Adrikshit
3.8K posts

Sabitlenmiş Tweet

@Itz_Prince_7888 @RailfanSasaram @snehlataRLM @drmdnr @YouthVoiceSurya @VijayKrSinhaBih @DeepakRLM @UpendraKuOffice @UpendraKushRLM @TruthNDSarcasm @Sitamarhijn Sasaram ab bhagwan bharose hi hai samjh lijiye. Sabhi bhojpuri areas ka yahi haal hai. Koi development nhi hai.
हिन्दी

@RailfanSasaram @snehlataRLM @drmdnr @YouthVoiceSurya @VijayKrSinhaBih @DeepakRLM @UpendraKuOffice @UpendraKushRLM @TruthNDSarcasm @Sitamarhijn सासाराम जैसे स्टेशन पर पिट लाइन का निर्माण का होना वह कहीं से उचित नहीं है। सासाराम सिर्फ रोहतास का ही नहीं बल्कि पूरे शाहाबाद बिहार के सबसे तेजी से से उभरते हुऐ शहरों में से एक है। अब तो लगता है कि बीजेपी मोदी जी के कार्यकाल में भी सासाराम का विकास मुमकिन नहीं है। @adrikshit
हिन्दी

पूर्व मध्य रेलवे (ECR) और डीडीयू (DDU) मंडल ध्यान दें: प्रतिवर्ष 5 लाख यात्रियों वाले 'सासाराम जंक्शन' के साथ यह सौतेला व्यवहार कब तक?
सासाराम जंक्शन पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के डीडीयू मंडल का वह प्रमुख स्टेशन है, जहाँ से हर साल 5 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। इतनी बड़ी आबादी और इतने भारी फुटफॉल के बावजूद, हाजीपुर ज़ोन और डीडीयू मंडल ने सासाराम को महज़ एक 'पासिंग स्टेशन' और '2 मिनट के स्टॉपेज' का झुनझुना थमा रखा है।
लंबे समय से यहाँ से नई ट्रेनें 'बनकर' (Originate) खोलने की मांग हो रही है, लेकिन प्रशासन सासाराम में 'पिट लाइन' (Washing Pit Line) बनाने से लगातार कतरा रहा है। ECR के अधिकारियों को सासाराम की ज़मीनी हकीकत और यात्रियों की इस सबसे बड़ी पीड़ा को समझना ही होगा:
1. सासाराम के साथ 'कोटे' (Ticket Quota) का सबसे बड़ा अन्याय:
यहाँ से गुज़रने वाली लगभग सभी लंबी दूरी की प्रीमियम और एक्सप्रेस ट्रेनों में सासाराम का टिकट कोटा ऊँट के मुँह में ज़ीरे के समान है। इतनी कम सीटें दी गई हैं कि सासाराम के लोगों को वेटिंग लिस्ट के सिवाय कुछ नहीं मिलता।
2. 'बोर्डिंग पॉइंट' बदलने की मजबूरी और छिपा हुआ डेटा:
कोटा कम होने के कारण सासाराम और रोहतास के लोग मजबूरन अपनी टिकट पीछे के किसी बड़े स्टेशन (जैसे डीडीयू या जहाँ से ट्रेन खुलती है) से बुक करते हैं और अपना 'बोर्डिंग पॉइंट' सासाराम डालते हैं।
इसका नुकसान? यात्रियों को बिना वजह पीछे के स्टेशन तक का एक्सट्रा किराया देना पड़ता है।
रेलवे को नुकसान? इस 'बोर्डिंग हैक' की वजह से सासाराम का असली पैसेंजर रिस्पॉन्स (Demand) रेलवे के सीधे डेटा में छिप जाता है और अधिकारी सोचते हैं कि सासाराम से पर्याप्त बुकिंग नहीं है!
3. इस पूरी समस्या का एकमात्र समाधान: सासाराम में 'पिट लाइन'
जब तक सासाराम से ट्रेनें 'बनकर' नहीं खुलेंगी, तब तक यहाँ के यात्रियों को जनरल कोटा (GNWL) की फुल सीटें नहीं मिलेंगी। डीडीयू और गया जंक्शन की पिट लाइनें पहले से ही 100% क्षमता (Oversaturated) पर काम कर रही हैं। सासाराम में बन रहा 'रेल ओवर रेल' (RoR) और 'सासाराम नॉर्थ' स्टेशन का नया इंफ्रास्ट्रक्चर तब तक अधूरा है, जब तक यहाँ ट्रेनों के रखरखाव के लिए पिट लाइन नहीं बनती।
हमारी स्पष्ट मांग:
हम @ECRlyHJP @GM_ECRly और @DRM_DDU से मांग करते हैं कि सासाराम जंक्शन के भारी फुटफॉल और यात्रियों की मजबूरी को देखते हुए, यहाँ तत्काल 24-कोच क्षमता वाली दो 'पिट लाइनों' और एक कोचिंग डिपो के निर्माण को मंज़ूरी दी जाए।
सासाराम को अब सिर्फ 'स्टॉपेज' नहीं, एक 'ओरिजिनेटिंग टर्मिनल' का दर्ज़ा चाहिए। रोहतास की जनता अपने हक़ के लिए आवाज़ उठा रही है, अब ECR को जवाब देना होगा!
#SasaramJunction #EastCentralRailway #ECR #DDU #IndianRailways #PitLineForSasaram #SasaramVoice #Rohtas #RailwayBoard @ECRlyHJP @drmddu @RailMinIndia @AshwiniVaishnaw @RailMinIndia @BiharRailUsers @brdabihar @RailwaySeva @CPROECR

