Mohammad Mohsin

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@MoMohsin007

Katılım Şubat 2015
16 Takip Edilen1 Takipçiler
Mohammad Mohsin
Mohammad Mohsin@MoMohsin007·
@UPPCLLKO mahoday mere smart meter ka bal shaam tak ka balance 2311 rupye tha jabki aaj subah -2069 hai. Ye kaise possible hai aur kis tarah ka charge lga hai jo itna balance kam ho gaya hai Mohd Mohsin A/c no 9733403000 Farrukhabad mo no:- 8874708021 Discome name :- Lakula
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UPPCL
UPPCL@UPPCLLKO·
@MoMohsin007 महोदय, कृपया अपना मोबाइल नंबर, शहर (जिले सहित) और समस्या से संबंधित बिजली उपकेंद्र का नाम प्रदान करें, ताकि आपसे संपर्क किया जा सके और समस्या का समाधान किया जा सके। #upn250426
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Mohammad Mohsin
Mohammad Mohsin@MoMohsin007·
@UPPCLLKO Mahoday mere smart meter me kal sham tak 51 rupye balance tha jbki aaj -516 hai. Kya ek raat me lagbhag 500 rupye ki bijli kharch li maine jabki mere yahan 3 kilo watt ka solar plant bhi lga hua hai Mohd Mohsin A/c 9733403000
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Mohammad Mohsin
Mohammad Mohsin@MoMohsin007·
@UPPCLLKO Ye QR kya apka dwara hi jari kiya gaya hai kya isse upbhokta ka record update ho jayega
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Mohammad Mohsin
Mohammad Mohsin@MoMohsin007·
#UPPCL Ye QR kya apka dwara hi jari kiya gaya hai kya isse upbhokta ka record update ho jayega
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Iran in India
Iran in India@Iran_in_India·
A Hateful Face!
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Mohammad Mohsin
Mohammad Mohsin@MoMohsin007·
@UPPCLLKO Mahoday mere smart meter me 2 din pehle tak 255 positive balance tha par aaj -189 dikha rha hai Mahoday mera normal bill in dinon me 1500 se 1600 tak aata tha lekin do din me hi 444 rupye ki bijli use dikha rha hai please help me My Account no 973340300
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CEO Uttar Pradesh
CEO Uttar Pradesh@ceoup·
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश। (प्रेस विज्ञप्ति) अलीगढ़/लखनऊ, दिनांकः 27-02-2026 आज जनपद अलीगढ़ भ्रमण के दौरान विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गयी तथा 75—कोल विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के सन्त फिदेलिस स्कूल, रामघाट रोड स्थित सुनवाई केन्द्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नोटिस सुनवाई केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं, कार्यप्रणाली, शिकायत निस्तारण व्यवस्था एवं नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया गया। सुनवाई केंद्र पर उपस्थित नागरिकों एवं मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने गए तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। नोटिस सुनवाई केंद्र पर आने वाले नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर विशेष बल दिया गया। युवाओं विशेषकर महिलाएं जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है वे आवश्यक साक्ष्य सहित फार्म-6 भरकर 6 मार्च, 2026 तक अपने बीएलओ को उपलब्ध करा दें, ताकि आपका नाम अंतिम मतदाता सूची में सम्मिलित हो सके। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान बने हुए मतदाताओं को एक अतिरिक्त लाभ यह भी है कि उनके रिकॉर्ड आगामी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण तक सुरक्षित रखा जाएगा। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के बाद भी नये मतदाता तो बनेंगे परन्तु उनका रिकॉर्ड एसआईआर के तहत सुरक्षित नहीं होगा। ऐसे में इस मौके को न गवाएं। मतदाताओं से आग्रह किया गया कि यदि किसी का वोट एक से अधिक स्थान पर है तो फार्म-7 भरकर स्वेच्छा से अन्य स्थानों से अपना नाम कटवा लें, यह एक दण्डनीय अपराध है जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित मतदाता का है। बीएलओ के साथ संवाद तथा सम्मान कार्यक्रम नोटिस सुनवाई केंद्र के निरीक्षण के उपरांत कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों 71—खैर, 72—बरौली, 73—अतरौली, 74—छर्रा, 75—कोल, 76—अलीगढ़ तथा 77—इगलास के बूथ लेवल अधिकारियों, बीएलओ सुपरवाइजरों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से मतदाता सूची के अद्यतन कार्य, नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम संशोधन, स्थानांतरण एवं विलोपन से संबंधित कार्यों के संबंध में संवाद करते हुए कार्य में हो रही तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों को जानने का प्रयास किया गया। बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजरों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव भी साझा किए गये। जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु जनपद के प्रत्येक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से 2-2 बूथ लेवल अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मण्डलायुक्त / रोल प्रेक्षक, जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बी0एल0ओ0 सुपरवाइजर तथा बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहे। राजनैतिक दलों के साथ बैठक कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके उन्हें नोटिस सुनवाई प्रक्रिया की जानकारी दी गयी। बैठक में राजनैतिक दलों यथा आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उपस्थित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनके सुझाव लिए एवं एसआईआर प्रक्रिया में उनके द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना भी की गई। समस्त राजनैतिक दलों से आग्रह किया गया कि सभी दलों के बूथ लेवल एजेण्ट ज़्यादा से ज़्यादा नये एवं युवा वोटर्स को जोड़ने का काम करें। समीक्षा बैठक मण्डलायुक्त अलीगढ़/रोल प्रेक्षक तथा जिला निर्वाचन अधिकारी की उपस्थिति में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम की प्रगति के संबंध में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में मतदाता सूची के अद्यतन कार्यों, नए मतदाताओं के पंजीकरण, नोटिस सुनवाई की प्रगति, बुक ए कॉल विद बीएलओ तथा एनजीएसपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण, नोटिस सुनवाई स्थल की व्यवस्थाओं आदि के संबंध में समीक्षा की गई। 6 मार्च, 2026 तक कोई भी पात्र व्यक्ति फार्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकता है। नए वोटर्स को जोड़ने हेतु भरे जाने वाले फॉर्म-6 में नागरिकों की साफ व स्पष्ट फोटो लगाई जाए। अभी तक भरे गए फार्मों में से जिन फॉर्मों में फोटो स्पष्ट नहीं आ रही हो, उनमें सही फोटो जरूर लगवायें। फॉर्म भरने के दौरान आवेदक का पूरा पता और मोबाइल नंबर अवश्य दर्ज करें। 27 मार्च, 2026 तक दावे-आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी ततपश्चात 10 अप्रैल, 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नोटिस सुनवाई से संबंधित सभी अभिलेख सुरक्षित रखे जाएं, अधिक से अधिक ऑनलाइन आवेदन प्रोत्साहित किए जाएं और प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए। मतदाता सूची में न तो अपात्र का नाम शामिल हो और न ही पात्र व्यक्ति छूटे, इसी लक्ष्य के साथ प्रदेश भर में कार्य हो रहा है। नोटिस सुनवाई की प्रगति समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि नोटिस सुनवाई के राज्य औसत 70 प्रतिशत के सापेक्ष विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों 73—अतरौली 81.69 प्रतिशत, 71—खैर में 80.53 प्रतिशत, 77—इगलास 77.91 प्रतिशत, 72—बरौली 75.85 प्रतिशत, 74—छर्रा 72.01 प्रतिशत, 76—अलीगढ़ 68.18 प्रतिशत तथा 75—कोल 57.49 प्रतिशत सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है। राज्य औसत से अधिक प्रगति लाने के लिए अतरौली, खैर, इगलास, बरौली तथा छर्रा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की सराहना की गई। साथ ही राज्य औसत से कम प्रगति वाले विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों अलीगढ़ तथा कोल के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी नोटिस की सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिये गये। बुक ए कॉल विद बीएलओ/एनजीएसपी ईसीआईनेट ऐप तथा voters.eci.gov.in पर नागरिकों हेतु उपलब्ध बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा के अंतर्गत बुक की गई कॉल के निस्तारण की समीक्षा भी की गई। समीक्षा में पाया गया कि जनपद में 48 घण्टे से अधिक समय की कोई भी कॉल लंबित नही है। बुक ए कॉल में बीएलओ उपलब्धता में मिजोरम के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। शिकायतों के निस्तारण हेतु एनजीएसपी में मतदाताओं द्वारा दिए गए फीडबैक में देश में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति संतोषजनक पायी गयी। भविष्य में भी इसी प्रकार सजगता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहने के निर्देश दिए गये।
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CEO Uttar Pradesh@ceoup·
👉Special Intensive Revision 2026 : Daily Bulletin 24-02-2026 👉 Claims and Objection Period 06-01-2026 to 06-03-2026
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CEO Uttar Pradesh
CEO Uttar Pradesh@ceoup·
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश। (प्रेस विज्ञप्ति) दिनांकः 18-02-2026 विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति के संबंध में बुधवार को लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता की गयी। नो मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई तथा अब तक प्राप्त फार्म-6 एवं फार्म-7 की प्रगति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी। नोटिसों की सुनवाई 6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में नो मैपिंग से संबंधित 1.04 करोड़ मतदाता तथा तार्किक विसंगतियों से संबंधित कुल 2.22 करोड़ मतदाता सहित कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस निर्गत किया जाना है, जिसके क्रम में अब तक कुल 3.25 करोड़ नोटिस निर्गत किये जा चुके हैं। निर्गत किये गये नोटिसों में से लगभग 1.85 करोड़ से अधिक नोटिस संबंधित मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्राप्त कराये जा चुके हैं। मतदाताओं को प्राप्त कराये गये नोटिसों में से अब तक लगभग 1.15 करोड़ नोटिसों पर अधिसूचित अधिकारियों द्वारा सुनवायी भी की जा चुकी है। नोटिसों की सुनवाई की प्रगति •5 फरवरी, 2026 तक 30 लाख नोटिसों पर सुनवाई की गयी थी, जो 9 फरवरी को 37.19 लाख, 13 फरवरी को 60 लाख, 14 फरवरी को 69.17 लाख, 15 फरवरी को 79.75 लाख से बढ़कर 18 फरवरी को 1.15 करोड़ हो चुकी है। विगत तीन दिवसों में 35 लाख से अधिक नोटिसों पर सुनवाई की गई है। सुनवाई की इस गति को बनाये रखते हुए निर्धारित अवधि में सुनवाई पूर्ण कर ली जायेगी। •विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के प्रारम्भ में प्रदेश में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर कुल 13,161 हो चुकी है। अधिसूचित अधिकारियों द्वारा नोटिस सुनवाई की प्रक्रिया गतिमान है। पूर्व में नोटिस सुनवाई केन्द्रों की संख्या 3,984 थी, जो 9 फरवरी को बढ़कर 4,635 हो गई है। इसके अतिरिक्त अधिसूचित अधिकारियों को मतदान केन्द्रों पर जाकर भी सुनवाई करने के निर्देश दिये गये हैं, जिससे कि मतदाताओं को सुनवाई हेतु कम से कम दूरी तय करनी पड़े। •अभियान के अंतर्गत नो मैपिंग से संबंधित मतदाता अथवा उनके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा सुनवाई के समय आयोग द्वारा जन्म तिथि अथवा/और जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। वहीं तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और अभिलेखीय साक्ष्यों की बाध्यता कम की गई है। •तार्किक विसंगति से संबंधित नोटिस उन मतदाताओं को जारी किया जा रहा है जहां मतदाता के नाम में विसंगति हो, मतदाता और उसके अभिभावक की आयु में अन्तर 15 वर्ष से कम अथवा 50 वर्ष से अधिक का हो, मतदाता और उसके दादा-दादी/नाना-नानी की आयु में 40 वर्ष से कम का अन्तर हो, 6 अथवा अधिक मतदाताओं की मैपिंग पिता के रूप में एक ही व्यक्ति से की गयी हो। •बीएलओ द्वारा नोटिस मतदाता अथवा मतदाता के किसी निकट संबंधी को दी जायेगी तथा उसकी पावती बीएलओ ऐप पर अपलोड की जायेगी। •बीएलओ द्वारा ऐप में विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की अन्तिम मतदाता सूची के सुसंगत पृष्ठ का अंश, मतदाता से मैप किये गये व्यक्ति के संबंध को प्रमाणित करने वाला कोई अभिलेख तथा बीएलओ द्वारा की गयी घोषणा अपलोड की जायेगी। •मतदाता अथवा संबंधी का हस्ताक्षर व बीएलओ के साथ मतदाता अथवा संबंधी का फोटो ऐप पर अपलोड किया जायेगा। फार्म-6 आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक कुल 54.40 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए, जिनमें महिलाओं की संख्या 27.20 लाख तथा पुरुषों की संख्या 27.19 लाख और तृतीय लिंग की संख्या 222 है। 