
Suruchi . . .
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@aatamcreation
Creating energy to go beyond imagination...




🤦This is Noida society for U.. Fighting over a temple that was never part of the approved plan, idols placed overnight. No surprise a father who lost his only son, Yuvraj Mehta, wanted a moment of darshan with Yogi. Religious bigotry at peak.






Punch’s story reminds us - everyone needs someone & we’re always here for you. 💖 Dial 112 #DPUpdates

"डॉग्स के बर्थ कंट्रोल पर ध्यान देना चाहिए" ◆ अखिलेश यादव के भाई और पशु अधिकार कार्यकर्ता प्रतीक यादव ने कहा #PrateekYadav | Prateek Yadav | Dogs



Heartbreaking | To allegedly threaten an elderly man, a local strongman threw six newborn puppies alive into a well outside his home, one by one. More details in the video #Mirzapur #Puppies #Crime #IndiaTodayReels







India Gate, Delhi Hundreds of animal-loving citizens gathered to raise the voice of the voiceless. The fight for animals — their coexistence continues from colonial times (1800s) to the present day in 2026 — now against current authorities and the so-called “Kaale Angrez.”






ब्रेकिंग लखनऊ 🚨 डुबग्गा, लखनऊ में ईंटों से कुचलकर एक निर्दोष श्वान की आंख क्षतिग्रस्त कर दी गई और उसे निर्मम तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया। आसरा द हेल्पिंग हैंड्स ट्रस्ट ने FIR व पोस्टमार्टम की मांग की। @Uppolice @lkopolice @CMOfficeUP @stray_helpers @TheJohnAbraham



आज मैं आपसे और Supreme Court से, हमारे street dogs के बारे में कुछ कहना चाहता हूं. जो बेज़ुबान हैं, अपना दर्द किसी से कह नहीं सकते, उनकी आवाज़ आप तक पहुंचाना चाहता हूं. Court ने फैसला किया कि हम अपने street dogs को shelters में भेज दें. इसका मतलब क्या निकाला गया? लोहे के सरिए से street dogs की गर्दन को बेरहमी से पकड़ कर बिलखते हुए बेज़ुबान जानवरों को सलाखों वाली बंद गाड़ियों में भर-भर कर, भूखा मरने के लिए छोड़ दिया गया. मैं Supreme Court से और dogs पर गुस्सा निकालने वालों से कहना चाहता हूं कि, shelters में छोड़ दिया जाए ये कहा और हो गया ऐसा संभव नहीं है. पूरे देश में एक भी सरकारी shelter नहीं है. 5 राज्य सरकारों ने लिख कर दिया है कि dogs के लिए shelters बनाना उनके बस की बात नहीं है. इसीलिए shelters तो कोई solution नहीं हो सकता. Shelters को लेकर कुछ figures मैं आपके सामने रखना चाहता हूं. ये figures मेनका गांधी ने compile की हैं. अनुमान है कि सिर्फ educational institutions में 2 करोड़ 32 लाख dogs रहते हैं. अगर इनके लिए shelters बनाए जाएं, एक shelter में 200 dogs रखे जाएं, तो भी 1 लाख 16 हज़ार shelters चाहिए. जिसके लिए 22 हज़ार एकड़ ज़मीन की ज़रूरत होगी. Dogs की daily feed के लिए 92.8 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यानी हर साल 33 हज़ार 872 करोड़ रुपये का खर्च. ये solution कैसे हो सकता है? लेकिन court के आदेश को आधार बना कर स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, रेलवे स्टेशन हर जगह से dogs को निकाला जा रहा है. उन्हें उन जगहों से दूर किया जा रहा है जहां कोई उन्हें खाना देता है, जहां कोई उनके सिर पर प्यार से हाथ फेरता है. और उन्हें रखने की जगह कैसी हो, कहां हो, इसकी परवाह किसी को नहीं है. इसका नतीजा ये होगा कि dog bites के cases और बढ़ जाएंगे. फिर हम dogs के साथ और cruel हो जाएंगे. फिर हम dogs को और सताएंगे. फिर कोई उन्हें slaughter करने की सलाह दे देगा. Research कहती है कि 90% street dogs किसी को कुछ नहीं कहते. ये dogs जिन सड़कों पर पले, जहां बड़े हुए, अगर उन्हें वहां से हटाया जाता है तभी वो aggressive होते हैं. जब dogs का पेट भरा होता है, कोई उन्हें तंग नहीं करता, तो वो कभी किसी को नहीं काटते. Dogs को बचाने का और dogs से इंसानों को बचाने का scientific रास्ता एक ही है- sterilization, vaccination और dogs को प्यार करने वाले, feed करने वाले, अपनों के आस-पास रखने का. अगर वाकई में sterilization करना है तो 780 centres बनाने होंगे. 780 NGOs को train करना होगा. देश में 3 training centres हैं- लखनऊ, देहरादून और ऊटी में, जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है. हमें fear और anger के बजाय, science और compassion के रास्ते पर जाने की ज़रूरत है. जानवरों को मारना, पीटना, कत्ल कर देना आसान है. ये बेज़ुबान बदनसीब, इंसानी ताकत का मुकाबला नहीं कर सकते. लेकिन इतिहास गवाह है कि हिंसा ने, मार काट ने, killings ने कभी किसी समाज को बड़ा नहीं बनाया. दया, प्यार, संवेदना किसी भी देश को बड़ा बनाती है. क्या हम अपने जानवरों के प्रति करुणा और संवेदना दिखा कर दुनिया को रास्ता दिखा सकते हैं? ये सवाल आपके सामने है. जो अपनी बात कह नहीं सकते, Supreme Court को अपने साथ हो रहा ज़ुल्म दिखा नहीं सकते, उनका case कौन लड़ेगा? कल जब Supreme Court के सामने ये case आएगा तो ये बेज़ुबान बेकसूर आपबीती सुनाने के लिए वहां नहीं होंगे. क्या हम सब मिल कर उनकी बात, उनका दर्द, अदालत तक पहुंचा सकते हैं? #SupremeCourt #StrayDogs #SupremeCourtStrayDogs #dogs #MyTake #AajKiBaat



