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@Garima315797

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🚨 भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा – South Zone MCD के JE पर गंभीर आरोप 🚨 क्या South Zone MCD में बैठे कुछ अधिकारी अवैध निर्माण माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं? श्री Sachin Choudhary, जो वर्तमान में Devli / Mehrauli क्षेत्र में Junior Engineer के पद पर तैनात हैं, उन पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इससे पहले इनकी पोस्टिंग Sainik Farm में थी, जहाँ कथित तौर पर करोड़ों रुपये की रिश्वत लेकर अवैध निर्माणों को संरक्षण देने के आरोप लगे। अब नया मामला Devli 136 का सामने आया है, जहाँ कृषि भूमि पर अवैध रूप से 5-6-7 मंज़िला इमारतें खड़ी कर दी गईं, जबकि वहाँ निर्माण पूरी तरह गैरकानूनी है। आरोप है कि: • अवैध निर्माणकर्ताओं से भारी रिश्वत ली गई • शिकायतें आने पर केवल दिखावटी नोटिस दिए गए • सेटिंग के तहत सिर्फ ऊपर-ऊपर से तोड़फोड़ कर खानापूर्ति की गई • पूरी इमारतों को बचाने का प्रयास हुआ सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब demolition की कार्रवाई हुई तो स्थानीय लोगों ने खुलेआम आरोप लगाए कि: “कई करोड़ खा गया…” “Hisar में plotting कर रहा है…” यदि यह आरोप सही हैं तो यह सिर्फ departmental negligence नहीं बल्कि बड़े स्तर का भ्रष्टाचार है। अब बड़ा सवाल: ❓ क्या Municipal Corporation of Delhi इसकी निष्पक्ष जांच कराएगा? ❓ क्या Central Bureau of Investigation (CBI) इस पूरे मामले की जांच करेगी? ❓ क्या Sainik Farm और Devli में हुए कथित करोड़ों के खेल की financial trail खंगाली जाएगी? हमारी मांग: ✅ तत्काल suspension ✅ Vigilance/CBI inquiry ✅ संपत्तियों और आय के स्रोत की जांच ✅ Sainik Farm और Devli के सभी संदिग्ध निर्माणों की पुनः जांच यदि वीडियो और जनता के आरोप सही हैं तो यह दिल्ली में अवैध निर्माण माफिया और विभागीय मिलीभगत का बड़ा उदाहरण है। अब जवाब चाहिए। #MCDCorruption #SouthZoneMCD #Devli #Mehrauli #SainikFarm #DelhiCorruption #CBIInquiry #IllegalConstruction Tag: @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @LtGovDelhi @CMODelhi @mssirsa @ashishsood_bjp @hqrevenue_ @official_dda @DPCC_Pollution @HMOIndia @CBIHeadquarters @CVCIndia @parivartan54164 @CPCB_OFFICIAL @PMOIndia @gupta_rekha @DMSouthDelhi @AcbHeadDelhi @p_sahibsingh @DirectorPI_MCD @satya_office @RajaiqbalSingh3 @AdditionalMcd @BhallaAjay26 @PIBHomeAffairs

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विषय: केवल संपत्ति दर्ज करना पर्याप्त नहीं — अवैध निर्माण पर पूर्ण ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जाए माननीय @DCSOUTHZONE @MCD_Delhi @LtGovDelhi आपकी ओर से यह बताया गया कि संबंधित संपत्ति को दर्ज कर लिया गया है। यह जानकारी ठीक है, लेकिन जनता यह जानना चाहती है कि संपत्ति दर्ज करने के बाद अब तक वास्तविक कार्रवाई क्या की गई है? यदि निर्माण पूरी तरह अवैध और अनधिकृत है, तो अभी तक उसका पूर्ण ध्वस्तीकरण क्यों नहीं किया गया? केवल फाइल संख्या बताकर और संपत्ति दर्ज कर देने से समस्या का समाधान नहीं होता। यह केवल कागजी कार्यवाही और दिखावटी कार्रवाई प्रतीत होती है, जबकि अवैध निर्माण अभी भी जस का तस खड़ा है। इससे यह गंभीर प्रश्न उठता है कि क्या ऐसे अवैध निर्माणों को अवैध तरीकों, मिलीभगत या पैसों के प्रभाव से संरक्षण दिया जा रहा है। यदि कानून स्पष्ट है, तो कठोर कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई? जनता निम्न प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर चाहती है: 1. संपत्ति दर्ज होने के बाद ध्वस्तीकरण का नोटिस कब जारी किया गया? 2. अब तक वास्तविक ध्वस्तीकरण कार्रवाई क्यों नहीं हुई? 3. जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई? 4. क्या इस अवैध निर्माण को संरक्षण दिया जा रहा है? हम दक्षिण क्षेत्र एमसीडी से स्पष्ट मांग करते हैं कि: ✅ इस अवैध निर्माण को पूर्ण रूप से ध्वस्त किया जाए। ✅ केवल दिखावटी या आंशिक ध्वस्तीकरण बंद किया जाए। ✅ अवैध संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई हो। ✅ पूरी कार्रवाई के प्रमाण स्वरूप नवीनतम चित्र और विवरण सार्वजनिक किए जाएं। केवल संपत्ति दर्ज करना कार्रवाई नहीं है। वास्तविक कार्रवाई अवैध निर्माण को पूरी तरह हटाना है। जनता को केवल कागजी जवाब नहीं, बल्कि ज़मीन पर कठोर कार्रवाई चाहिए। @LtGovDelhi @CMODelhi @MCD_Delhi @CPCB_OFFICIAL @CVCIndia @HMOIndia @ashishsood_bjp @mssirsa @bha17233 @bsesdelhi @hqrevenue_ @official_dda @DPCC_Pollution @DelhiComplaint @parivartan54164 @DirectorPI_MCD @WelfareCrime #अवैध_निर्माण #अतिक्रमण #दक्षिण_क्षेत्र_एमसीडी #तत्काल_ध्वस्तीकरण #जवाबदेही

