📍 मिर्जापुर में 15 दिन पहले बड़े गर्व से जिस पीपा पुल का उद्घाटन हुआ था ,
वह अल्पायु में ही इस संसार को त्याग चुका है।
पुल जी का जीवन भले छोटा रहा,
लेकिन उद्घाटन, फीता और फोटोशूट की यादें हमेशा अमर रहेंगी।
उपभोक्ताओं के अधिकारों के साथ धोखा – विद्युत आयोग के आदेशों को लागू नहीं कर रहा विभाग 3 माह के अंदर 1912पर उपभोक्ताओं की शिकायतों के प्रभावी निस्तारण और उनकी रेटिंग पर आयोग को देना था कार्य योजना लगभग तीन महीना बीतने को है कंपनियां चुप।
> अस्पताल का एक दिन का कमरा 5-स्टार होटल से भी महँगा पड़ता है
> सस्ती जेनेरिक दवाओं की जगह MRP वाली दवाएँ ज़बरदस्ती बेची जाती हैं
> इंश्योरेंस क्लेम बिना साफ वजह बताए खारिज कर दिए जाते हैं।
स्वाति मालीवाल आम लोगों की असली समस्याएँ उठा रही हैं।
ऐसे सांसद चाहिए जो जनता का दर्द समझें और सिस्टम से सीधे सवाल पूछें।
कुछ प्राइवेट फार्मा कंपनियाँ ब्रांडेड दवाइयों (medicines) पर 600% से 1000% तक मुनाफ़ा कमा रही हैं। यह कोई आरोप नहीं, बल्कि संसद की समिति की रिपोर्ट में दर्ज तथ्य है।
जहाँ वही दवा generic रूप में 80-90% सस्ती मिल सकती है, वहीं सिर्फ ब्रांड के नाम पर आम आदमी से कई गुना कीमत वसूली जा रही है।
बीमार इंसान के पास मोलभाव का विकल्प नहीं होता,
उसे किसी भी हाल में दवा चाहिए, और इसी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है।
स्वास्थ्य कोई व्यापार नहीं, अधिकार है। गरीब और मध्यम वर्ग की गाढ़ी कमाई दवा कंपनियों के मोटे मुनाफ़े में नहीं जानी चाहिए।
यह घटना सिर्फ एक एयरलाइन की मनमानी नहीं, पूरे सिस्टम की नाकामी है।
आज हालत यह है कि एयरपोर्ट अब रेलवे स्टेशन से भी बदतर दिख रहे हैं।
एक प्राइवेट एयरलाइन पूरे देश को बंधक बना दे , यह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है।
नाम है IndiGo, और इस प्रकरण ने साफ दिखा दिया कि हमारी संस्थाएँ कितनी आसानी से दबाव में आ जाती हैं।
सरकार बेबस। DGCA clueless।
और एक कंपनी ने पूरे एविएशन सिस्टम को अपने हिसाब से मोड़ दिया।
असली समस्या >>
1. सरकार ने उड़ान सुरक्षा के लिए आवश्यक नियम लागू किए।
2. IndiGo ने इन नियमों पर आपत्ति जताई और हटाने की मांग की।
3. सरकार ने शुरू में स्पष्ट इनकार किया।
4. इसके बाद IndiGo ने ऐसी फ्लाइट्स के टिकट बेचे जो उड़ने ही नहीं वाली थीं।
5. किसी तरह की अग्रिम कैंसिलेशन सूचना नहीं दी।
6. हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट पर 24 घंटे “डिले” के नाम पर फँसाए रखा।
7. 24 घंटे बाद रिफंड — पर नुकसान सिर्फ जनता का।
8. महीनों पुरानी बुकिंग का ब्याज एयरलाइन की जेब में गया।
9. देशभर में एविएशन व्यवस्था लगभग ठप हो गई।
10. और अंत में सरकार ने अपने ही नियम वापस ले लिए।
यह कांड बताता है कि जब कंपनियाँ नियामकों से ताकतवर हो जाएँ, तब नुकसान सिर्फ यात्रा का नहीं — भरोसे का भी होता है।
महोदया @MdPvvnl बुलंदशहर में परिवर्तकों की क्षतिग्रस्तता रोकने के लिए फ्यूज सेट लगाने से गर्मियां निकल गई बरसात भी निकल जायेगी परन्तु यह नही लगे। ट्रांसफार्मर फुकेगा तो जेई ससपेंड होगा।मुख्य अभियंता महोदय झूटी रिपोर्ट दे देंगे। @UPPCLLKO@ChairmanUppcl कृपया संज्ञान ले
आज बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता जनपद बलिया को उनके कार्यालय में घुसकर हमलावरों द्वारा गाली गलौज करते हुए मारपीट की गई।
जब जनपद में बिजली विभाग का सबसे बड़ा अधिकारी अपने सरकारी कार्यालय में ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या हाल होगा, अपराधियों का बोलबाला है कोई भी, कहीं पर भी, किसी को भी, घुस कर मार रहा है पुलिस प्रशासन त्वरित कार्रवाई भी नहीं कर रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी से अनुरोध है कृपया ऐसे हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई कराने की कृपा करें, तथा बिजली अभियंताओं को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की कृपा करें । जिससे बिजली अभियंता प्रदेश की जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में लगे रहे।
@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@ChiefSecyUP@spgoyal@dgpup@Uppolice@UPPCLLKO@MdPuvvnl
निजीकरण के विरोध में प्रांत व्यापी विरोध प्रदर्शन जारी : ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन की संविधानेतर गतिविधियों पर संघर्ष समिति ने उठाया सवाल*
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के बारे में ऑल इंडिया डिस्काम एसोशिएशन की संविधानेतर गतिविधियों पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश में सवाल खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग की है कि आल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन की निजीकरण को लेकर की जा रही कार्यवाहियों पर तत्काल रोक लगाई जाय। संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 268 वें दिन प्रदेश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने आज यहां कहा कि पता चला है कि नवंबर 2024 में लखनऊ में हुई विद्युत वितरण कंपनियां की बैठक में निजी घरानों के साथ मिली भगत में गठित आल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण में न केवल रुचि ले रही है अपितु इस एसोशिएशन की आड़ में निजी घरानों का हित साधने की कोशिश भी की जा रही है जो अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण और निन्दनीय है।
