Prabhat Kumar Shukla retweetledi

एक तरफ दुनिया के 100 गर्म शहरों में 95 भारत के हैं दूसरी ओर विकास के नाम पर ग्रेट निकोबार के लाखों पेड़ काटने की तैयारी है। जो सवाल करे उसे विकास विरोधी बता दो, पर्यावरण की रक्षा के लिए जो एजेंसियां हैं वहां यस मैन बैठा दो।
कटे पेड़ों के बदले में कहां पेड़ लगते हैं, उसमें कितने बचते हैं कोई नहीं जानता। एक समय सस्टेनेबल डेवलपमेंट की बात होती थी, पर्यावरण के लिए घातक प्रोजेक्ट पर आपत्ति दर्ज कराते थे पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सरकारी निकाय, फिर अमृतकाल आ गया। अब हर शाख पर एक सुर में गायन करने वाले बैठे हैं। इंसान की चिंता नहीं इन्हें पेड़ की क्या करेंगे!
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