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अत्यंत गंभीर सार्वजनिक सूचना एवं कानूनी चेतावनी 🚨 “बधाई हो दिल्ली वालों” — अब लगता है कि वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्ज़ा करना आसान हो गया है। 500 गज, 100 गज, 200 गज की अवैध बिल्डिंगें बन रही हैं और लाखों-करोड़ों की कमाई खुलेआम हो रही है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि संबंधित विभाग या तो सो रहे हैं या फिर सब कुछ देखकर भी आंखें बंद किए बैठे हैं। अदिच्छिनी, दक्षिण दिल्ली में वक्फ कब्रिस्तान की संरक्षित भूमि पर बने अवैध बहुमंजिला निर्माण आज भी लगभग वैसे ही खड़े हैं। जो कार्रवाई दिखाई गई, वह सिर्फ Cosmetic Eyewash लग रही है। सबसे बड़ा सवाल: MCD पूरी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही? SDM, DDA और Waqf Board आखिर चुप क्यों हैं? अगर कब्रिस्तान की जमीन पर भी खुलेआम अवैध निर्माण जारी रह सकता है, तो फिर कानून का डर आखिर बचा कहाँ है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों की अवैध प्रॉपर्टी बनाई जा रही है और बाद में सिर्फ दिखावे की तोड़फोड़ कर मामला दबा दिया जाता है। प्रशासन से सीधा सवाल: अगर मंदिर या श्मशान घाट की जमीन पर अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं होगा, तो फिर कब्रिस्तान की जमीन पर यह सब क्यों? ✔ जड़ से पूरा ध्वस्तीकरण हो ✔ कब्रिस्तान भूमि पूरी तरह खाली कराई जाए ✔ बिल्डरों और जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR हो ✔ STF/Vigilance जांच कराई जाए जागो दिल्ली वालों जागो। आज कब्रिस्तान की जमीन जा रही है, कल सार्वजनिक जमीनें भी सुरक्षित नहीं रहेंगी। अब चुप्पी को मिलीभगत माना जाएगा। जनता सब देख रही है। @PMOIndia @HMOIndia @LtGovDelhi @CMODelhi @MCD_Delhi @official_dda @OfficialWaqf @DelhiPolice @CVCIndia @rashtrapatibhvn @gupta_rekha @DCSOUTHZONE @CPDelhi @DelhiComplaint @parivartan54164 @upadhyaysbjp @DirectorPI_MCD @bha17233 @bsesdelhi @DelhiJalBoard @ASIGoI @WelfareCrime @mssirsa @ashishsood_bjp @DMSouthDelhi

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बेहूदगी की हद है कि यह लफ़ंगे अब राष्ट्रगान का भी अपमान कर रहे हैं और @YouTube इनके दुस्साहसी वीडियो को होस्ट कर रहा है। एलन चौधरी के चैनल “Tinder in Real life” पर “one girl v/s 69 boys” जैसे गंदे शो में राष्ट्रगान का यह अपमान किया गया है। देश को निर्णय करना होगा और इन दुष्टों का इलाज करना होगा ।
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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से अपील की है कि मौजूदा वैश्विक संकट और West Asia में चल रहे तनाव को देखते हुए सभी लोग देशहित में जिम्मेदारी निभाएं। PM Modi की मुख्य अपीलें: • Petrol-Diesel का कम इस्तेमाल करें • Public Transport, Metro और Carpooling अपनाएं • जहाँ संभव हो फिर से Work From Home शुरू करें • अनावश्यक Foreign Travel और Destination Weddings टालें • 1 साल तक Gold की गैर-जरूरी खरीदारी रोकें • Made in India products को प्राथमिकता दें • EV और Railway transport को बढ़ावा दें • Fuel और Foreign Exchange बचाना आज देशहित में जरूरी है उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत को मिलकर आर्थिक मजबूती दिखानी होगी। 🇮🇳”
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🚨 अत्यंत गंभीर सार्वजनिक सूचना एवं कानूनी चेतावनी 🚨 “बधाई हो दिल्ली वालों” — अब लगता है कि वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्ज़ा करना आसान हो गया है। 500 गज, 100 गज, 200 गज की अवैध बिल्डिंगें बन रही हैं और लाखों-करोड़ों की कमाई खुलेआम हो रही है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि संबंधित विभाग या तो सो रहे हैं या फिर सब कुछ देखकर भी आंखें बंद किए बैठे हैं। अदिच्छिनी, दक्षिण दिल्ली में वक्फ कब्रिस्तान की संरक्षित भूमि पर बने अवैध बहुमंजिला निर्माण आज भी लगभग वैसे ही खड़े हैं। जो कार्रवाई दिखाई गई, वह सिर्फ Cosmetic Eyewash लग रही है। सबसे बड़ा सवाल: MCD पूरी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही? SDM, DDA और Waqf Board आखिर चुप क्यों हैं? अगर कब्रिस्तान की जमीन पर भी खुलेआम अवैध निर्माण जारी रह सकता है, तो फिर कानून का डर आखिर बचा कहाँ है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों की अवैध प्रॉपर्टी बनाई जा रही है और बाद में सिर्फ दिखावे की तोड़फोड़ कर मामला दबा दिया जाता है। प्रशासन से सीधा सवाल: अगर मंदिर या श्मशान घाट की जमीन पर अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं होगा, तो फिर कब्रिस्तान की जमीन पर यह सब क्यों? ✔ जड़ से पूरा ध्वस्तीकरण हो ✔ कब्रिस्तान भूमि पूरी तरह खाली कराई जाए ✔ बिल्डरों और जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR हो ✔ STF/Vigilance जांच कराई जाए जागो दिल्ली वालों जागो। आज कब्रिस्तान की जमीन जा रही है, कल सार्वजनिक जमीनें भी सुरक्षित नहीं रहेंगी। अब चुप्पी को मिलीभगत माना जाएगा। जनता सब देख रही है। @PMOIndia @HMOIndia @LtGovDelhi @CMODelhi @MCD_Delhi @official_dda @OfficialWaqf @DelhiPolice @CVCIndia @rashtrapatibhvn @gupta_rekha @DCSOUTHZONE @CPDelhi @DelhiComplaint @parivartan54164 @upadhyaysbjp @DirectorPI_MCD @bha17233 @bsesdelhi @DelhiJalBoard @ASIGoI @WelfareCrime @mssirsa @ashishsood_bjp @DMSouthDelhi
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URGENT PUBLIC NOTICE & LEGAL WARNING 🚨 The so-called “demolition action” in Adchini, South Delhi appears to be nothing more than cosmetic eyewash. Illegal multi-storey buildings on protected Waqf graveyard land are still standing almost untouched. Big question: Why is MCD not taking full action? Why are SDM, DDA & Waqf Board remaining silent while encroachment continues openly? It feels like a well-organized nexus where builders first complete illegal construction worth crores, and later symbolic demolition is done only to calm public outrage. Locals are questioning whether money and influence have completely weakened enforcement agencies. If illegal builders can openly