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बिहार में 'फर्जी आधार' का खेल: ऑपरेटर तो सिर्फ मोहरे हैं, असली 'एक्सेस' किसने दिया? 🚨 सारण के बाद अब दरभंगा में भी फर्जी आधार और सरकारी दस्तावेज बनाने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश! साधारण 'स्टूडियो' से फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैनर जैसी मशीनें बरामद होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है: सरकार और पुलिस से 3 सीधे सवाल: बिना 'मिलीभगत' के एक्सेस कैसे?: UIDAI के कड़े सुरक्षा दावों के बीच, एक लोकल कैफे संचालक बिना ऊपर बैठे अधिकारियों या नोडल एजेंसियों के 'बैकएंड एक्सेस' के बायोमेट्रिक मशीन कैसे ऑपरेट कर सकता है? क्या जांच सिर्फ ऑपरेटरों तक सीमित रहेगी?: @bihar_police की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन क्या जांच की आंच उन अधिकारियों तक नहीं जानी चाहिए जिनकी अनदेखी या संभावित मिलीभगत से यह संभव हो रहा है? असली जवाबदेही उनकी भी तय होनी चाहिए! बिहार में यह सिंडिकेट कब से एक्टिव है?: केवटी, सिंहवाड़ा और अब बहेड़ी... यह रैकेट आखिर कितने सालों से चल रहा है और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ हो चुका है? *दरभंगा में फर्जी आधार कार्ड गिरोह का खुलासा:* स्टूडियो में छापेमारी, दो गिरफ्तार; कंप्यूटर, प्रिंटर और संदिग्ध दस्तावेज बरामद dainik.bhaskar.com/JZw5KQPz12b सिर्फ मोहरों को पकड़ना काफी नहीं, सिस्टम में बैठे बड़े जिम्मेदारों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए! @CMOBihar @HMOIndia @UIDAI @bihar_police @ceo_uidai @UIDAIRanchi @CVCIndia @GoI_MeitY @DoPTGoI @AshwiniVaishnaw @AshwiniUpadhyay @AAPDAMITRABIHAR @ApnaBiharTeam @Bahari_Bihari @WithLoveBihar #AadhaarScam #Bihar #NationalSecurity #UIDAI #CyberCrime #SystemFail #Accountability




