sameer chougaonkar
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sameer chougaonkar
@semeerc
पत्रकार और लेखक।राजनीति पर ख़बरें सुनता और सुनाता हूँ।एक्स - इंडिया टुडे, राजस्थान पत्रिका. राजनीति पर सात किताबें प्रकाशित.
New Delhi เข้าร่วม Eylül 2009
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@semeerc बहुत अच्छा विश्लेषण,
मतलब बीजेपी को फायदा है मिलते हैं एक बजे
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ममता के अपमान से आहत कांग्रेस इस बार बंगाल चुनाव बीजेपी को रोकने के लिए नहीं,ममता को हराने के लिए लड़ रही है।बंगाल में कांग्रेस का दुश्मन नंबर वन बीजेपी नहीं,ममता बनर्जी है।
2023 के उपचुनाव में कांग्रेस ने मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बाहुल सीट सागरदिघी तृणमूल कांग्रेस को हराकर जीती थी।सागरदिघी सीट पर ममता समर्थक मुस्लिम 64 फीसद होने के बाद भी कांग्रेस की जीत ने ममता के होश उड़ा दिए थे।
ममता ने बिना समय गवाए कांग्रेस विधायक को अपनी पार्टी में शामिल करा लिया और कांग्रेस को फिर से विधानसभा में शून्य पर पहुचा दिया।
2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को हर हाल में हराने के लिए ममता बेनर्जी ने गुजरात से यूसुफ पठान को लाकर बहरामपुर से मैदान में उतारा और खुद प्रचार कर कांग्रेस की हार सुनिश्चित कर दी।ममता यही नहीं रूकी,दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल को समर्थन दिया।ममता बनर्जी से अपमानित महसूस कर रही
कांग्रेस ने अपमान का घूंट पीया और बंगाल चुनाव का इंतजार किया।
कांग्रेस ने 2006 में 262 सीटों पर चुनाव लड़ा था और इस बार सबसे ज्यादा 294 सीटों पर अपने दम पर लड़ रही है।मकसद साफ है,ममता का रायता फैलाना है।
2024 के लोकसभा चुनाव मे कांग्रेस ने एक लोकसभा सीट जीतने के साथ ही 11 विधानसभा सीटों पर नंबर वन थी। ये सीटें मुस्लिम बाहुल चांचल चाकुलिया,हरिचंद्रपुर,मालतीपुर,रतुआ,मोथाबाड़ी,
शुजापुर,लालगोला,बहरामपुर और मुर्शिदाबाद की अन्य सीटें थी।14 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस दूसरे नंबर पर थी।लोकसभा चुनाव में विधानसभा की नंबर वन और नंबर दो रही इन 25 सीटों पर कांग्रेस का फोकस है।
मौसम बेनज़ीर नूर के तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल होने से भी कांग्रेस को ताक़त मिली है।
सिर्फ एक दशक पहले 2016 में बंगाल से 44 सीटें जीतने वाली कांग्रेस आज शून्य भले ही हो,लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 28 लाख से ज्यादा वोट और एक सीट मिली है।
2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को लगभग 18 लाख वोट मिले थे।
ऐसे में जब ममता को बीजेपी से तगड़ी चुनौती मिल रही है,ऐसे मे कांग्रेस का 294 सीटों पर लड़ना कांग्रेस की जीत का भले ना हो ममता के लिए हार का कारण बन सकता है।
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@semeerc में यह बुक ढुंढ रही हूं कोई मेरी मदद करें
निर्लज्ज नशेङी 😂😂
राम राम समीर सर 😊🙏
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@semeerc वाह रे तुम्हारी छोटी मन में भरी टीस को सलाम अपने आका को खुश करने के लिए ओर पेमेंट बढ़वाने के लिए क्या क्या करना पड़ता है
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@semeerc तुम्ही मराठी भाषिक असूनदेखील हिन्दी भाषेवर तुमचे प्रभुत्व अप्रतिम आहे.