continue construction on graveyard land, then what message is being sent about the rule of law? Another serious allegation is that flats worth ₹75–80 lakh are allegedly being sold selectively on religious lines. If true, this is not only unconstitutional but extremely dangerous for social harmony. Important question for authorities: If illegal construction on cremation grounds or temples would never be tolerated, then why is illegal construction on graveyard land being protected? This is no longer just an encroachment issue. This is about: - Abuse of protected religious land - Administrative failure - Possible corruption nexus - Selective enforcement of law We demand: ✔ Complete demolition from the root level ✔ Full restoration of graveyard land ✔ FIR against builders & responsible officials ✔ Independent STF/Vigilance inquiry ✔ Accountability of MCD officials for inaction If authorities continue to ignore this issue, the matter will be escalated before higher authorities, courts, vigilance bodies, and national public platforms. Silence will now be seen as complicity. The public is watching. @LtGovDelhi @MCD_Delhi @OfficialWaqf @official_dda @DelhiPolice @gupta_rekha @CVCIndia @DCSOUTHZONE @DMSouthDelhi @bsesdelhi @DelhiJalBoard @mssirsa @RajaiqbalSingh3 @parivartan54164 @DelhiComplaint @HMOIndia @hqrevenue_ @DirectorPI_MCD @DPCC_Pollution @upadhyaysbjp @ashishsood_bjp

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अत्यंत गंभीर कानूनी शिकायत एवं सार्वजनिक चेतावनी वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर संगठित कब्ज़ा, दिखावटी तोड़फोड़, और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप सेवा में, माननीय संबंधित अधिकारीगण, विषय: अदिच्छिनी गांव, दक्षिण दिल्ली में वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध बहुमंजिला निर्माण, अधूरी ध्वस्तीकरण कार्रवाई, प्रशासनिक मिलीभगत, तथा तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग। महोदय, अब यह मामला केवल अवैध निर्माण का नहीं रह गया है। यह एक संगठित भूमि घोटाला प्रतीत हो रहा है, जिसमें भूमाफिया, भ्रष्ट अधिकारी और जिम्मेदार संस्थाओं की चुप्पी मिलकर वक्फ कब्रिस्तान की पूरी जमीन को धीरे-धीरे खत्म कर रही है। जो “डिमोलिशन” किया गया, वह वास्तविक कार्रवाई कम और सिर्फ खानापूर्ति (Cosmetic Demolition) ज्यादा लग रहा है। बाहर से देखने पर इमारतें लगभग वैसी की वैसी खड़ी हैं। मूल ढांचा सुरक्षित है। अतिक्रमण जड़ से खत्म नहीं किया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि: - पहले अवैध निर्माण होने दिया गया, - फिर शिकायतों के दबाव में हल्की कार्रवाई दिखाई गई, - और अब पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल: DM कार्यालय कब पूरी कार्रवाई करेगा? MCD, DDA और Waqf Board आखिर कब जागेंगे? या फिर सच यही है कि “सेटिंग” के कारण सब कुछ जानबूझकर रोका जा रहा है? स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा आम है कि करोड़ों रुपये का खेल चल रहा है और इसी कारण पूरी कार्रवाई नहीं हो रही। बताया जा रहा है कि इन अवैध फ्लैटों की कीमत लगभग ₹75 लाख से ₹80 लाख प्रति फ्लैट तक रखी जा रही है — जबकि जमीन खुद वक्फ कब्रिस्तान की बताई जा रही है। यदि यह सत्य है, तो यह केवल अतिक्रमण नहीं बल्कि: - धार्मिक संपत्ति की लूट, - सरकारी तंत्र का दुरुपयोग, - और कानून का खुला मजाक है। अत्यंत चिंताजनक आरोप: यह भी आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ बिल्डर कह रहे हैं: “फ्लैट केवल मुसलमानों को दिए जाएंगे, हिंदुओं को नहीं।” यदि ऐसा है, तो यह: - संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन, - धर्म आधारित भेदभाव, - और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला मामला है। एक सीधा प्रश्न: क्या कोई हिंदू श्मशान घाट की जमीन पर अवैध बिल्डिंग बना सकता है? यदि नहीं, तो कब्रिस्तान की जमीन पर यह सब कैसे हो रहा है? कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। चाहे श्मशान हो या कब्रिस्तान — धार्मिक भूमि पर अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन से सवाल: - अधूरी कार्रवाई किसके आदेश पर हुई? - पूरा ध्वस्तीकरण क्यों नहीं किया गया? - वक्फ बोर्ड अब तक चुप क्यों है? - क्या अधिकारियों पर राजनीतिक या आर्थिक दबाव है? यदि जिम्मेदार संस्थाएं अपनी ही जमीन नहीं बचा पा रहीं, तो यह उनकी सीधी प्रशासनिक विफलता है। हमारी सख्त मांगें: 1. सभी अवैध निर्माणों का पूर्ण ध्वस्तीकरण किया जाए। 2. वक्फ कब्रिस्तान भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। 3. बिल्डरों, कब्जाधारियों और संबंधित अधिकारियों पर FIR दर्ज हो। 4. SDM, MCD, DDA और Waqf Board की भूमिका की जांच हो। 5. STF/Vigilance द्वारा स्वतंत्र जांच कराई जाए। 6. धर्म आधारित फ्लैट बिक्री के आरोपों की जांच हो। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से विशेष निवेदन @gupta_rekha जी, यदि आपकी सरकार सच में अवैध कब्जों के खिलाफ है, तो इस मामले में केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि जड़ से सफाई होनी चाहिए। कब्रिस्तान की जमीन को पूरी तरह मुक्त कराया जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। जनता अब सिर्फ नोटिस और दिखावे नहीं, बल्कि वास्तविक न्याय चाहती है। अंतिम चेतावनी: यदि इस मामले में अब भी केवल खानापूर्ति की गई, तो यह मुद्दा: - उच्च न्यायालय - लोकायुक्त - केंद्रीय सतर्कता आयोग - और राष्ट्रीय स्तर पर जनहित मामले के रूप में उठाया जाएगा। यह सिर्फ जमीन नहीं — कानून, आस्था, प्रशासनिक ईमानदारी और जनता के विश्वास का मामला है। अब चुप्पी नहीं चलेगी। जनता सब देख रही है। @LtGovDelhi @MCD_Delhi @OfficialWaqf @official_dda @DelhiPolice @gupta_rekha @DCSOUTHZONE @HMOIndia @mssirsa @ashishsood_bjp @CVCIndia @DirectorPI_MCD @DelhiPwd @DPCC_Pollution @CAQM_Official @parivartan54164 @BJP4Delhi @PIBHomeAffairs @bsesdelhi @DelhiJalBoard @DoWRRDGR_MoJS @bha17233 @DelhiComplaint @hqrevenue_ @gupta_rekha @DMSouthDelhi @KumaarSaagar @NBTDilli

