Martin Henry retweetledi

हम पुकारते रहे,आया कोई नहीं..
कर्मचारियों का रवैया देखकर खून खौल गया। यह दर्द उस पिता के हैं जिसके सामने उसका बेटा 45 फीट नीचे गिरकर मर गया। फिरोजाबाद निवासी पंकज अग्रवाल बेटे कुनाल और पत्नी को लेकर आगरा चौपाटी पहुंचे थे। पंकज का फिरोजाबाद में चूड़ी का कारोबार है संडे को दुकान बंद होने के कारण घूमने का प्लान सेट हुआ। आगरा के तारघर मैदान में लगे कार्निवाल का आखिरी दिन कुनाल के जीवन का भी आखिरी साबित हुआ।पापा के साथ जीप लाइन पहुंचा। जिप लाइन की सेफ्टी रस्सी बांधी और पिता पंकज के सामने ही बेटा 45 फीट नीचे गिर गया। बदहवास पिता भाग कर नीचे आए जहां पर कुनाल गिर पड़ा था। नाक से खून निकल रहा था उल्टी हो रही थी।पंकज बताते हैं कि बेटे से ज्यादा दर्द मुझे इस बात का हुआ इतने बड़े हादसे के बाद भी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया।मैं और मेरी पत्नी चीखते रहे चौपाटी के कर्मचारियों का रवैया देखकर खून खौल गया। गुस्से में एक गार्ड का गिरेबान पकड़ लिया। इधर बीच इंसानियत तो मानो मर सी गई है। लोगों का आपसी इमोशनल-अपनापन खत्म होता जा रहा है?
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