keshar kumar retweetledi

मीडिया द्वारा हमारे द्वारा चलाए जा रहे कैंपेन ‘इंतजारशास्त्र’ और इसमें शामिल आईपीडी टॉवर इत्यादि प्रोजेक्ट्स को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में :
हाँ, ये हम इसलिए चला रहे हैं, सरकार पर दबाव बनाने के लिए। हमारा मकसद यही है कि जो बिल्डिंगें राजस्थान के अंदर खड़ी हो गई हैं, जिन पर अरबों रुपये लग गए हैं जैसे आपका वो कोचिंग हब है जयपुर के अंदर ट्रैफिक जाम रहता है। अब अगर सब कोचिंग वाले हब में चले जाएँ, जहाँ सबके लिए अच्छा इंतज़ाम किया हुआ है, उनसे एडवांस पैसा भी ले लिया गया है, मैं समझता हूँ कोई मिलीभगत हुई होगी पता नहीं क्या हुआ है, आप शिफ्ट नहीं कर रहे उनको। और कोचिंग सेंटर जहाँ बने हुए हैं पूरा ट्रैफिक जाम रहता है।
तो ये जो हमने अभियान चलाया है, ये सरकार पर दबाव देने के लिए चलाया है। आप देख रहे हैं, जो सोशल साइंस इंस्टिट्यूट हम टाटा की तरह खड़ा कर रहे थे, वो बंद पड़ा है। और तो और गांधी म्यूजियम जहाँ आज बच्चों को पूरे प्रदेश से आकर देखना चाहिए ,कोई प्रोग्राम ही नहीं है। तो एक के बाद एक जो ये पेंडिंग पड़े हैं, आईपीडी टावर है, वो सब देख रहे हैं, पूरा प्रदेश देख रहा है।
तो सरकार पर दबाव बना रहे हैं। आज मैंने सुना कि मेडिकल को लेकर इन्होंने कहा कि कोई भी राज्य से 25 लाख तक का इलाज करवा सकता है। तो ये तो हमारे वक्त में ही था, हमारे वक्त में ही था कहीं जाओ, चेन्नई जाओ या बैंगलोर जाओ, आप जाओ, वहाँ अपना इलाज करवा सकते हो। इसमें कोई नई बात नहीं है।
फिर भी इन्होंने अगर ये प्रयास किया है, बताया है कि 25 लाख का बीमा है पहली बार ये लोग बोले हैं। सरकार आने के बाद कंफ्यूजन हो गया था कि 25 लाख का है या नहीं है। उसका फायदा प्राइवेट हॉस्पिटल्स ने उठाया, जनता जाती रही और वो कहते रहे कि कुछ नहीं है, आप पैसा जमा करवाओ। कितना नुकसान हुआ पब्लिक को।
अब जाकर कुछ स्टेटमेंट आया है। ये भी हमारे दबाव के कारण आया है। हमने जो पिछले तीन महीने में दबाव दिया, तब जाकर ये आया है। तो ये स्थिति बनी हुई है। इसलिए हमारा ये अभियान चल रहा है।
हिन्दी




