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Reminder 🎗️ विषय: मालवीय नगर मार्केट में दोबारा अवैध अतिक्रमण, कथित उगाही नेटवर्क और प्रशासनिक संरक्षण — क्या फुटपाथ बिक चुके हैं? शिवारिक, मालवीय नगर मार्केट, एयरटेल स्टोर के पास स्थित “श्री राम चाट” द्वारा एक बार फिर फुटपाथ और सड़क पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। कुछ दिन पहले MCD की टीम आई थी, लेकिन कार्रवाई से पहले ही दुकान वाले को सूचना मिल गई। स्थानीय लोगों में खुलकर चर्चा है कि कुछ विभागीय लोग समय-समय पर पहले से खबर पहुंचाते हैं, ताकि केवल दिखावटी कार्रवाई हो और 1–2 दिन बाद फिर वही अवैध कब्जा शुरू हो जाए। सबसे बड़ा सवाल — जब MCD आने से पहले ही अतिक्रमण करने वालों को सूचना मिल जाती है, तो सूचना देने वाला कौन है? क्या यही कारण है कि फुटपाथ कभी स्थायी रूप से खाली नहीं होते? स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित “मंथली” वसूली के कारण ऐसे कब्जे दोबारा खड़े हो जाते हैं। कई ग्राहकों के सामने यह तक कहा गया कि “फुटपाथ हमारा है, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” अगर यह बात झूठ है तो MCD और PWD सार्वजनिक रूप से जवाब दें कि बार-बार वही अवैध कब्जा वापस कैसे आ जाता है? स्थिति बेहद शर्मनाक है: • फुटपाथ पर अवैध दुकान • जनता सड़क पर चलने को मजबूर • रोज ट्रैफिक जाम • अवैध पार्किंग • आपातकालीन सेवाओं तक बाधा • प्रशासन केवल खानापूर्ति में व्यस्त सवाल सिर्फ एक दुकान का नहीं है — सवाल यह है कि क्या दिल्ली में सरकारी फुटपाथ अब “मंथली सिस्टम” पर चल रहे हैं? कथित रूप से कुछ लोग ग्रीन पार्क ऑफिस स्तर तक संरक्षण देने की बात करते हैं। यदि इसमें सच्चाई नहीं है, तो तत्काल स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। और यदि सच्चाई है, तो यह सीधा भ्रष्टाचार, कर्तव्यहीनता और जनता के साथ विश्वासघात है। दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट बार-बार साफ कर चुके हैं कि फुटपाथ जनता के चलने के लिए हैं, निजी दुकानों के लिए नहीं। फिर भी मालवीय नगर में खुलेआम कानून का मजाक उड़ाया जा रहा है। @DelhiPolice से मांग है कि: • अवैध अतिक्रमण करवाने वाले व्यक्तियों पर FIR दर्ज हो • सड़क और फुटपाथ घेरने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो • कथित उगाही नेटवर्क की जांच हो • संबंधित विभागीय कर्मचारियों की भूमिका की जांच हो @MCD_Delhi @DelhiPwd @DCSOUTHZONE जनता अब जवाब चाहती है, सिर्फ दिखावटी कार्रवाई नहीं। यदि तुरंत स्थायी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला Vigilance, Lokayukta और न्यायिक मंचों तक ले जाया जाएगा। @LtGovDelhi @CMODelhi @DirectorPI_MCD @mssirsa @ashishsood_bjp @upadhyaysbjp @dtptraffic @SBM_MCD @DelhiComplaint @CVCIndia @FHatao @DirectorPI_MCD @satya_office @mssirsa @AdditionalMcd @PIBHomeAffairs @swachhbharat @SwachhBharatGov @parivartan54164 @SakshamF10412 नवीनतम फोटो संलग्न — अवैध कब्जे का स्पष्ट प्रमाण)

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दिल्ली के विवेक विहार क्षेत्र स्थित एक इमारत में आग लगने की हृदयविदारक घटना में कई नागरिकों की जनहानि का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं। साथ ही, घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। ॐ शांति।
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अत्यंत गंभीर कानूनी शिकायत एवं सार्वजनिक चेतावनी आंशिक (Cosmetic) तोड़फोड़, वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध कब्ज़ा, और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप सेवा में, माननीय संबंधित अधिकारीगण, विषय: अधूरी तोड़फोड़ कार्रवाई, वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर जारी अवैध निर्माण, भेदभावपूर्ण बिक्री के आरोप, तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग – अदिच्छिनी गांव, दक्षिण दिल्ली। महोदय, आज जो कार्रवाई की गई, वह वास्तविक कार्रवाई कम और सिर्फ दिखावटी (Cosmetic) तोड़फोड़ ज्यादा प्रतीत होती है। अवैध बहुमंजिला इमारतों का मूल ढांचा अब भी खड़ा है, और वक्फ कब्रिस्तान की भूमि से अतिक्रमण पूरी तरह साफ नहीं किया गया है। यह स्पष्ट संकेत देता है कि या तो प्रशासन गंभीर नहीं है, या फिर मिलीभगत के तहत जानबूझकर आधी-अधूरी कार्रवाई की जा रही है। प्रमुख चिंताएं: - अवैध निर्माण अब भी जस का तस खड़े हैं - तोड़फोड़ केवल ऊपर-ऊपर से की गई है - भूमि पूरी तरह खाली नहीं कराई गई - बिल्डरों का मनोबल ऊंचा है, जिससे संरक्षण की आशंका - “पैसे के दम” पर कार्रवाई रोकने के गंभीर आरोप अत्यंत चिंताजनक आरोप: स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आ रहा है कि कुछ बिल्डर खुले तौर पर कह रहे हैं कि: “फ्लैट केवल मुसलमानों को ही दिए जाएंगे, हिंदुओं को नहीं” यदि यह सत्य है, तो यह न केवल