


#Noida जिसके सबसे अधिक वोट होते वह कंपनी जेपी की अधूरी परियोजनाओं को पूरा करती। सीओसी ने एनबीसीसी को 98.54 और सुरक्षा को 98.66 प्रतिशत वोट दिया। 0.12 प्रतिशत वोट कोलकाता की एक कंपनी का था। सुरक्षा ने इसी वोट से जेपी का साम्राज्य संभाला। छह महीने में यह कंपनी भी दिवालिया हो गई।
