हिन्दी

Why is IRCTC using personal account details to share the promotional content of political leaders ?
@IRCTCofficial

English

Nothing is common. We even celebrate Chhath Puja differently.
With Love Bihar@WithLoveBihar
Our languages are different Our cultures are different Our food is different We are all so different. What unites Biharis ?
English

जल संसाधन विभाग, बिहार द्वारा राज्य की प्रमुख 10 नदियों के पुनर्जीवन हेतु व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है।
इस योजना के अंतर्गत 567 किलोमीटर क्षेत्र में गाद (सिल्ट) की वैज्ञानिक ढंग से उड़ाही की जाएगी, जिससे नदियों की धारा को पुनः सुदृढ़ एवं अविरल बनाया जा सके। कार्य पूर्ण होने के पश्चात इन नदियों में वर्षभर जल प्रवाह सुनिश्चित करने के साथ-साथ सिंचाई, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा ।
@WRD_Bihar
#जल_संसाधन_विभाग #Bihar #RiverRejuvenation #WaterManagement #Development

हिन्दी

Anyone who sees broken roads, drainage or any other issue, takes pictures and file grievances on the CPGRAM portal.
At least in Bihar, it works fine.
The Bihar@thebiharoffice
जेम्स ऑफ़ छपरा विधायक: छोटी कुमारी (BJP) सांसद: राजीव प्रताप रूडी (BJP) उप मेयर: रागिनी देवी (BJP) मेयर: लक्ष्मी नारायण गुप्ता (BJP)
English

Bihar is poor on every single parameter!!
Making conclusions on the basis of a few people whom you met at the railway station and airport is nothing but stupidity.
Visit general class or any village in north Bihar to experience poverty. People earn as low as 100 rupees.
Adarsh Pandit@Adarsh_Bharat3
I have often said that Bihar looks visibly poor when you travel across & meet, greet, and see people on the roads, at bus stations,railway stations, airports. Believe you me, when you travel across Bengal, it looks much poorer than Bihar in terms of infrastructure, people,
English

@Kumarqf1234 Bihar & overall india was poor back then.
Panauti when got a chance, focuses only on his home and sasural. Otherwise the whole Bhojpuri region can easily generate one of the highest tourism footfalls in India.
English