सामाजिक रूप से गलत है, बल्कि: - संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन - अनुच्छेद 15 (धर्म के आधार पर भेदभाव निषिद्ध) का उल्लंघन - और कानूनन दंडनीय अपराध है एक महत्वपूर्ण प्रश्न: क्या यही नियम अन्य धार्मिक स्थलों पर भी लागू होगा? क्या हिंदू भी अपने श्मशान घाटों पर अवैध निर्माण कर सकते हैं? यदि नहीं, तो फिर कब्रिस्तान की भूमि पर इस प्रकार का निर्माण कैसे और क्यों सहन किया जा रहा है? कानून सभी के लिए समान होना चाहिए — चाहे वह कब्रिस्तान हो या श्मशान घाट, अवैध निर्माण हर स्थिति में अपराध है। लागू कानूनों का उल्लंघन: - वक्फ अधिनियम, 1995 - दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 - भारतीय दंड संहिता (IPC) – धोखाधड़ी, साजिश, पद का दुरुपयोग - भारतीय संविधान के मूल अधिकार प्रशासन से सीधे सवाल: - पूरी तोड़फोड़ क्यों नहीं की गई? - किसके आदेश पर अधूरी कार्रवाई हुई? - वक्फ बोर्ड अब तक चुप क्यों है? - क्या यह सब दबाव या लेन-देन के कारण हो रहा है? वक्फ बोर्ड की चुप्पी बेहद संदिग्ध और निराशाजनक है। जब उनकी अपनी कब्रिस्तान भूमि पर कब्ज़ा हो रहा है, तो उनका निष्क्रिय रहना सीधी जिम्मेदारी से बचना है। हमारी सख्त मांगें: 1. पूरी तरह ध्वस्तीकरण (Complete Demolition) सभी अवैध निर्माणों को जड़ से हटाया जाए, सिर्फ दिखावा नहीं। 2. भूमि की पुनः बहाली वक्फ कब्रिस्तान की जमीन को पूरी तरह खाली कराकर सुरक्षित किया जाए। 3. FIR और गिरफ्तारी बिल्डर, कब्जाधारी और संबंधित अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज हो। 4. भेदभाव की जांच धर्म के आधार पर फ्लैट बेचने के आरोपों की जांच कर कार्रवाई हो। 5. अधिकारियों की जवाबदेही तय हो SDM, MCD, DDA और वक्फ बोर्ड के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। 6. स्वतंत्र जांच (STF/Vigilance) पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर असली दोषियों को सामने लाया जाए। अंतिम चेतावनी: यदि इस बार भी केवल दिखावटी कार्रवाई की गई और अवैध कब्ज़ा नहीं हटाया गया, तो यह मामला आगे बढ़ाया जाएगा: - उच्च न्यायालय - लोकायुक्त - केंद्रीय सतर्कता आयोग - राष्ट्रीय स्तर पर जनहित मुद्दे के रूप में यह केवल जमीन का मामला नहीं है — यह कानून, आस्था, और जनता के विश्वास का सवाल है। अब आधी-अधूरी कार्रवाई स्वीकार नहीं होगी। जवाबदेही तय होकर रहेगी। जनता सब देख रही है। चुप्पी अब सहन नहीं की जाएगी। @LtGovDelhi @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @HMOIndia @OfficialWaqf @DelhiPolice @DelhiComplaint @addlcomm @gupta_rekha @official_dda @DPCC_Pollution @dofwgnctd @NBTDilli @mssirsa @ashishsood_bjp @official_dda @OfficialWaqf @AmitShahOffice @shashvat_IAS @SandhuTaranjitS @saravanakr_n @VPIndia @tokhansahu_bjp @mlkhattar @PTI_News @ani_digital @MLJ_GoI @swachhbharat @mygovindia @CVCIndia @PIB_India @moefcc @CPCB_OFFICIAL @tweetndmc @MoHUA_India @DMSouthDelhi @DirectorPI_MCD @newmedia89 @satya_office @p_sahibsingh @Secretary_MoHUA @parivartan54164 @KhanAli553178 @SakshamF10412 @Garima315797 @BJP4Delhi @gupta_rekha @bsesdelhi @DelhiJalBoard

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श्रीमती @gupta_rekha जी, यह केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का गंभीर दस्तावेज है। T-34-C, Khirki Extension, Malviya Nagar, New Delhi 110017 में लगातार फैली गंदगी, सड़कों पर पड़ा कूड़ा, बदबू, संक्रमण का खतरा और महीनों से लंबित सफाई—यह सब सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य, गरिमा और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अनेक शिकायतों, निवेदनों और स्थानीय स्तर पर बार-बार ध्यान आकर्षित करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आज तक कूड़ा नहीं उठाया गया। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि कर्तव्यहीनता (dereliction of duty) और जनहित की खुली अवहेलना है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन और स्वच्छ वातावरण में रहने का अधिकार प्राप्त है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी कई निर्णयों में साफ कहा है कि स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य, जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा हैं। इसके अतिरिक्त: Solid Waste Management Rules, 2016 के तहत स्थानीय निकायों की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि कूड़ा समयबद्ध तरीके से उठाया जाए, खुले में जमा न रहने दिया जाए, और नागरिक क्षेत्रों को स्वच्छ रखा जाए। Delhi Municipal Corporation Act, 1957 की धाराओं के अनुसार सार्वजनिक स्थानों की सफाई, कचरा प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना निगम की बाध्यकारी जिम्मेदारी है। यदि कोई अधिकारी शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं करता, तो यह लोकसेवक के कर्तव्य पालन में विफलता की श्रेणी में आता है, जिसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। आज स्थिति यह है कि छोटे बच्चे इसी गंदगी के बीच रह रहे हैं। मच्छर, कीड़े, बदबू, संक्रमण और बीमारियों का खतरा हर दिन बढ़ रहा है। यह केवल सफाई का मामला नहीं—यह Public Health Emergency है। क्या प्रशासन की जिम्मेदारी केवल पॉश कॉलोनियों तक सीमित है? क्या आम बस्तियों, गलियों और मध्यमवर्गीय क्षेत्रों के नागरिक दूसरे दर्जे के हैं? क्या टैक्स देने वाली जनता को केवल आश्वासन और जिम्मेदारी टालने का जवाब ही मिलेगा? यदि तत्काल प्रभाव से: 1. क्षेत्र की संपूर्ण