Sabitlenmiş Tweet

मुंबई के लिए हम उड़े तो नीचे खूबसूरत राँची था। हरी वादियाँ, ऊँची इमारतों व खपरैल छतों का कोलाज और मेरे शहर के लोग पुतलियों में आ बसे। फिर वे ओझल होने लगे। सब छूट रहा था। फिसलता-सा लग रहा था। जैसे ये दोबारा देखना शायद नसीब न हो। #LivingWithLungCancerStage4 bbc.com/hindi/extra/g1…
हिन्दी















