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स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर कोई भी सवाल या शंका है? UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट के FAQ सेक्शन पर जाएं और पाएं अपने सभी सवालों के आसान और सटीक जवाब — वो भी तुरंत! जानकारी रखें, स्मार्ट बनें! #UPPCL #SmartMeterInfo #FAQs #StayInformed
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@Gzbtrafficpol शिव विहार मैट्रो स्टेशन दिल्ली सहारनपुर मार्ग लोनी गाजियाबाद पर लगा जाम, एक तरफ पानी भरा है रास्ता एक तरफा होने से लगा जाम, जाम खुलवाने के लिए पुलिस का करे इंतजाम, आम जनता का निवेदन



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instagram.com/reel/DXyVASJhl…सारे प्रयोग जनता पर हो रहे है, ओर जनता बेबस हो कर सह रही है आवाज ही नहीं निकलती
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@khurpenchh आम जनता से सिर्फ टैक्स चाहिए़ सरकार को, नेता ही मजे लेता है, जनता रोज मरती है
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@pvvnlghaziabad @aksharmaBharat @UppclChairman @mduppcl @MdPvvnl @UPPCLLKO @PVVNLHQ आम आदमी रोज रोज रिचार्ज के पैसे कहाँ से लाएगा, ओर महीने पर आदमी बिल जमा करा देता है उसको स्मार्ट मीटर की जरूरत है ही नहीं, एक बार जरा सी आंधी तूफान आ जाए बिजली गायब हो जाती है वितरण व्यवस्था स्मार्ट करो
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गाजियाबाद क्षेत्र प्रथम के लालकुआँ क्षेत्र मे सहायक अभियंता रेड० तथा उपखंड अधिकारी 11 के ० वी साउथ साइड के द्वारा स्मार्ट मीटर से संबंधित सुविधाओ के बारे मे लोगो को अवगत कराया गया ।
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@pvvnlghaziabad @aksharmaBharat @UppclChairman @mduppcl @MdPvvnl @UPPCLLKO @PVVNLHQ @1912PVVNL @dm_ghaziabad सहायक अभियंता के घर लग गया क्या, आम जनता से पहले सरकारी कार्यालयों विभागों आवासों, बिजली वालों के घर लगना चाहिए, फ़ायदा पता लग जाए गा
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ग़ाज़ियाबाद क्षेत्र प्रथम के नेहरू नगर क्षेत्र मे स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता से सहायक अभियंता द्वारा फीडबैक लिया गया। उपभोक्ता द्वारा बताया कि वो प्रीपेड मीटर से पूर्णतः संतुष्ट है।
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स्मार्ट मीटर के साथ अब बिजली बिलिंग होगी और भी पारदर्शी और सटीक। UPPCL Smart App के जरिए अपनी खपत की जानकारी पाएं तुरंत और रखें अपने बिजली उपयोग पर पूरा नियंत्रण। #SmartMeter
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@aksharmaBharat लोनी गाजियाबाद की जनता कल सुबह से परेशान,लाइट नहीं है
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@aksharmaBharat कल सुबह 8बजे बजे से आज सुबह तक लोनी इंदिरा पुरी, शान्ति नगर लोनी गाजियाबाद ,लाल बाग बिजली घर से इलाके में लाइट नहीं, क्या कहेंगे शर्मा जी माननीय मंत्री जी, किसका कसूर है, कसूर सिर्फ जनता का है