संघर्ष समिति ने कहा कि आल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन में विद्युत वितरण निगम के मौजूदा चेयरमैन और प्रबंध निदेशकों के साथ निजी घरानों के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर हैं । एसोशिएशन के डायरेक्टर जनरल के पद पर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष और भारत सरकार के पूर्व विद्युत सचिव आलोक कुमार सेवानिवृत्त आई ए एस है। एसोशिएशन के जनरल सेक्रेटरी उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के मौजूदा अध्यक्ष डॉक्टर आशीष गोयल हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि डॉ आशीष गोयल का पॉवर कारपोरेशन का चेयरमैन रहते हुए इस प्रकार निजी घरानों के साथ एसोसिएशन बनाना सरकारी गोपनीयता का हनन है और हितों के टकराव का मामला भी है। संघर्ष समिति ने कहा कि पारदर्शिता का तकाजा है कि ऐसी परिस्थितियों में डॉक्टर आशीष गोयल को या तो अपने को आल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन से अलग कर लेना चाहिए अन्यथा स्वयं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष का पद छोड़ देना चाहिए।
संघर्ष समिति ने कहा कि यह भी पता चला है कि ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन देश के सभी विद्युत वितरण निगमों से करोड़ों रुपए का चंदा ले रही है। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष पद पर एक बड़े निजी घराने के सीईओ को रखा गया है। यह चर्चा है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने आल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन को कई करोड़ का चंदा दिया है। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि करोड़ों रुपए का चंदा लिया जा रहा है तो सरकार को यह जांच करना चाहिए कि यह संगठन किसने बनाया है, किस उद्देश्य से बनाया है, देश के विद्युत वितरण निगम किस मद में इसे चंदा दे रहे हैं और इसका ऑडिट कैग से कराया जाना चाहिए। सरकार की अनुमति के बिना इस प्रकार संगठन बनाकर करोड़ों करोड़ों रुपए का चंदा लिया जाना पूरी तरह अनैतिक और अनुचित है।
संघर्ष समिति ने कहा कि यह भी जानकारी मिल रही है कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष और भारत सरकार के पूर्व विद्युत सचिव सेवा निवृत आई ए एस श्री आलोक कुमार उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के उच्च अधिकारियों की अनौपचारिक बैठक ले रहे हैं और उन्हें निजीकरण की प्रक्रिया तेज करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह बहुत गम्भीर बात है जिसकी जांच होनी चाहिए और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए।
संघर्ष समिति ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण न कर पाने से हताश और निजीकरण करने के लिए उतावले पॉवर कारपोरेशन के पूर्व और वर्तमान अधिकारी निजी घरानों के साथ मिलकर संविधानेतर कार्य कर रहे हैं ।
संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 268 वें दिन बिजली कर्मियों ने निजीकरण के विरोध में प्रदेश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
#stop_privatization_of_uppcl@narendramodi@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@ChiefSecyUP@UPGovt@UPPCLLKO@yadavakhilesh@RahulGandhi@Mayawati@aajtak@ABPNews@ZeeNews@News18India@ndtv@timesofindia@IndianExpress@TheEconomist@EconomicTimes
यशश्वी मुख्यमंत्री जी @myogiadityanath क्या जन्माष्टमी के दिन बिल काउंटर खोलकर ही बिजली विभाग का घाटा पूरा हो जाएगा। जन्माष्टमी जैसे महापर्व पर ही इन अधिकारियों को कर्मचारियों को घाटे के नाम पर प्रताड़ित करने में आनंद आता है। इनकी गलत नीतियों से बिजली विभाग बदतर होता जा रहा है
उत्तर प्रदेश के 42 जनपदों के निजीकरण पर छाया बड़ा संकट नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने निजीकरण के पूरे मसौदे की पत्रावली व सभी कागजात किया तलब छानबीन की शुरू पावर कारपोरेशन में मचा हड़कंप भ्रष्टाचारियों का फसना तय उपभोक्ता परिषद की लड़ाई रंग लाई।
🚨मिर्जापुर : बिजली के निजीकरण पर ऊर्जा मंत्री का बड़ा बयान🚨
⚡ “जितनी अच्छी बिजली व्यवस्था होनी चाहिए, उतनी नहीं” - एके शर्मा
🗣️ “अनेक प्रयासों के बावजूद जनता में असंतोष” - ऊर्जा मंत्री
📉 “कर्मचारियों के व्यवहार, बिजली आपूर्ति पर असंतोष”
🔌 “24 घंटे बिजली देने के लिए निजीकरण पर विचार”
📞 “पहले टेलीफोन कनेक्शन में लगते थे साल, अब सबके हाथ में मोबाइल”
🎯 “कुछ कर्मचारी नेता चला रहे अपनी राजनीति”
🤝 “कम भ्रष्टाचार के साथ बिजली देने में जनता दे रही साथ”
#Mirzapur#AKSharma#ElectricityPrivatization#UPPowerCrisis@aksharmaBharat
@bstvlive मंत्री जी सरकारी संपत्ति बेच क्यों रहे हो, प्राइवेट कंपनी को लाइसेंस दे दो अपनी बिजली लाइन/ बिजली घर अलग बनाए, और जो उपभोक्ता प्राइवेट कंपनी से बिजली चाहे इनको बिजली दे।
क्या हो रहा है? मजाक चल रहा है?
