhiComplaint @addlcomm @gupta_rekha @official_dda @DPCC_Pollution @NBTDilli @mssirsa @ashishsood_bjp @official_dda @OfficialWaqf @AmitShahOffice @shashvat_IAS @SandhuTaranjitS @saravanakr_n @VPIndia @tokhansahu_bjp @mlkhattar @PTI_News @ani_digital @MLJ_GoI @swachhbharat @mygovindia @CVCIndia @CPCB_OFFICIAL @MoHUA_India @DMSouthDelhi @DirectorPI_MCD @newmedia89 @satya_office @p_sahibsingh @Secretary_MoHUA @parivartan54164 @KhanAli553178 @SakshamF10412 @Garima315797 @BJP4Delhi @gupta_rekha @bsesdelhi

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Social Welfare Crime Control Bureau Trust
Serious Question & Final Warning 🚨 Demolition in Adchini (South Delhi) looks purely cosmetic. Illegal multi-storey buildings on Waqf graveyard land are still standing. Encroachment NOT cleared. Is this action or eyewash? Is money power stopping full demolition? Why are MCD, DDA & Waqf Board silent? Big question: If construction on a graveyard is illegal — can anyone build illegally on a cremation ground too? Law must be equal for all. Allegations also that flats are being sold only to a specific community — if true, this is a serious constitutional violation. We demand: ✔ Complete demolition ✔ FIR against builders & officials ✔ Full clearance of graveyard land ✔ Independent investigation No more partial action. @LtGovDelhi @MCD_Delhi @DelhiPolice @OfficialWaqf @official_dda @gupta_rekha @DCSOUTHZONE @DMSouthDelhi @mssirsa
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अत्यंत गंभीर कानूनी शिकायत एवं सार्वजनिक चेतावनी आंशिक (Cosmetic) तोड़फोड़, वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध कब्ज़ा, और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप सेवा में, माननीय संबंधित अधिकारीगण, विषय: अधूरी तोड़फोड़ कार्रवाई, वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध निर्माण, भेदभावपूर्ण बिक्री के आरोप, तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग – अदिच्छिनी गांव, दक्षिण दिल्ली। महोदय, आज जो कार्रवाई की गई, वह वास्तविक कार्रवाई कम और सिर्फ दिखावटी (Cosmetic) तोड़फोड़ ज्यादा प्रतीत होती है। अवैध बहुमंजिला इमारतों का मूल ढांचा अब भी खड़ा है, और वक्फ कब्रिस्तान की भूमि से अतिक्रमण पूरी तरह साफ नहीं किया गया है। यह स्पष्ट संकेत देता है कि या तो प्रशासन गंभीर नहीं है, या फिर मिलीभगत के तहत जानबूझकर आधी-अधूरी कार्रवाई की जा रही है। प्रमुख चिंताएं: - अवैध निर्माण अब भी जस का तस खड़े हैं - तोड़फोड़ केवल ऊपर-ऊपर से की गई है - भूमि पूरी तरह खाली नहीं कराई गई - बिल्डरों का मनोबल ऊंचा है, जिससे संरक्षण की आशंका - “पैसे के दम” पर कार्रवाई रोकने के गंभीर आरोप अत्यंत चिंताजनक आरोप: स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आ रहा है कि कुछ बिल्डर खुले तौर पर कह रहे हैं कि: “फ्लैट केवल मुसलमानों को ही दिए जाएंगे, हिंदुओं को नहीं” यदि यह सत्य है, तो यह न केवल सामाजिक रूप से गलत है, बल्कि: - संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन - अनुच्छेद 15 (धर्म के आधार पर भेदभाव निषिद्ध) का उल्लंघन - और कानूनन दंडनीय अपराध है एक महत्वपूर्ण प्रश्न: क्या यही नियम अन्य धार्मिक स्थलों पर भी लागू होगा? क्या हिंदू भी अपने श्मशान घाटों पर अवैध निर्माण कर सकते हैं? यदि नहीं, तो फिर कब्रिस्तान की भूमि पर इस प्रकार का निर्माण कैसे और क्यों सहन किया जा रहा है? कानून सभी के लिए समान होना चाहिए — चाहे वह कब्रिस्तान हो या श्मशान घाट, अवैध निर्माण हर स्थिति में अपराध है। लागू कानूनों का उल्लंघन: - वक्फ अधिनियम, 1995 - दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 - भारतीय दंड संहिता (IPC) – धोखाधड़ी, साजिश, पद का दुरुपयोग - भारतीय संविधान के मूल अधिकार प्रशासन से सीधे सवाल: - पूरी तोड़फोड़ क्यों नहीं की गई? - किसके आदेश पर अधूरी कार्रवाई हुई? - वक्फ बोर्ड अब तक चुप क्यों है? - क्या यह सब दबाव या लेन-देन के कारण हो रहा है? वक्फ बोर्ड की चुप्पी बेहद संदिग्ध और निराशाजनक है। जब उनकी अपनी कब्रिस्तान भूमि पर कब्ज़ा हो रहा है, तो उनका निष्क्रिय रहना सीधी जिम्मेदारी से बचना है। हमारी सख्त मांगें: 1. पूरी तरह ध्वस्तीकरण (Complete Demolition) सभी अवैध निर्माणों को जड़ से हटाया जाए, सिर्फ दिखावा नहीं। 2. भूमि की पुनः बहाली वक्फ कब्रिस्तान की जमीन को पूरी तरह खाली कराकर सुरक्षित किया जाए। 3. FIR और गिरफ्तारी बिल्डर, कब्जाधारी और संबंधित अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज हो। 4. भेदभाव की जांच धर्म के आधार पर फ्लैट बेचने के आरोपों की जांच कर कार्रवाई हो। 5. अधिकारियों की जवाबदेही तय हो SDM, MCD, DDA और वक्फ बोर्ड के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। 6. स्वतंत्र जांच (STF/Vigilance) पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर असली दोषियों को सामने लाया जाए। अंतिम चेतावनी: यदि इस बार भी केवल दिखावटी कार्रवाई की गई और अवैध कब्ज़ा नहीं हटाया गया, तो यह मामला आगे बढ़ाया जाएगा: - उच्च न्यायालय - लोकायुक्त - केंद्रीय सतर्कता आयोग - राष्ट्रीय स्तर पर जनहित मुद्दे के रूप में यह केवल जमीन का मामला नहीं है — यह कानून, आस्था, और जनता के विश्वास का सवाल है। अब आधी-अधूरी कार्रवाई स्वीकार नहीं होगी। जवाबदेही तय होकर रहेगी। जनता सब देख रही है। चुप्पी अब सहन नहीं की जाएगी। @LtGovDelhi @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @HMOIndia @OfficialWaqf @DelhiPolice @DelhiComplaint @addlcomm @gupta_rekha @official_dda @DPCC_Pollution @dofwgnctd @NBTDilli @mssirsa @ashishsood_bjp @official_dda @OfficialWaqf @AmitShahOffice @shashvat_IAS @SandhuTaranjitS @saravanakr_n @VPIndia @tokhansahu_bjp @mlkhattar @PTI_News @ani_digital @MLJ_GoI @swachhbharat @mygovindia @CVCIndia @PIB_India @moefcc @CPCB_OFFICIAL @tweetndmc @MoHUA_India @DMSouthDelhi @DirectorPI_MCD @newmedia89 @satya_office @p_sahibsingh @Secretary_MoHUA @parivartan54164 @KhanAli553178 @SakshamF10412 @Garima315797 @BJP4Delhi @gupta_rekha @bsesdelhi @DelhiJalBoard