सफाई, 2. जमा कूड़े का निष्पादन, 3. नियमित सफाई व्यवस्था, 4. जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई, तो स्थानीय निवासी बाध्य होंगे कि इस मामले को: उच्च प्रशासनिक अधिकारियों, मीडिया संस्थानों, जनहित मंचों, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), लोकायुक्त / विजिलेंस विभाग, और आवश्यक होने पर न्यायालय तक ले जाएँ। यह चेतावनी नहीं—नागरिक अधिकारों की वैधानिक मांग है। अब और उपेक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी। #KhirkiExtension #MalviyaNagar #DelhiCivicIssues #MCD #PublicHealthEmergency #AdministrativeFailure #CleanDelhi #RightToHealth #Article21 #AccountabilityNow Tag: @MCD_Delhi @officialSDMC @LtGovDelhi @CMODelhi @DelhiGovDigital @DCSOUTHZONE @DirectorPI_MCD @jakhar470 @upadhyaysbjp @SwachSurvekshan @SBM_MCD @SwatiJaiHind @MoHUA_India @swachhbharat @DPCC_Pollution @mssirsa

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एक सरकारी बस चालक की जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा है — न कि चलती बस में महिलाओं से बातचीत कर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करना। जानकारी के अनुसार, यह व्यक्ति “Ali” नाम से जाना जाता है और सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाकर ड्यूटी के दौरान कंटेंट तैयार करता है। यदि यह सही है, तो यह मामला और भी गंभीर हो जाता है, क्योंकि सरकारी जिम्मेदारी और व्यक्तिगत प्रचार एक साथ नहीं चल सकते। अगर कोई DTC चालक ड्यूटी के दौरान इस तरह का व्यवहार कर रहा है, तो यह केवल गैर-पेशेवर नहीं बल्कि गंभीर सुरक्षा, नैतिकता और यात्रियों की निजता का मामला है। सार्वजनिक परिवहन सेवा मनोरंजन मंच नहीं है। कई लोगों ने इस विषय पर शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होना सवाल खड़े करता है। श्रीमती @gupta_rekha ji, जनता जानना चाहती है — क्या नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं? क्या सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी के समय सोशल मीडिया शो करने की खुली छूट है? यदि महिलाओं की गरिमा, यात्रियों की निजता और सेवा अनुशासन का उल्लंघन हो रहा है, तो तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यह मज़ाक नहीं, जवाबदेही का मुद्दा है। #DTC #DelhiTransport #PassengerSafety #WomenSafety #Accountability #delhicoloniesregularised @dtchq_delhi @dtptraffic @NBTDilli @bha17233 @CMODelhi @LtGovDelhi @dtc_union @HMOIndia @DelhiPolice

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Attention @DelhiPolice A bike has been abandoned and illegally parked in the narrow lane between Gali No. 6 and 7, near Gupta Sweet, Tughalkabad Extension, Madhya Marg, New Delhi – 110019. It has been standing there since 1 May and is causing obstruction in a very narrow passage used by local residents. This creates inconvenience and raises safety concerns in the area. Kindly verify the vehicle and take necessary action at the earliest. Vehicle Number: DL3SFE1320 Location: Between Gali No. 6 & 7, near Gupta Sweet, Tughalkabad Extension, Madhya Marg, New Delhi 110019 #DelhiPolice #Tughalkabad #PublicSafetyAap @LtGovDelhi

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अत्यंत गंभीर शिकायत — सरकारी संपत्ति को नुकसान, जनसुरक्षा से खिलवाड़, और प्रशासनिक निष्क्रियता पर सवाल सेवा में, आयुक्त, लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली आयुक्त, नगर निगम दिल्ली (MCD) दिल्ली पुलिस जिला प्रशासन, दक्षिण दिल्ली विषय: हौज रानी, साकेत क्षेत्र में सरकारी लोहे की ग्रिल को अवैध रूप से काटकर हटाने, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने, तथा संबंधित विभागों की निष्क्रियता के संबंध में तत्काल कठोर कार्रवाई हेतु शिकायत। महोदय/महोदया, यह शिकायत हौज रानी, साकेत — मैक्स स्मार्ट हॉस्पिटल (गेट नं. 6) के सामने स्थित सरकारी संपत्ति को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किए जाने के गंभीर मामले से संबंधित है। स्थानीय स्तर पर यह स्पष्ट रूप से देखा गया है कि SMART GEN LAB से जुड़े लोगों द्वारा अपने व्यावसायिक हितों के लिए सड़क के बीच स्थापित सरकारी लोहे की ग्रिल को काटकर हटाया गया है। यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति पर सीधा हमला और कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है। स्थान का विवरण: 36, Hauz Rani, Malviya Nagar, Opposite Max Smart Hospital Gate No. 6, New Delhi इस अवैध कार्रवाई के कारण: - भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है - पैदल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है - सार्वजनिक व्यवस्था और शहरी सुरक्षा प्रभावित हो रही है यदि कोई निजी संस्था अपने लाभ के लिए सरकारी ढांचे को काट सकती है, तो यह एक बेहद खतरनाक उदाहरण है। इससे अन्य लोगों का भी मनोबल बढ़ेगा कि वे बिना डर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाएं। प्रशासनिक लापरवाही भी उतनी ही गंभीर है। यदि संबंधित विभागों को शिकायतें दी गईं और फिर भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह केवल निष्क्रियता नहीं बल्कि जवाबदेही से बचना है। सरकारी विभागों का काम कानून लागू करना है, न कि उल्लंघनकर्ताओं को संरक्षण देना। लागू कानूनी प्रावधान: - IPC 427 — सरकारी/सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान - IPC 283 — सार्वजनिक मार्ग में बाधा/खतरा - IPC 268 — लोक उपद्रव - Prevention of Damage to Public Property Act - PWD एवं MCD नियमों का उल्लंघन मेरी मांगें: 1. इस घटना की तत्काल जांच कराई जाए। 