
जब मैंने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान को अपमानित करके (कहा तो मैंने कुछ और ही था) कैबिनेट से निकाला जाना चाहिए, तो कई लोगों को (UGC के कारण मेरे सरकार विरोध में होने से) समस्या हो गई थी। इस नकारे मंत्री के कार्यकाल में NEET 2026 रद्द हो गई। इनसे पेपर लीक रुक नहीं रहा, DU में सवर्ण सहायक प्रोफेसरों को चिह्नित करके निकाला जा रहा है, VC वामपंथी लेख लिख रहे हैं, नई शिक्षा नीति लागू हो रही है पर पन्नों में ब्राह्मण ब्रिटिश को न्योता दे कर बुलाता दिखाया जा रहा है, NCERT में आज भी डिस्टॉर्टेड इतिहास पढ़ाया जा ही रहा है, फिर यह व्यक्ति क्या एक प्लेस होल्डर मात्र है? हर 58 मिनट में एक छात्र आत्महत्या करता है। उसका कारण स्ट्रेस है, चिंता है, असफलता है, तंत्र द्वारा उसकी परीक्षा लेना है। निर्धन छात्र पैसे ले कर नए नगर में परीक्षा देने जाता है, प्लेटफार्म पर अख़बार बिछा कर सोता है, सड़क किनारे जल पीकर परीक्षा देता है कि एक दिन परिणाम आने पर उसकी चिन्ताएँ समाप्त हो जाएँगी, पर तंत्र उसे तड़पाता रहता है। धर्मेंद्र प्रधान एक निकृष्ट और नकारा नेता है, उस से भी गया०बीता मंत्री। ऐसे लोगों को कोई घर का गराज संभालने ने दे, ये देश की शिक्षा घंटा सँभालेगा? @narendramodi जी, यदि UGC के 118 दिन बाद आपकी सरकार ने सवर्णों को औक़ात दिखा दी हो, और आपका ईगो शांत हो गया हो कि क्या उखाड़ लिया, गुजरात निगम और असम-बंगाल चुनाव जीत गए, तो प्लीज़ इस निकम्मे धर्मेंद्र प्रधान को विदा कीजिए। यदि, चुनाव के आँकड़े ही आपके लिए एक मात्र मोटिवेशन हैं और देश की शिक्षा गर्त में जाते अच्छी लगती है, तो फिर कोई बात नहीं, UP चुनाव के लिए रैलियाँ कीजिए।