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Hearty congratulations to BJP for its strong performance in Assam and continued rise in West Bengal. In Assam, BJP proved its dominance with a clear majority, while in West Bengal the growing support shows people’s trust in development politics is increasing. This is a clear message that citizens want progress, not appeasement. 🇮🇳🔥If you want, I can also add **exact seat numbers** or tag leaders like PM Modi, Amit Shah, etc. @narendramodi @AmitShahOffice @myogiadityanath
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एक सरकारी बस चालक की जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा है — न कि चलती बस में महिलाओं से बातचीत कर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करना। जानकारी के अनुसार, यह व्यक्ति “Ali” नाम से जाना जाता है और सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाकर ड्यूटी के दौरान कंटेंट तैयार करता है। यदि यह सही है, तो यह मामला और भी गंभीर हो जाता है, क्योंकि सरकारी जिम्मेदारी और व्यक्तिगत प्रचार एक साथ नहीं चल सकते। अगर कोई DTC चालक ड्यूटी के दौरान इस तरह का व्यवहार कर रहा है, तो यह केवल गैर-पेशेवर नहीं बल्कि गंभीर सुरक्षा, नैतिकता और यात्रियों की निजता का मामला है। सार्वजनिक परिवहन सेवा मनोरंजन मंच नहीं है। कई लोगों ने इस विषय पर शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होना सवाल खड़े करता है। श्रीमती @gupta_rekha ji, जनता जानना चाहती है — क्या नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं? क्या सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी के समय सोशल मीडिया शो करने की खुली छूट है? यदि महिलाओं की गरिमा, यात्रियों की निजता और सेवा अनुशासन का उल्लंघन हो रहा है, तो तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यह मज़ाक नहीं, जवाबदेही का मुद्दा है। #DTC #DelhiTransport #PassengerSafety #WomenSafety #Accountability #delhicoloniesregularised @dtchq_delhi @dtptraffic @NBTDilli @bha17233 @CMODelhi @LtGovDelhi @dtc_union @HMOIndia @DelhiPolice

