पंचायत सहायक यूनियन आजमगढ़
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पंचायत सहायक यूनियन आजमगढ़
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पंचायत सहायक यूनियन का आधिकारिक अकाउंट 🫳@psunionup | YT:- https://t.co/8cnVUa9cBE मा. जिलाध्यक्ष. @YasirKhanPSU रजि० स०- LUC/08494/2024-2025
















आज संसद भवन परिसर से कर्मचारियों के हक में आवाज बुलंद की... जब काम एक जैसा है, तो सैलरी और सम्मान में भेदभाव क्यों? माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी कहा है—“Equal Pay for Equal Work” हर कर्मचारी का हक़ है। संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 39(d) स्पष्ट तौर पर देश के प्रत्येक नागरिक को सरकारी नौकरियों में अवसर की समानता और समान कार्य के बदले समान वेतन का अधिकार बताते हैं। तो फिर समान कार्य करने पर संविदा कर्मियों को स्थायी कर्मचारियों से वेतन कम क्यों? यह अन्याय नहीं तो और क्या है? "समान काम, समान वेतन, समान सम्मान" एक संवैधानिक और कानूनी सिद्धांत है। इसका अर्थ है कि अगर दो व्यक्ति समान योग्यता के साथ समान पद पर समान कार्य कर रहे हैं तो उन्हें समान वेतन मिलना चाहिए, चाहे वह स्थायी कर्मचारी हों या अस्थायी या संविदा कर्मचारी। देश के कर्मचारियों के हक, अधिकार और मान–सम्मान से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर भीम —आर्मी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) @mygovindia से विनम्र अनुरोध करती है कि इस महत्वपूर्ण विषय पर देश भर के कर्मचारियों के हित में स्पष्ट और प्रभावी कानून बनाया जाए और कर्मचारियों को उनका न्यायसंगत हक देने में सहयोग किया जाए। #समान_काम_समान_वेतन_समान_सम्मान #समान_काम #समान_वेतन #समान_सम्मान @PMOIndia @narendramodi @FinMinIndia @nsitharaman @LabourMinistry @mansukhmandviya

आज संसद भवन परिसर से कर्मचारियों के हक में आवाज बुलंद की... जब काम एक जैसा है, तो सैलरी और सम्मान में भेदभाव क्यों? माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी कहा है—“Equal Pay for Equal Work” हर कर्मचारी का हक़ है। संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 39(d) स्पष्ट तौर पर देश के प्रत्येक नागरिक को सरकारी नौकरियों में अवसर की समानता और समान कार्य के बदले समान वेतन का अधिकार बताते हैं। तो फिर समान कार्य करने पर संविदा कर्मियों को स्थायी कर्मचारियों से वेतन कम क्यों? यह अन्याय नहीं तो और क्या है? "समान काम, समान वेतन, समान सम्मान" एक संवैधानिक और कानूनी सिद्धांत है। इसका अर्थ है कि अगर दो व्यक्ति समान योग्यता के साथ समान पद पर समान कार्य कर रहे हैं तो उन्हें समान वेतन मिलना चाहिए, चाहे वह स्थायी कर्मचारी हों या अस्थायी या संविदा कर्मचारी। देश के कर्मचारियों के हक, अधिकार और मान–सम्मान से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर भीम —आर्मी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) @mygovindia से विनम्र अनुरोध करती है कि इस महत्वपूर्ण विषय पर देश भर के कर्मचारियों के हित में स्पष्ट और प्रभावी कानून बनाया जाए और कर्मचारियों को उनका न्यायसंगत हक देने में सहयोग किया जाए। #समान_काम_समान_वेतन_समान_सम्मान #समान_काम #समान_वेतन #समान_सम्मान @PMOIndia @narendramodi @FinMinIndia @nsitharaman @LabourMinistry @mansukhmandviya







राज्य कर्मचारी और उनके परिवार के लिए – निःशुल्क और कैशलेस इलाज की सुविधा अब उत्तर प्रदेश सरकार के साथ। #UPHealthScheme #UPGovtForEmployees #CashlessTreatmentUP #EmployeeWellbeing #UttarPradeshYojana #SwasthParivar #UPGovernmentInitiative






आज संसद भवन परिसर से कर्मचारियों के हक में आवाज बुलंद की... जब काम एक जैसा है, तो सैलरी और सम्मान में भेदभाव क्यों? माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी कहा है—“Equal Pay for Equal Work” हर कर्मचारी का हक़ है। संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 39(d) स्पष्ट तौर पर देश के प्रत्येक नागरिक को सरकारी नौकरियों में अवसर की समानता और समान कार्य के बदले समान वेतन का अधिकार बताते हैं। तो फिर समान कार्य करने पर संविदा कर्मियों को स्थायी कर्मचारियों से वेतन कम क्यों? यह अन्याय नहीं तो और क्या है? "समान काम, समान वेतन, समान सम्मान" एक संवैधानिक और कानूनी सिद्धांत है। इसका अर्थ है कि अगर दो व्यक्ति समान योग्यता के साथ समान पद पर समान कार्य कर रहे हैं तो उन्हें समान वेतन मिलना चाहिए, चाहे वह स्थायी कर्मचारी हों या अस्थायी या संविदा कर्मचारी। देश के कर्मचारियों के हक, अधिकार और मान–सम्मान से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर भीम —आर्मी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) @mygovindia से विनम्र अनुरोध करती है कि इस महत्वपूर्ण विषय पर देश भर के कर्मचारियों के हित में स्पष्ट और प्रभावी कानून बनाया जाए और कर्मचारियों को उनका न्यायसंगत हक देने में सहयोग किया जाए। #समान_काम_समान_वेतन_समान_सम्मान #समान_काम #समान_वेतन #समान_सम्मान @PMOIndia @narendramodi @FinMinIndia @nsitharaman @LabourMinistry @mansukhmandviya