एयर इंडिया की फ्लाइट IX196 : 5 घंटे बिना AC, बिना सूचना, बिना मदद। फ्लाइट दुबई से जयपुर आ रही थी।
विमान नहीं था, तपता हुआ टिन का डिब्बा था — और यात्री? बस चुपचाप पसीने में भीगते हुए। अहमदाबाद हादसे के बाद भी वही लापरवाही।
@omp8036@uprvup सही दोनों ऑप्शन होने चाहिए जिनको सरकारी तंत्र से बिजली चाहिए वो सरकार से ले, जिनको प्राइवेट चाहिए वो निजी कंपनी से ले, निजी कंपनी अपनी लाइन बिछाए और अपनी मन मुताबिक बिल वसूली करे।
@uprvup टेलीकाम सेक्टर की तरह प्राईवेट प्लेयर्स इस पावर स्क्टर में होने ही चाहिये ताकि हम आम जन गुणवत्ता आधारित सर्वोत्तम सेवा का आप्शन पा सकें !...ना कि दो दो साल तक बिलों में मीटर अपडेट ही ना हों और हम ग्राहक उल्टी-सीधी बिलिंग झेलते रहें....?
बाबा साहब की संवैधानिक व्यवस्था आरक्षण को समाप्त करने के लिए इतना जल्दबाजी अडानी टाटा एनपीसीएल टोरेंट पावर की जल्दबाजी समझ में आती है लेकिन मा ऊर्जा मंत्री जी आप तो उससे भी ज्यादा उतावले ऐसा क्यों? संवैधानिक व्यवस्था पर कुठाराघात बर्दाश्त नहीं करो मरो की तर्ज पर संवैधानिकआंदोलन।
@AnilYadavmedia1 मीटर लगवाना जबरजस्ती है
भाई जब नाये मीटर लगाने के लिए बोला जाये तब तो आप लगाइये ठीक है ,,, लेकिन जो पुराने मीटर चल रहे है और वो ठीक काम कर रहे है तो ऐसे मे जबरजस्ती मीटर बदलना उचित नही और
@indSupremeCourt
ये भूतपूर्व डकैत पानसिंह तोमर की पोती हैँ,
झाँसी में रहती हैँ,
बिजली विभाग के JE विभव कुमार रावत इनके घर का स्मार्ट मीटर बदलने गए थे,
फिर क्या था,
पोती साहिबा के रगों में दौड़ रहा बागी खून
जाग उठा,
और उन्होंने JE साहब की बलबर पिटाई कर दी,
पानसिंह तोमर पर फ़िल्म बनी थी,
जो इरफ़ान खान की एक्टिंग के लिए आज भी याद की जाती है,
@AnilYadavmedia1 वीडियो बनना तब शुरू होता है जब कुटाई शुरू हो चुकी होती है असल मुद्दा इसी में गायब हो जाता है। वैसे भी स्मार्ट मीटर क्यों लगाना जबरन जब नॉर्मल मीटर सही काम कर रहा है। अडानी को जल्द ही पूरे देश की बिजली बेचने का काम मिलेगा , यही जे ई बेरोजगार होगा तब
प्रदेश में निजीकरण के नाम पर सबसे बड़ा संकट उपभोक्ता सेवा से सीधे जुड़े रहे गरीब असहाय और संविदा कार्मिकों के ऊपर आया उपभोक्ता परिषद के वेबीनार में एक विकलांग संविदा कर्मी ने नौकरी से बाहर होने परबया किया दर्द आंख में आ गया आंसू कार्पोरेशन प्रबंधनअपने निर्णय पर करें पुनर्विचार।