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श्रीमती @gupta_rekha जी, यह केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का गंभीर दस्तावेज है। T-34-C, Khirki Extension, Malviya Nagar, New Delhi 110017 में लगातार फैली गंदगी, सड़कों पर पड़ा कूड़ा, बदबू, संक्रमण का खतरा और महीनों से लंबित सफाई—यह सब सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य, गरिमा और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अनेक शिकायतों, निवेदनों और स्थानीय स्तर पर बार-बार ध्यान आकर्षित करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आज तक कूड़ा नहीं उठाया गया। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि कर्तव्यहीनता (dereliction of duty) और जनहित की खुली अवहेलना है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन और स्वच्छ वातावरण में रहने का अधिकार प्राप्त है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी कई निर्णयों में साफ कहा है कि स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य, जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा हैं। इसके अतिरिक्त: Solid Waste Management Rules, 2016 के तहत स्थानीय निकायों की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि कूड़ा समयबद्ध तरीके से उठाया जाए, खुले में जमा न रहने दिया जाए, और नागरिक क्षेत्रों को स्वच्छ रखा जाए। Delhi Municipal Corporation Act, 1957 की धाराओं के अनुसार सार्वजनिक स्थानों की सफाई, कचरा प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना निगम की बाध्यकारी जिम्मेदारी है। यदि कोई अधिकारी शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं करता, तो यह लोकसेवक के कर्तव्य पालन में विफलता की श्रेणी में आता है, जिसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। आज स्थिति यह है कि छोटे बच्चे इसी गंदगी के बीच रह रहे हैं। मच्छर, कीड़े, बदबू, संक्रमण और बीमारियों का खतरा हर दिन बढ़ रहा है। यह केवल सफाई का मामला नहीं—यह Public Health Emergency है। क्या प्रशासन की जिम्मेदारी केवल पॉश कॉलोनियों तक सीमित है? क्या आम बस्तियों, गलियों और मध्यमवर्गीय क्षेत्रों के नागरिक दूसरे दर्जे के हैं? क्या टैक्स देने वाली जनता को केवल आश्वासन और जिम्मेदारी टालने का जवाब ही मिलेगा? यदि तत्काल प्रभाव से: 1. क्षेत्र की संपूर्ण सफाई, 2. जमा कूड़े का निष्पादन, 3. नियमित सफाई व्यवस्था, 4. जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई, तो स्थानीय निवासी बाध्य होंगे कि इस मामले को: उच्च प्रशासनिक अधिकारियों, मीडिया संस्थानों, जनहित मंचों, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), लोकायुक्त / विजिलेंस विभाग, और आवश्यक होने पर न्यायालय तक ले जाएँ। यह चेतावनी नहीं—नागरिक अधिकारों की वैधानिक मांग है। अब और उपेक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी। #KhirkiExtension #MalviyaNagar #DelhiCivicIssues #MCD #PublicHealthEmergency #AdministrativeFailure #CleanDelhi #RightToHealth #Article21 #AccountabilityNow Tag: @MCD_Delhi @officialSDMC @LtGovDelhi @CMODelhi @DelhiGovDigital @DCSOUTHZONE @DirectorPI_MCD @jakhar470 @upadhyaysbjp @SwachSurvekshan @SBM_MCD @SwatiJaiHind @MoHUA_India @swachhbharat @DPCC_Pollution @mssirsa

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pratham pahel foundation@PahelFoundation

Attention @DelhiPolice A bike has been abandoned and illegally parked in the narrow lane between Gali No. 6 and 7, near Gupta Sweet, Tughalkabad Extension, Madhya Marg, New Delhi – 110019. It has been standing there since 1 May and is causing obstruction in a very narrow passage used by local residents. This creates inconvenience and raises safety concerns in the area. Kindly verify the vehicle and take necessary action at the earliest. Vehicle Number: DL3SFE1320 Location: Between Gali No. 6 & 7, near Gupta Sweet, Tughalkabad Extension, Madhya Marg, New Delhi 110019 #DelhiPolice #Tughalkabad #PublicSafetyAap @LtGovDelhi

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