MR

@semeerc केरल से सांसद प्रियंका गांधी असम की प्रभारी है। केरल में भी कांग्रेस के आने की संभावना 30% और नहीं आने की 70% है।
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पांच राज्यों में चुनाव हैं,लेकिन कांग्रेस में इतनी खामोशी क्यो दिख रही है? क्या एक राज्य का चुनाव भी जीतने की उम्मीद कांग्रेस को नहीं है।
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ना सिर्फ 1977 से सत्ता से बाहर है,बल्कि बंगाल में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर कोई बात भी नहीं करना चाहता।बंगाल से 294 विधानसभा सीट,42 लोकसभा और 16 राज्यसभा सीटें आती है। राजनीतिक रूप से महत्व के राज्य में कांग्रेस की दुर्दशा और दयनीय हालत कांग्रेस को परेशान नहीं करती।सिर्फ उम्मीदवार उतारने से जीत नहीं होती।2021 बंगाल चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 2.9 फीसद वोट मिला था।
असम की बात करे तो कांग्रेस ने 2001 के बाद से लगातार तीन सरकारे असम में बनाई,नार्थ ईस्ट के सबसे बड़े राज्य असम में कांग्रेस 2016 तक सत्ता में थी।लेकिन 2016 में भाजपा के हाथों सत्ता गंवा दी।असम में कांग्रेस बीजेपी के बाद सबसे बड़ी पार्टी है,लेकिन बीजेपी से असम वापस लेने को लेकर कांग्रेस ने काई ऐतिहासिक कदम उठाए हो,नजर नहीं आता।चुनाव के बीच सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का पार्टी छोड़ना पार्टी की हालत बताता है।प्रियंका गांधी को असम की कमान सौंपी है, लेकिन वह कोई चमत्कार कर दे, इसकी संभावना कम ही है।
तमिलनाडु में कांग्रेस डीएमके पर निर्भर है।तमिलनाडु में कांग्रेस 1967 के बाद कभी हावी नहीं रही और इस बार कोई चमत्कार कर दे,इसकी उम्मीद भी नहीं है। अगर डीएमके सरकार बना लेती है,तो कांग्रेस को बस इतनी तसल्ली रहेगी की वह सत्ता में भागीदार है।
केरल ही एक ऐसा राज्य है,जहा कांग्रेस के नेतृत्व में यूडीएफ की सरकार बनने की संभावना है।लगातार दस साल से एलडीए की सरकार है और कांग्रेस ने अभी स्थानीय निकाय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया है।ऐसे में केरल में कांग्रेस सरकार बनाने की उम्मीद कर सकती है।
पुडुचेरी जैसे बेहद छोटे राज्य में कांग्रेस डीएमके के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है और एनडीए की सरकार को हराने की उम्मीद कर रही है।पुडुचेरी में भी एनडीए गठबंधन मजबूत नजर आ रहा है।
पांच राज्यों बंगाल,तमिलनाडु,केरल,असम और पुडुचेरी में सिर्फ केरल में कांग्रेस की सरकार बनते दिख रही है,बाकी चार राज्यों में कांग्रेस के लिए कोई स्कोप नजर नहीं आ रहा हैं।
पाँच राज्यों से 824 विधानसभा सीटें, लोकसभा की 116 सीटें और राज्यसभा की 51 सीटें आती हैं। कांग्रेस को इन राज्यों का महत्व समझना चाहिए।
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@semeerc @DivyaSoti निर्लज्ज नशेड़ी
किस डिक्शनरी से मिला सर 🫣
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@semeerc आपके चरण कहां हैं प्रभु
आपको साष्टांग दंडवत प्रणाम🙏🙏
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@semeerc Mujhe de die rahte
99% attendance bhi deta aur badhiya speech bhi... Par kya hi bola jaye
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@semeerc सत्ता के निर्लज्ज नशेड़ी, ये बढ़िया था समीर जी
😂😂
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@jahanvivyasbjp 😄😄क्या करूँ जाह्नवी जी। यही नेता लोग मुझे लिखने के लिए प्रेरित करते हैं।
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@semeerc सर आपने उनको एक उपाधि दी है...."सत्ता के निर्लज्ज नशेड़ी" 😀
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प्राण जाए पर कुर्सी ना छोड़ी जाएं 🙄
sameer chougaonkar@semeerc
शरद पवार ने आज राज्यसभा की शपथ व्हील चेयर पर ली।शपथ ठीक से पढ़ भी नहीं सके।बमुश्किल किसी तरह शरद पवार को शपथ दिलाई गई। मुंह से शब्द नहीं निकल रहे थे। सच में शरद पवार सत्ता के निर्लज्ज नशेड़ी हैं। ऐसी हालत में राज्यसभा में क्या योगदान देंगे और महाराष्ट्र के लिए क्या करेंगे समझ से परे है।
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@semeerc समीर जी प्रशन ये नहीं कि शरद पवार जी ने राज्यसभा की शपथ व्हील चेयर पर ली? बल्कि महत्वपूर्ण ये है कि क्या राजनीतिक मोह के साथ साथ आप इस पद के साथ न्याय कर रहे हैं या कर पायेंगे? चाहे शरद पवार हो या नीतीश कुमार वरिष्टता के साथ आने वाले कल के लिए नेताओं को एक उदाहरण पेश करना चाहिए?
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@semeerc Sahi pakda...aap bhasha ki marya rakh rahe hai...warna sahi word hai
Chutiya ...
Besharam Chutiya @PawarSpeaks
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@semeerc अब ज्यादा नही दो टर्म और रहना है राज्यसभा मे फिर रिटायरमेंट के बारे मे सोचुंगा 😍
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