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@aksharmaBharat ऊर्जा मंत्री जी आपके यहाँ तो बिजली लगातार आती है पर लोनी गाजियाबाद की इन्दिरा पुरी, शांति नगर कॉलोनी में सुबह 8बजे से लाइट अभी तक नहीं आई है 2,3 घंटे टुकड़ों में आई, क्या बीजेपी सरकार की यही व्यवस्था है
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@pvvnlmeerut लोनी गाजियाबाद की इन्दिरा पुरी शांति नगर जैसी कॉलोनी में सुबह 8:00 बजे से लाइट नहीं है बार-बार आ रही है जा रही है लोग गर्मी से मार रहे हैं लेकिन अभी तक सुचारू रूप से लाइट नहीं आई है उपभोक्ता को कोई किसी भी माध्यम से जानकारी भी नहीं दी जाती,
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instagram.com/reel/DWgVbOEEf… उत्तर प्रदेश सरकार और गाजियाबाद प्रशासन कुछ नहीं कर रहा
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@Gzbtrafficpol दिल्ली सहारनपुर मार्ग बलराज नगर, जवाहर नगर,शिव विहार मैट्रो स्टेशन पर सड़क बनाने का कार्य चल रहा है लेकिन इस बस के ड्राइवर को इतनी जल्दी है कि सड़क पर चलने वालो की जान की परवाह ना कर रोंग साईड गाड़ी चला रहा, इसके ऊपर विधिक कार्य वाही करें

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@LeadDelhi सब ट्रैफिक सर्किल में zo के पास एक दो प्राइवेट आदमी उगाई के लिए रखा जाता है
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दिल्ली के गांधीनगर ट्रैफिक सर्कल में भ्रष्टाचार का “लाइव डेमो” आज फिर देखने को मिला—कृष्णानगर रेड लाइट के ठीक पास। दृश्य कुछ यूँ था मानो कानून ने खुद ही अपना ठेका किसी प्राइवेट ठेकेदार को दे दिया हो।
एक ओर अवैध ई-रिक्शा, जो नियमों के अनुसार पूर्णतः प्रतिबंधित हैं, सड़क पर बेखौफ दौड़ रहे थे… और दूसरी ओर एक “अज्ञात निजी व्यक्ति” ट्रैफिक पुलिस के साथ खड़ा होकर उनकी आईडी चेक करने की महान जिम्मेदारी निभा रहा था। अब सवाल यह है कि यह “आईडी चेकिंग” थी या “इनकम कलेक्शन ड्राइव”?
जब हमने सीधे कैमरे और माइक के साथ पूछा—“भाई साहब, आप किस अधिकार से चेकिंग कर रहे हैं?”—तो जवाब आया, “हम पुलिस स्टाफ की मदद कर रहे हैं।”
वाह! क्या शानदार व्यवस्था है—जहाँ कानून लागू करने की जिम्मेदारी अब आउटसोर्स हो चुकी है, और ‘मदद’ के नाम पर अधिकार भी बाँट दिए गए हैं।
यदि वास्तव में कोई अधिकृत आदेश था, तो कार्रवाई अवैध ई-रिक्शाओं पर होनी चाहिए थी, न कि उनकी आईडी देखकर “सिस्टम” को संतुष्ट करने का नाटक।
या फिर यह मान लिया जाए कि यहाँ नियमों का पालन नहीं, बल्कि “व्यवस्था” का पालन हो रहा है?
यह पूरा घटनाक्रम हमारे कैमरे में रिकॉर्ड है—स्पष्ट, सटीक और बिना किसी एडिट के।
अब कुछ सीधे और असहज सवाल—
क्या दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने प्राइवेट व्यक्तियों को अधिकार दे दिए हैं?
यदि हाँ, तो आदेश की कॉपी सार्वजनिक क्यों नहीं?
यदि नहीं, तो यह खुला खेल किसके संरक्षण में चल रहा है?
सूचित किया जाता है कि इस पूरे मामले पर जल्द ही आरटीआई दायर कर विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी—जिसमें आदेश, जिम्मेदार अधिकारी, और इस “मदद” की वैधानिक स्थिति का खुलासा अनिवार्य होगा।
अब फैसला अधिकारियों को करना है—
या तो व्यवस्था सुधरेगी,
या फिर सच्चाई कागजों से निकलकर जनता के सामने आएगी।
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