2. जिम्मेदार व्यक्तियों/संस्था के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। 3. क्षतिग्रस्त सरकारी ग्रिल को तुरंत बहाल किया जाए। 4. संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। 5. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु कड़ी निगरानी की जाए। यदि इस प्रकार की घटनाओं पर तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह संदेश जाएगा कि दिल्ली में सरकारी संपत्ति असुरक्षित है और नियम केवल कागज़ों तक सीमित हैं। कृपया इसे अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करें। सधन्यवाद, @DelhiPwd @DelhiPolice @LtGovDelhi @MCD_Delhi @DirectorPI_MCD @DCSOUTHZONE @DMSouthDelhi @dtptraffic @parivartan54164 @HMOIndia @DPCC_Pollution @DelhiComplaint @gupta_rekha @CMODelhi @upadhyaysbjp @CAQM_Official @dtchq_delhi @CPCB_OFFICIAL

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प्रिय माननीय अधिकारियों,विषयः अदिच्छिनी गांव, न्यू दिल्ली में वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं भवन निर्माण, MCD के JE श्री प्रवीण कुमार द्वारा रिश्वत लेकर दी जा रही अवैध अनुमति तथा दक्षिण दिल्ली जोन में फैले भ्रष्टाचार की शिकायत एवं तत्काल कार्रवाई की मांगमाननीय महोदय,मैं परिवर्तन फाउंडेशन (A Change) की ओर से आपका ध्यान MCD दक्षिण जोन, अदिच्छिनी गांव, न्यू दिल्ली स्थित वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर हो रहे गंभीर अवैध अतिक्रमण की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। संलग्न पोस्टर/तस्वीरों में स्पष्ट दिखाया गया है कि:हाउस नंबर 113-C, जामा मस्जिद मदरसा के पास, अदिच्छिनी गांव हाउस नंबर 113-A/B, खसरा नंबर 160, जामा मस्जिद मदरसा के पास हाउस नंबर 113/1 के बगल में, दर्गाह हजरत बीबी जुलेखा माई साहिबा के सामने इन स्थानों पर बिल्डरों ने वक्फ बोर्ड की कब्रिस्तान भूमि पर बड़े-बड़े बहुमंजिला भवन अवैध रूप से बना दिए हैं। यह वक्फ एक्ट 1995 (धारा 3(r), 51 एवं 52) तथा दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट 1957 का सीधा उल्लंघन है। कब्रिस्तान भूमि पर अतिक्रमण एवं निर्माण सख्ती से प्रतिबंधित है तथा ऐसे निर्माण तुरंत ध्वस्त किए जाने योग्य हैं।सबसे गंभीर बात यह है कि ये सारी निर्माण गतिविधियां MCD के JE श्री प्रवीण कुमार के माध्यम से कराई जा रही हैं। शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही क्योंकि रिश्वत लेकर अवैध निर्माण की अनुमति दी जा रही है। यह समस्या केवल अदिच्छिनी गांव तक सीमित नहीं है। खिरकी एक्सटेंशन, पंचशील विहार, मालवीय नगर समेत दक्षिण दिल्ली के सभी वार्डों में यही हालात हैं। MCD के कुछ अधिकारी मेहनत की कमाई से पेट नहीं भरने के कारण रिश्वत लेकर गलत काम की अनुमति दे रहे हैं।हमारी मांगें:उक्त सभी अवैध निर्माणों को तुरंत ध्वस्त किया जाए। कब्रिस्तान भूमि से सारा अतिक्रमण हटाया जाए। बिल्डरों, MCD अधिकारियों (विशेष रूप से JE श्री प्रवीण कुमार) तथा संलिप्त MCD अधिकारियों के विरुद्ध FIR दर्ज की जाए। पूरे दक्षिण दिल्ली जोन में ऐसे सभी अवैध निर्माणों की जांच करवाई जाए। हम @MCD_Delhi , @LtGovDelhi , @CMODelhi , @PMOIndia , @DCSOUTHZONE @DelhiWaqfBoard @MCD_Delhi @DMSouthDelhi @MoHUA_India @LokNiwasDelhi @ashishsood_bjp @official_dda stf से तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई की अपील करते हैं।यह मामला केवल भूमि का नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और अल्पसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं का भी है। कृपया तुरंत कार्रवाई करें, अन्यथा यह बड़ा कानून-व्यवस्था का मुद्दा बन जाएगा।जल्द कार्रवाई की अपेक्षा में परिवर्तन फाउंडेशन (A Change
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अत्यंत गंभीर कानूनी शिकायत एवं अंतिम चेतावनी वक्फ कब्रिस्तान भूमि पर माफियाओं का कब्ज़ा, बहुमंजिला निर्माण, MCD अधिकारियों की मिलीभगत, और वक्फ बोर्ड की चुप्पी पर सवाल सेवा में, माननीय संबंधित अधिकारीगण, विषय: अदिच्छिनी गांव, दक्षिण दिल्ली में वक्फ कब्रिस्तान की संरक्षित भूमि पर अवैध कब्ज़ा, बहुमंजिला निर्माण, सरकारी भ्रष्टाचार, और वक्फ बोर्ड की घोर लापरवाही के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग महोदय, यह कोई सामान्य शिकायत नहीं है। यह कानून, धार्मिक विरासत, सार्वजनिक भूमि और मृतकों के सम्मान पर खुलेआम हमला है। अदिच्छिनी गांव, दक्षिण दिल्ली में वक्फ कब्रिस्तान की भूमि — जो धार्मिक एवं संरक्षित श्रेणी में आती है — उस पर भूमि माफियाओं द्वारा अवैध कब्ज़ा कर बहुमंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं, और सबसे चिंताजनक बात यह है कि MCD अधिकारी, स्थानीय प्रशासन, और स्वयं वक्फ बोर्ड की निष्क्रियता इस संगठित अपराध को संरक्षण दे रही है। यह सिर्फ अतिक्रमण नहीं — यह कब्रिस्तान का अपमान, वक्फ संपत्ति की लूट, और कानून व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाने वाला संगठित घोटाला है। 📍 अवैध निर्माण के चिन्हित स्थान हाउस नं. 113-C, जामा मस्जिद मदरसा के पास हाउस नं. 113-A/B, खसरा नं. 160 हाउस नं. 