
भारत के गरीब बच्चों को पढ़ाने के प्राइवेट स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबों के स्थान पर NCERT और SCERT की किफ़ायती पुस्तकों का उपयोग किये जाने हेतु मैंने RTE Act 2009 की परिधि के अंतर्गत PHR 1993 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए राज्य सरकारों को निर्देश दिया था। पता चला है कि शिक्षा माफिया दबाव बना कर मेरे आदेश को पलटवाने/स्टे करवाने अथवा रुकवाने के लिए साम-दाम-भेद की नीति अपना रहा है। पर हम भारत के गरीब-मिडिल क्लास परिवारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे । क्योंकि,यह देश हमारा है।











