sachin tumbada retweetledi

#DECODE | 103 साल के लखन, जिनका गुनाह कभी शायद साबित नहीं हो पाया, लेकिन सज़ा पूरी ज़िंदगी बन गई। 1977 में गिरफ्तार हुए, 1982 में आजीवन कारावास मिला, और अब- 2025 में- इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रिहा हुए हैं।
क्या यह इंसाफ है... या एक ऐसे सिस्टम की चुप्पी, जिसने ज़िंदगी को कैद में बर्बाद कर दिया?
'DECODE with Sudhir Chaudhary' में आज हम सिर्फ एक खबर नहीं, एक सवाल उठाते हैं- क्या न्याय इतनी देर से आए, तो क्या वो सच में न्याय रह जाता है?
Full show link:🔗youtu.be/2uCADxKVCn0?si…
@sudhirchaudhary

YouTube
हिन्दी


