113/1 के पास, दरगाह हजरत बीबी जुलेखा माई साहिबा के सामने इन सभी स्थानों पर वक्फ कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध बहुमंजिला निर्माण किया गया है / किया जा रहा है। ⚖️ यह किन कानूनों का खुला उल्लंघन है? वक्फ अधिनियम, 1995 – धारा 3(r), 51, 52 दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन अधिनियम, 1957 भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, सरकारी कार्य में बाधा भूमि उपयोग एवं संरक्षित धार्मिक संपत्ति नियम कब्रिस्तान भूमि पर निर्माण गंभीर दंडनीय अपराध है। यह भूमि खरीदी-बेची, ट्रांसफर, या निर्माण हेतु उपयोग नहीं की जा सकती। 🚨 MCD की भूमिका — संरक्षण या भ्रष्टाचार? स्थानीय शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना गंभीर संदेह पैदा करता है। विशेष रूप से MCD के JE श्री प्रवीण कुमार की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। लगातार शिकायतों के बावजूद निर्माण जारी रहना इस बात की ओर संकेत करता है कि: या तो प्रशासन अक्षम है, या फिर भ्रष्टाचार के कारण जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं। यदि रिश्वत लेकर अवैध निर्माण को संरक्षण दिया जा रहा है, तो यह लोक सेवक के पद का दुरुपयोग है और इस पर आपराधिक कार्रवाई अनिवार्य है। वक्फ बोर्ड से सीधा सवाल क्या वक्फ बोर्ड को अपनी ही संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है? जब उनकी भूमि पर कब्ज़ा हो रहा है, कब्रिस्तान की जगह इमारतें बन रही हैं, तब उनकी चुप्पी क्यों? यदि वक्फ बोर्ड अपनी संपत्ति की रक्षा नहीं कर सकता, तो यह उसकी प्रशासनिक विफलता है। यह अंतिम चेतावनी समझी जाए यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो वक्फ बोर्ड की जिम्मेदारी और जवाबदेही सार्वजनिक रूप से उठाई जाएगी। कब्रिस्तान केवल ज़मीन नहीं होता — वह आस्था, इतिहास और समुदाय की गरिमा का प्रतीक होता है। 📢 हमारी कानूनी एवं प्रशासनिक मांगें 1. तत्काल ध्वस्तीकरण कार्रवाई सभी अवैध निर्माणों पर बिना देरी बुलडोज़र कार्रवाई हो। 2. भूमि का पुनः अधिग्रहण वक्फ कब्रिस्तान भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त किया जाए। 3. FIR एवं गिरफ्तारी बिल्डरों, कब्जाधारियों, JE प्रवीण कुमार, और संबंधित अधिकारियों पर FIR दर्ज हो। 4. स्वतंत्र जांच पूरे South Delhi Zone में वक्फ एवं सार्वजनिक भूमि पर निर्माण की STF / Vigilance जांच हो। 5. वक्फ बोर्ड जवाबदेही रिपोर्ट दिल्ली वक्फ बोर्ड 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक स्थिति रिपोर्ट जारी करे। ⚠️ अंतिम चेतावनी यदि इस शिकायत पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला उच्च न्यायालय, लोकायुक्त, केंद्रीय सतर्कता आयोग, और राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। साथ ही, यह मुद्दा जनहित, धार्मिक संरक्षण, और प्रशासनिक जवाबदेही का राष्ट्रीय प्रश्न बनेगा। जनता चुप नहीं रहेगी। @LtGovDelhi @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @HMOIndia @OfficialWaqf @DelhiPolice @DelhiComplaint @addlcomm @gupta_rekha @KumaarSaagar @parivartan54164 @rashtrapatibhvn @official_dda @DPCC_Pollution @dofwgnctd @NBTDilli @mssirsa @ashishsood_bjp

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Delhi | A case of custodial death has been reported in the Jahangirpuri area of the North-West district. Last night, a man was being brought to the Jahangirpuri police station after being found roaming suspiciously in the area. His health suddenly deteriorated on the way. The police immediately admitted him to the nearby Babu Jagjivan Ram Memorial Hospital, where he died during treatment. The police are currently investigating the entire matter: Delhi Police
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🚨 मालवीय नगर में अवैध कब्जे का खुलासा – प्रशासन की मिलीभगत? 🚨 📍 लोकेशन: शिवालिक, मालवीय नगर मार्केट, एयरटेल स्टोर के पास, नई दिल्ली यहां “Shree Ram Chaat” नाम से चल रहा गोलगप्पे का ठेला खुलेआम फुटपाथ और सड़क पर अवैध कब्जा किए हुए है, जिससे आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। ⚠️ जमीनी हकीकत: - सुबह और शाम इतनी भीड़ हो जाती है कि फुटपाथ पर चलना नामुमकिन हो जाता है - लोग गोलगप्पे खाने के लिए गाड़ियां सड़क के बीच में पार्क कर देते हैं - पहले से संकरी सड़क और भी ज्यादा जाम हो जाती है - किसी भी वक्त इमरजेंसी वाहन भी फंस सकते हैं 🚑 💰 गंभीर आरोप: - सूत्रों के अनुसार यह ठेला ₹1000 रोजाना के हिसाब से अवैध रूप से लगाया जा रहा है - यह पैसा उस मकान मालिक को दिया जाता है जिसके सामने यह ठेला लगता है - MCD और PWD की मिलीभगत का शक, वरना इतनी खुली लापरवाही कैसे? ❗ प्रशासन की नाकामी: - जब भी MCD या PWD की टीम आती है, पहले से सूचना दे दी जाती है - ठेला कुछ समय के लिए हटा लिया जाता है - टीम जाते ही फिर से अवैध कब्जा शुरू 📢 जनता के सवाल: - क्या अब फुटपाथ भी बिक चुके हैं? - क्या आम आदमी की सुरक्षा की कोई कीमत नहीं? - क्या सिर्फ पैसा ही सब कुछ है? 📣 हमारी मांग: 👉 इस अवैध ठेले को तुरंत हटाया जाए 👉 फुटपाथ को पूरी तरह कब्जामुक्त किया जाए 👉 दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए 🙏 टैग्ड अथॉरिटीज (Higher Authorities): @LtGovDelhi @CMODelhi @DelhiPolice @MCD_Delhi @PWDDelhi @HMOIndia @AmitShahOffice @DirectorPI_MCD @DelhiComplaint तुरंत मौके पर जांच कर इस अवैध गतिविधि को बंद कराया जाए। ⚡ चेतावनी: यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह मुद्दा उच्च स्तर तक उठाया जाएगा। #अवैध_कब्जा #मालवीयनगर #दिल्ली_समस्या #MCD #PWD #जन_सुरक्षा #FootpathEncroachment
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