18 से 29 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं के 36.76 लाख फार्म प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की तिथि 27 अक्टूबर, 2025 से गिना जाये तो 17 फरवरी, 2026 तक कुल 70 लाख से अधिक नए मतदाताओं के फार्म-6 प्राप्त हुए हैं। फार्म-7 प्रदेश में नाम कटने के प्रकरणों को लेकर फैली भ्रांतियों का तथ्यात्मक विश्लेषणः- •आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक 1.40 लाख फार्म-7 के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 55,752 महिला एवं 84,667 पुरूष तथा 6 तृतीय लिंग के मतदाता हैं। •विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की तिथि 27 अक्टूबर, 2025 से गिना जाये तो 17 फरवरी तक 1.89 लाख फार्म-7 प्राप्त हुए, जिसमें 76,866 महिला, 1.12 लाख पुरूष तथा तृतीय लिंग के 8 मतदाता शामिल हैं। •आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी, 2026 से 16 फरवरी 2026 तक प्राप्त 1.35 लाख फार्म-7 में से 70,865 आवेदन स्वयं मतदाताओं द्वारा दिया गया है तथा 16,863 आवेदन मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किये जाने हेतु दिये गये आवेदन (फार्म-8) के फलस्वरूप स्वतः जनरेट हुए हैं। किसी दूसरे व्यक्ति का नाम हटाने के लिए अन्य व्यक्ति द्वारा दिये गये आवेदनों की संख्या मात्र 47,684 है। •इन संख्याओं के सापेक्ष 6 जनवरी से 16 फरवरी तक दावा एवं आपत्ति अवधि में 12.55 करोड़ मतदाताओं में से अब तक मात्र 23,935 मतदाताओं के नाम विलोपित किये गये हैं, जिसमें फार्म-8 की वजह से विलोपन 14,388 तथा स्वयं मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किये जाने हेतु दिये गये आवेदन के फलस्वरूप विलोपित हुए नामों की संख्या 5,211 है एवं किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे किसी व्यक्ति का नाम विलोपित किये जाने हेतु दिये गये फार्म-7 की वजह से विलोपित नामों की संख्या 4,336 है। •जन सामान्य एवं राजनैतिक दलों की जानकारी हेतु दावा एवं आपत्ति अवधि में बूथवार प्रत्येक दिन प्राप्त फार्म-7 की संकलित सूची जिसे फार्म-10 कहा जाता है, संबंधित विधान सभा के ईआरओ कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जा रही है तथा जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित भी की जा रही है। जून एवं सितम्बर 2025 में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रक्रिया संबंधित प्रशिक्षण से वंचित रह गये जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी 17 फरवरी, 2026 को एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। साथ ही समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी को एसआईआर प्रक्रिया विशेषकर तार्किक विसंगति में प्राप्त नोटिसों में सुनवाई तथा फार्म-6 भरने से संबंधित जानकारी पुनः स्पष्ट कर दी जाये। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण एक वैधानिक प्रक्रिया है, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के अनुसार संचालित होती है। आलेख्य प्रकाशन के उपरान्त दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान नागरिक द्वारा नाम जोड़ने तथा मतदाता द्वारा संशोधन अथवा किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने हेतु आवेदन किया जा सकता है। प्रदेश के नागरिकों और राजनैतिक दलों से अपील है कि तथ्यों के आधार पर जानकारी साझा करें और एसआईआर प्रक्रिया में सहयोग करें।
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Mohammad Mohsin
Mohammad Mohsin@MoMohsin007·
@ceoup Sir maine apni family ke members ke BLO ke dwara form 8 online karwaye the lekin ek mahina ho jane ke baad bhi status FVR submitted hi dikha rha hai . Reference number:- S24194G8C0901261200015 S24194G8C0901261200016 S24194G8C0901261200017 S24194G8C0901261200019
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Mohammad Mohsin
Mohammad Mohsin@MoMohsin007·
@ceoup sir maine form 8 apply Kiya tha jiska reference number S24194G8C0901261200019 hai ek mahine se jayada ho gaya hai FVR submitted dikha rha uske aage process hi nhi badh rhi hai
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CEO Uttar Pradesh
CEO Uttar Pradesh@ceoup·
👉 उत्तर प्रदेश विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 : दैनिक बुलेटिन 02-02-2026 👉दावे और आपत्तियाँ दाखिल करने की अवधि 06.01.2026 से 06.02.2026 तक
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Mohammad Mohsin
Mohammad Mohsin@MoMohsin007·
@ceoup sir logical discrepancyke liye jo notice issue ho rhe hain us me proof of relationship me kaun sa document upload karna hoga
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Dilip Mandal
Dilip Mandal@Profdilipmandal·
12 हजार किमी दूर रह रहे इन दो लोगों का आपस में क्या रिश्ता है. राष्ट्र का रिश्ता? नहीं. एक पार्टी या संस्था में हैं? नहीं. परिवार के सदस्य हैं? नहीं. राजनीतिक विचार भी इनके अलग है. एक कम्युनिस्ट है, दूसरा डेमोक्रेटिक पार्टी का सदस्य. इन दो लोगों को इनका मजहब ही जोड़ता है और इनके लिए उससे बड़ी कोई पहचान नहीं है. इसलिए गाजा में हिंसा-प्रतिहिंसा हो तो हमला ऑस्ट्रेलिया के नागरिकों पर होता है. म्यांमार में रोहंगिया अलगाववादियों पर कार्रवाई होती है तो विरोध में बोध गया पर हमला किया जाता है. ममदानी को ये भी कहां पता होगा कि केस क्या है. मामला क्या चल रहा है. लेकिन बस वही बात. तेरा मेरा रिश्ता क्या.... जब तक इस्लाम ये निर्धारित नहीं करेगा कि राष्ट्र का स्थान मजहब से ऊपर है, तब तक इस्लाम वैश्विक समस्या बना रहेगा. पूरी दुनिया को मुसलमान बनाने की हवस अशांति को ही जन्म देगी.
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Deepak Chaurasia
Deepak Chaurasia@DChaurasia2312·
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी का भारत के आतंरिक मामलों में बार-बार बोलना हैरान करता है. जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के मेयर हैं या किसी वैचारिक एजेंडे के प्रचारक? कुरान पर शपथ, खुले धर्मांतरण के आरोप और अब उमर ख़ालिद के लिए भावुक पत्र और समर्थन आख़िर मक़सद क्या है? ये महज़ संयोग है या किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा? भारत को सतर्क रहना होगा. #ZohranMamdani #NewYorkMayor #umarkhalid @ZohranKMamdani @DrSJaishankar @PMOIndia #DeepakChaurasia #deepakchaurasia
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Dilip Mandal
Dilip Mandal@Profdilipmandal·
बाप मजहब पर अड़ गया. मां धर्म पर झुक गई. बेटे ने बाप का साथ दिया. मीरा नैय्यर हिंदू पैदा हुईं. वामपंथी नारीवादी हैं. वे खुद को धर्म से ऊपर मानती हैं. लेकिन जब वे एक मुसलमान महमूद से शादी करती हैं तो बच्चे का धर्म मां की जगह बाप तय करता है और बच्चे को मुसलमान बना देता है. वह उसे एक मुसलमान अरबी नाम जोहरान देता है. बच्चे के 18 साल का होने का इंतजार नहीं किया गया. मजहबी पहचान बचपन में ही चिपका दी गई. बड़ा होने पर बेटा मां की नैय्यर पहचान को नहीं अपनाता. वह ममदानी बना रहता है. बाप के मजहब के आगे मां झुक जाती है. बेटा बाप पर जाता है. पिता अपने मजहब को पीछे रखकर बेटे को सेक्युलर पहचान दे सकता था. ये बीच का रास्ता होता. न हिंदू, न मुसलमान. पर बाप मजहबी पहचान पर अड़ गया. झुकने का बोझ मां उठाती है. वह अपने धर्म पर टिक नहीं पाती. जबकि मां की औकात और शोहरत बाप से ज्यादा है.
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Mohammad Mohsin
Mohammad Mohsin@MoMohsin007·
@Millat_Times Har jagah aadhar ki zaroorat hoti hai par SIR ke liye aadhar maany nahi kya mazak bna rkha hai
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Millat Times
Millat Times@Millat_Times·
आधार ना तो जन्म प्रमाण पत्र का आधार है और ना ही निवास का। यह नागरिकता साबित करने वाला दस्तावेज नहीं है ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त
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